एक गोत्र में विवाह, पैदा कर रहा विकृति:रोहतक में बोली बॉलीवुड अभिनेत्री की मां, नशे के कारण हो रहा समाज का पतन

रोहतक में बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर की मां सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर ने कहा कि एक गोत्र में शादी करना विकृति पैदा कर रहा है। साइंस भी मानती है कि एक गोत्र में शादी बहुत खतरनाक है। खाप भी यही मानती है, लेकिन इसके लिए युवाओं को बचपन से ही समझाने व जागरूक करने की जरूरत है। सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि जब कच्चा घड़ा होता है, तभी उसे सही आकार देना चाहिए। ऐसे ही बच्चों में शुरू से ही अच्छे संस्कार डालने चाहिए। मैने अपने बच्चों को शुरू से ही समझाया और उनकी शादी हुड्डा या दलाल या उनके पिता व दादी के गोत्र में नहीं करेंगे। सोशल मीडिया का बड़ा असर युवाओं पर पड़ा सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि आजकल हर बच्चे के हाथ में फोन है और युवा वेस्टर्न कल्चर की तरफ अधिक जा रहे है। सोशल मीडिया का भी बड़ा असर युवाओं पर पड़ा है, लेकिन उससे अधिक समाज इसके लिए जिम्मेदार है। गौशाला के कार्यक्रम में डांसर बुलाने का क्या मतलब है। उनका अश्लील डांस देखने वाले युवाओं के साथ बड़े-बुर्जु भी है। नशे के कारण युवाओं का हो रहा टोटल पतन सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि नशे के कारण युवाओं का टोटल पतन हो रहा है। नशा सबकुछ खत्म कर देता है। आपकी पर्सनेलिटी, आपका कैरियर व समाज, सब खत्म कर देता है। एक ट्रेंड चला पंजाब से, क्योंकि उसकी सीमा पाकिस्तान से लगती है, वहां से खूब नशा आता है। सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि एक समय शराब के ठेकों पर महिलाओं ने धावा बोला था, तो ठेके बंद हो गए थे। अब क्यों माताएं आगे नहीं आ रही है। बिना पुलिस, प्रशासन व सरकार के नशा आ ही नहीं सकता। नशे को रोकने के लिए सबको मिलकर प्रयास करना होगा। पैसे के पीछे भागकर चरित्र कर रहे खराब सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि आज लोग केवल पैसे के पीछे भाग रहे। हर चीज में पैसा चाहिए होता है। पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते है। क्या पैसों का खाना है। जब व्यक्ति का चरित्र ही खराब हो जाएगा तो क्या पैसा उसे ठीक कर सकेगा। पुराने दौर में सोसायटी बनी चुनौती सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि उनका जन्म रोहतक के गांव आसन में हुआ। शुरूआती पढ़ाई भी गांव में हुई, उसके बाद मथूरा व पूना में हुई। उस दौर में महिलाओं के लिए सोसायटी ही सबसे बड़ी चुनौती थी। लोगों की दकियानूसी सोच थी। क्योंकि पहले के लोगों की सोच यही थी कि लड़कियों को बाहर मत निकालो। सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि पहले के लोगों की सोच यह थी कि बेटियों को अधिक सजाओ मत, वरना उठा ले जाएंगे। मुगल काल में लड़कियों को बैठाकर उनके ऊपर छड़े डाल देते थे, लेकिन अब काफी बदलाव आया है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। जिम के चक्कर में कर रहे सेहत खराब सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि कुछ युवा अच्छा दिखने के लिए जिम करने के चक्कर में अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे है। आम आदमी के लिए सेहत जरूरी है इसलिए हानिकारक प्रोडेक्ट का प्रयोग ना करें। बॉडी बनाने के लिए जिम के चक्कर में युवा मौत को भी गले लगा रहे है।

Sep 20, 2026 - 10:52
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एक गोत्र में विवाह, पैदा कर रहा विकृति:रोहतक में बोली बॉलीवुड अभिनेत्री की मां, नशे के कारण हो रहा समाज का पतन
रोहतक में बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर की मां सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर ने कहा कि एक गोत्र में शादी करना विकृति पैदा कर रहा है। साइंस भी मानती है कि एक गोत्र में शादी बहुत खतरनाक है। खाप भी यही मानती है, लेकिन इसके लिए युवाओं को बचपन से ही समझाने व जागरूक करने की जरूरत है। सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि जब कच्चा घड़ा होता है, तभी उसे सही आकार देना चाहिए। ऐसे ही बच्चों में शुरू से ही अच्छे संस्कार डालने चाहिए। मैने अपने बच्चों को शुरू से ही समझाया और उनकी शादी हुड्डा या दलाल या उनके पिता व दादी के गोत्र में नहीं करेंगे। सोशल मीडिया का बड़ा असर युवाओं पर पड़ा सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि आजकल हर बच्चे के हाथ में फोन है और युवा वेस्टर्न कल्चर की तरफ अधिक जा रहे है। सोशल मीडिया का भी बड़ा असर युवाओं पर पड़ा है, लेकिन उससे अधिक समाज इसके लिए जिम्मेदार है। गौशाला के कार्यक्रम में डांसर बुलाने का क्या मतलब है। उनका अश्लील डांस देखने वाले युवाओं के साथ बड़े-बुर्जु भी है। नशे के कारण युवाओं का हो रहा टोटल पतन सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि नशे के कारण युवाओं का टोटल पतन हो रहा है। नशा सबकुछ खत्म कर देता है। आपकी पर्सनेलिटी, आपका कैरियर व समाज, सब खत्म कर देता है। एक ट्रेंड चला पंजाब से, क्योंकि उसकी सीमा पाकिस्तान से लगती है, वहां से खूब नशा आता है। सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि एक समय शराब के ठेकों पर महिलाओं ने धावा बोला था, तो ठेके बंद हो गए थे। अब क्यों माताएं आगे नहीं आ रही है। बिना पुलिस, प्रशासन व सरकार के नशा आ ही नहीं सकता। नशे को रोकने के लिए सबको मिलकर प्रयास करना होगा। पैसे के पीछे भागकर चरित्र कर रहे खराब सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि आज लोग केवल पैसे के पीछे भाग रहे। हर चीज में पैसा चाहिए होता है। पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते है। क्या पैसों का खाना है। जब व्यक्ति का चरित्र ही खराब हो जाएगा तो क्या पैसा उसे ठीक कर सकेगा। पुराने दौर में सोसायटी बनी चुनौती सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि उनका जन्म रोहतक के गांव आसन में हुआ। शुरूआती पढ़ाई भी गांव में हुई, उसके बाद मथूरा व पूना में हुई। उस दौर में महिलाओं के लिए सोसायटी ही सबसे बड़ी चुनौती थी। लोगों की दकियानूसी सोच थी। क्योंकि पहले के लोगों की सोच यही थी कि लड़कियों को बाहर मत निकालो। सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि पहले के लोगों की सोच यह थी कि बेटियों को अधिक सजाओ मत, वरना उठा ले जाएंगे। मुगल काल में लड़कियों को बैठाकर उनके ऊपर छड़े डाल देते थे, लेकिन अब काफी बदलाव आया है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। जिम के चक्कर में कर रहे सेहत खराब सुमित्रा पेडनेकर ने कहा कि कुछ युवा अच्छा दिखने के लिए जिम करने के चक्कर में अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे है। आम आदमी के लिए सेहत जरूरी है इसलिए हानिकारक प्रोडेक्ट का प्रयोग ना करें। बॉडी बनाने के लिए जिम के चक्कर में युवा मौत को भी गले लगा रहे है।