Windfall Tax में कटौती: सरकार ने Petrol, Diesel और ATF के निर्यात पर घटाया शुल्क
सरकार ने 15 अगस्त से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती की है। डीजल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) की दर अब 25.5 रुपये प्रति लीटर से घटकर 24 रुपये प्रति लीटर हो गई है। विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर एसएईडी को घटाकर पहले के 22 रुपये प्रति लीटर के मुकाबले 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल निर्यात पर शुल्क को 15 अगस्त से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इससे पहले यह 3.5 रुपये प्रति लीटर था। वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि शुल्क में संशोधन 15 अगस्त से प्रभावी होंगे। इसे भी पढ़ें: Petrol पर शून्य हुआ Windfall Tax, सरकार ने डीजल और ATF निर्यात पर टैक्स घटायापश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, सरकार ने 27 मार्च को डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क लगाया था और हर पखवाड़े इसकी समीक्षा की जाती है। पेट्रोल निर्यात पर भी 16 मई से यह शुल्क लगाया गया था। मंत्रालय ने यह भी कहा कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच ईंधन की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए अप्रत्याशित लाभ कर लगाया गया था।
सरकार ने 15 अगस्त से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती की है। डीजल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) की दर अब 25.5 रुपये प्रति लीटर से घटकर 24 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर एसएईडी को घटाकर पहले के 22 रुपये प्रति लीटर के मुकाबले 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल निर्यात पर शुल्क को 15 अगस्त से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इससे पहले यह 3.5 रुपये प्रति लीटर था। वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि शुल्क में संशोधन 15 अगस्त से प्रभावी होंगे।
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, सरकार ने 27 मार्च को डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क लगाया था और हर पखवाड़े इसकी समीक्षा की जाती है। पेट्रोल निर्यात पर भी 16 मई से यह शुल्क लगाया गया था। मंत्रालय ने यह भी कहा कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच ईंधन की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए अप्रत्याशित लाभ कर लगाया गया था।



