कुरुक्षेत्र में खरींडवा का सरपंच सस्पेंड:अंबाला कमिशनरी कोर्ट का फैसला, फर्जी मार्कशीट से लड़ा था चुनाव, पिछले सप्ताह हुई गिरफ्तारी

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में 10वीं की फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने के आरोपी सरपंच को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोपी सरपंच ने सेशन कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट (SC) तक खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन SC ने उसके केस को डिसमिस कर दिया। 14 जनवरी को अंबाला के कमिशनर की कोर्ट ने शाहाबाद के खरींडवा गांव के सरपंच पवन कुमार को सस्पेंड कर दिया। दरअसल, पवन कुमार ने साल 2022 में अपने गांव खरींडवा से सरपंची का चुनाव लड़ा था। पवन कुमार ने अपने नामांकन पत्र में CBSE की 10वीं क्लास की मार्कशीट लगाई थी। पिछले सप्ताह हुई गिरफ्तारी करीब 300 वोट से जीत चुनाव जीतने पर पवन कुमार को गांव का सरपंच नियुक्त किया गया था। फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने के मामले में पिछले सप्ताह आरोपी सरपंच की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। हालांकि पुलिस फर्जी मार्कशीट बनाने वाले की तलाश कर रही है। प्रतिद्वंदी ने की शिकायत पवन कुमार से चुनाव हारने वाले संजीव कुमार ने नवंबर 2022 में उपायुक्त कुरुक्षेत्र (DC) को एक शिकायत दी थी। संजीव कुमार ने सरपंच पवन कुमार पर 10वीं क्लास की फर्जी मार्कशीट बनवाने, चुनाव में झूठा शपथपत्र देने और तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया था। जांच में फर्जी मिली मार्कशीट तत्कालीन DC ने इस शिकायत की जांच कराई। जांच में पवन कुमार अपनी 10वीं की मार्कशीट को असली साबित नहीं कर पाए। इस पर 27 दिसंबर 2024 को तत्कालीन DC ने पवन कुमार को सरपंच पद से तुरंत हटाने ऑर्डर देकर सस्पेंड कर दिया, लेकिन पवन कुमार ने कोर्ट से स्टे प्राप्त कर लिया था। 2025 में हुआ केस दर्ज संजीव कुमार ने 30 दिसंबर 2024 को पवन कुमार के खिलाफ बुरी नीयत से फर्जी मार्कशीट तैयार करने, सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और गलत तरीके से सरपंच पद हासिल करने का आरोप लगाकर पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत पर पुलिस ने पिछले साल जनवरी में थाना शाहाबाद में IPC की धारा 420,120-बी, 463, 465, 466, 467 और 471 के तहत FIR दर्ज की थी। काफी समय से फरार था थाना शाहाबाद के SHO जगदीश टामक ने बताया था कि कई दिनों से आरोपी पवन कुमार फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट के आदेश से पवन कुमार को 2 दिन के रिमांड पर लिया था।रिमांड पीरियड के बाद उसे कोर्ट के ऑर्डर से जेल भेज दिया था। हाईकोर्ट से लिया था स्टे शिकायतकर्ता संजीव कुमार ने बताया कि DC के ऑर्डर के खिलाफ आरोपी ने सेशन कोर्ट में अपील डाली थी। जिसे सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया था। तब आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील डालकर स्टे लिया था, लेकिन हाईकोर्ट में आरोपी अपनी मार्कशीट को सही साबित नहीं कर पाया। CBSE सचिव की हुई गवाही हाईकोर्ट में CBSE के सचिव की गवाही हुई थी। सचिव ने आरोपी सरपंच की मार्कशीट को फर्जी करार दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने आरोपी की अपील को खारिज कर दिया था। तब पवन कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील डाली थी, लेकिन यहां से उसकी अपील डिसमिस हो गई। अब आरोपी सरपंच को कमिशनर की कोर्ट ने सस्पेंड किया है।

Jan 16, 2026 - 11:38
