कैथल में हड़ताल पर रहे 1100 केमिस्ट:सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, बोले- दवाईयों की ऑनलाइन बिक्री गलत, कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाया जा रहा

कैथल में केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को जिले के मेडिकल स्टोर संचालक हड़ताल पर रहे और ई‑फार्मेसी और दवाइयों की ऑनलाइन ब्रिकी के विरोध किया। कैथल में करीब 1100 केमिस्ट पिहोवा चौक पर इकट्‌ठे हुए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार द्वारा ऑनलाइन दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था कॉरपोरेट हितों को लाभ पहुंचा रही है, जिससे पारंपरिक स्थानीय केमिस्टों की आमदनी सीधे प्रभावित हो रही है। प्रतिबंधित दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जा रही एसोसिएशन से जुडे़ केमिस्ट धर्मवीर, सुरजीत सिंह, सोनू व बेदी ने आरोप लगाया कि कुछ ई‑फार्मेसी कंपनियों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और प्रतिबंधित दवाइयां भी आसानी से उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आम केमिस्टों के यहां दवा देने की प्रक्रिया में डॉक्टरों की सलाह और पर्ची पर दवाई दी जाती है, जबकि ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लोग बिना चिकित्सीय परामर्श के दवाइयां मंगवा लेते हैं, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। युवाओं के करियर विकल्प पर भी पड़ रहा असर उन्होंने यह भी कहा कि इससे युवा छात्रों के करियर विकल्पों पर नकारात्मक असर डाल रहा है। यदि पारंपरिक केमिस्ट की आवश्यकता कम रह जाएगी तो बच्चों को फार्मेसी की पढ़ाई करवा कर क्या करेंगे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कॉरपोरेट हितों के पक्ष में न जाकर मेडिकल स्टोरों और स्थानीय व्यवसायों के हितों को प्राथमिकता दी जाए। यूनियन के निर्णय पर करेंगे काम आगे की रणनीति के संबंध में केमिस्टों ने बताया कि जो भी निर्णय उनकी राज्य स्तरीय या राष्ट्रीय यूनियन लेगी, उसी के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। हड़ताल के कारण कैथल के कई क्षेत्रों में दवा खरीद‑फरोख्त प्रभावित रही, हालांकि आकस्मिक और जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति बरकरार रखने के लिए कुछ दुकानों ने अलग व्यवस्था की है। अस्पतालों में बने दवा आपूर्ति केंद्र खुले रहे।

May 20, 2026 - 12:32
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कैथल में हड़ताल पर रहे 1100 केमिस्ट:सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, बोले- दवाईयों की ऑनलाइन बिक्री गलत, कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाया जा रहा
कैथल में केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को जिले के मेडिकल स्टोर संचालक हड़ताल पर रहे और ई‑फार्मेसी और दवाइयों की ऑनलाइन ब्रिकी के विरोध किया। कैथल में करीब 1100 केमिस्ट पिहोवा चौक पर इकट्‌ठे हुए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार द्वारा ऑनलाइन दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था कॉरपोरेट हितों को लाभ पहुंचा रही है, जिससे पारंपरिक स्थानीय केमिस्टों की आमदनी सीधे प्रभावित हो रही है। प्रतिबंधित दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जा रही एसोसिएशन से जुडे़ केमिस्ट धर्मवीर, सुरजीत सिंह, सोनू व बेदी ने आरोप लगाया कि कुछ ई‑फार्मेसी कंपनियों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और प्रतिबंधित दवाइयां भी आसानी से उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आम केमिस्टों के यहां दवा देने की प्रक्रिया में डॉक्टरों की सलाह और पर्ची पर दवाई दी जाती है, जबकि ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लोग बिना चिकित्सीय परामर्श के दवाइयां मंगवा लेते हैं, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। युवाओं के करियर विकल्प पर भी पड़ रहा असर उन्होंने यह भी कहा कि इससे युवा छात्रों के करियर विकल्पों पर नकारात्मक असर डाल रहा है। यदि पारंपरिक केमिस्ट की आवश्यकता कम रह जाएगी तो बच्चों को फार्मेसी की पढ़ाई करवा कर क्या करेंगे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कॉरपोरेट हितों के पक्ष में न जाकर मेडिकल स्टोरों और स्थानीय व्यवसायों के हितों को प्राथमिकता दी जाए। यूनियन के निर्णय पर करेंगे काम आगे की रणनीति के संबंध में केमिस्टों ने बताया कि जो भी निर्णय उनकी राज्य स्तरीय या राष्ट्रीय यूनियन लेगी, उसी के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। हड़ताल के कारण कैथल के कई क्षेत्रों में दवा खरीद‑फरोख्त प्रभावित रही, हालांकि आकस्मिक और जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति बरकरार रखने के लिए कुछ दुकानों ने अलग व्यवस्था की है। अस्पतालों में बने दवा आपूर्ति केंद्र खुले रहे।