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कुरुक्षेत्र में खरींडवा का सरपंच सस्पेंड:अंबाला कमिशनरी कोर्ट का फैसला, फर्जी मार्कशीट से लड़ा था चुनाव, पिछले सप्ताह हुई गिरफ्तारी
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में 10वीं की फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने के आरोपी सरपंच को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोपी सरपंच ने सेशन कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट (SC) तक खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन SC ने उसके केस को डिसमिस कर दिया। 14 जनवरी को अंबाला के कमिशनर की कोर्ट ने शाहाबाद के खरींडवा गांव के सरपंच पवन कुमार को सस्पेंड कर दिया। दरअसल, पवन कुमार ने साल 2022 में अपने गांव खरींडवा से सरपंची का चुनाव लड़ा था। पवन कुमार ने अपने नामांकन पत्र में CBSE की 10वीं क्लास की मार्कशीट लगाई थी। पिछले सप्ताह हुई गिरफ्तारी करीब 300 वोट से जीत चुनाव जीतने पर पवन कुमार को गांव का सरपंच नियुक्त किया गया था। फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने के मामले में पिछले सप्ताह आरोपी सरपंच की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। हालांकि पुलिस फर्जी मार्कशीट बनाने वाले की तलाश कर रही है। प्रतिद्वंदी ने की शिकायत पवन कुमार से चुनाव हारने वाले संजीव कुमार ने नवंबर 2022 में उपायुक्त कुरुक्षेत्र (DC) को एक शिकायत दी थी। संजीव कुमार ने सरपंच पवन कुमार पर 10वीं क्लास की फर्जी मार्कशीट बनवाने, चुनाव में झूठा शपथपत्र देने और तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया था। जांच में फर्जी मिली मार्कशीट तत्कालीन DC ने इस शिकायत की जांच कराई। जांच में पवन कुमार अपनी 10वीं की मार्कशीट को असली साबित नहीं कर पाए। इस पर 27 दिसंबर 2024 को तत्कालीन DC ने पवन कुमार को सरपंच पद से तुरंत हटाने ऑर्डर देकर सस्पेंड कर दिया, लेकिन पवन कुमार ने कोर्ट से स्टे प्राप्त कर लिया था। 2025 में हुआ केस दर्ज संजीव कुमार ने 30 दिसंबर 2024 को पवन कुमार के खिलाफ बुरी नीयत से फर्जी मार्कशीट तैयार करने, सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और गलत तरीके से सरपंच पद हासिल करने का आरोप लगाकर पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत पर पुलिस ने पिछले साल जनवरी में थाना शाहाबाद में IPC की धारा 420,120-बी, 463, 465, 466, 467 और 471 के तहत FIR दर्ज की थी। काफी समय से फरार था थाना शाहाबाद के SHO जगदीश टामक ने बताया था कि कई दिनों से आरोपी पवन कुमार फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट के आदेश से पवन कुमार को 2 दिन के रिमांड पर लिया था।रिमांड पीरियड के बाद उसे कोर्ट के ऑर्डर से जेल भेज दिया था। हाईकोर्ट से लिया था स्टे शिकायतकर्ता संजीव कुमार ने बताया कि DC के ऑर्डर के खिलाफ आरोपी ने सेशन कोर्ट में अपील डाली थी। जिसे सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया था। तब आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील डालकर स्टे लिया था, लेकिन हाईकोर्ट में आरोपी अपनी मार्कशीट को सही साबित नहीं कर पाया। CBSE सचिव की हुई गवाही हाईकोर्ट में CBSE के सचिव की गवाही हुई थी। सचिव ने आरोपी सरपंच की मार्कशीट को फर्जी करार दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने आरोपी की अपील को खारिज कर दिया था। तब पवन कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील डाली थी, लेकिन यहां से उसकी अपील डिसमिस हो गई। अब आरोपी सरपंच को कमिशनर की कोर्ट ने सस्पेंड किया है।