PM मोदी रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे:सब्जेक्ट पर सस्पेंस; कल लोकसभा की सीटें बढ़ाने वाला बिल पास नहीं करा पाई थी सरकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। वे किस मुद्दे पर बोलेंगे, यह अभी नहीं बताया गया है। माना जा रहा है कि मोदी महिला आरक्षण के लागू होने के मुद्दे और संसद में पिछले दो दिनों के दौरान हुई घटनाओं पर बात कर सकते हैं। लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका था। इस बिल में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव था। बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। सूत्रों के मुताबिक, PM ने शनिवार को कैबिनेट मीटिंग में कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन न करके गलती की है और उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम 12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। अब लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण नई जनगणना के नतीजे आने से पहले लागू नहीं होगा, यानी 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका फायदा नहीं मिलेगा। सरकार जो 3 नए बिल लेकर आई थी, उनमें 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं के आरक्षण कानून को लागू करने का प्रस्ताव था। इसके लिए 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन भी किया जाना था। प्रियंका बोलीं- केंद्र की संघीय ढांचे को बदलने की साजिश नाकाम कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने महिला आरक्षण के बहाने देश के संघीय ढांचे को बदलने की साजिश रची। उन्होंने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े विधेयक की हार संविधान और विपक्ष की एकता की जीत है। प्रियंका ने कहा- पूरी साजिश सत्ता में बने रहने की थी। उन्होंने सोचा कि अगर अभी परिसीमन नहीं किया गया, तो 2029 से पहले नहीं होगा और वे सत्ता में बने रहेंगे। सरकार 2023 के महिला आरक्षण कानून को मौजूदा लोकसभा की संख्या के आधार पर लागू करे, हम हमेशा उनके साथ हैं। पूरी खबर पढ़ें… तीन बिल, जिनके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया था सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 सरकार ने इन पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दोनों पहले बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन पर अलग से वोटिंग कराने की जरूरत नहीं है।महिला आरक्षण और परिसीमन का कनेक्शन सरकार ने लोकसभा में तीन बिल पेश किए थे। इसमें संविधान (131वां) संशोधन बिल, परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 शामिल थे। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। हालांकि यह अब 2034 तक लागू होगा। इसके लिए परिसीमन की जरूरत है। परिसीमन का मतलब है कि देश की आबादी के आधार पर लोकसभा और विधानसभा की सीटों की सीमाएं और संख्या तय करना। यह काम एक परिसीमन आयोग करता है। पहले तय होगा कि किस राज्य में कितनी सीटें होंगी। किन इलाकों की सीमाएं क्या होंगी। उसके बाद ही आरक्षण तय हो पाएगा। -------------------------------- लोकसभा में बिल गिरने से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… प्रियंका बोलीं-सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश थी:हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकते; खुश हूं कि विपक्ष ने विरोध किया कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को कहा, ‘कल लोकसभा में जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण के जरिए सत्ता में बने रहने की साजिश कर रही थी।’ उन्होंने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया बिल गिर गया। सत्ता पक्ष हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकता।' पूरी खबर पढ़ें… लोकसभा में सीटें बढ़ाने वाला बिल क्यों गिरा:पीएम मोदी की अपील भी काम न आई; क्या सरकार ने जानबूझकर ऐसा किया, जानिए पूरी कहानी 17 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करने की अपील की। पीएम की अपील और तमाम लामबंदियों के बावजूद लोकसभा में सीटें बढ़ाने वाला केंद्र सरकार का बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। भास्कर एक्सप्लेनर में पढ़िए इसके राजनीतिक नफा-नुकसान ही पूरी कहानी…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। वे किस मुद्दे पर बोलेंगे, यह अभी नहीं बताया गया है। माना जा रहा है कि मोदी महिला आरक्षण के लागू होने के मुद्दे और संसद में पिछले दो दिनों के दौरान हुई घटनाओं पर बात कर सकते हैं। लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका था। इस बिल में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव था। बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। सूत्रों के मुताबिक, PM ने शनिवार को कैबिनेट मीटिंग में कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन न करके गलती की है और उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम 12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। अब लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण नई जनगणना के नतीजे आने से पहले लागू नहीं होगा, यानी 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका फायदा नहीं मिलेगा। सरकार जो 3 नए बिल लेकर आई थी, उनमें 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं के आरक्षण कानून को लागू करने का प्रस्ताव था। इसके लिए 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन भी किया जाना था। प्रियंका बोलीं- केंद्र की संघीय ढांचे को बदलने की साजिश नाकाम कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने महिला आरक्षण के बहाने देश के संघीय ढांचे को बदलने की साजिश रची। उन्होंने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े विधेयक की हार संविधान और विपक्ष की एकता की जीत है। प्रियंका ने कहा- पूरी साजिश सत्ता में बने रहने की थी। उन्होंने सोचा कि अगर अभी परिसीमन नहीं किया गया, तो 2029 से पहले नहीं होगा और वे सत्ता में बने रहेंगे। सरकार 2023 के महिला आरक्षण कानून को मौजूदा लोकसभा की संख्या के आधार पर लागू करे, हम हमेशा उनके साथ हैं। पूरी खबर पढ़ें… तीन बिल, जिनके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया था सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 सरकार ने इन पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दोनों पहले बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन पर अलग से वोटिंग कराने की जरूरत नहीं है।महिला आरक्षण और परिसीमन का कनेक्शन सरकार ने लोकसभा में तीन बिल पेश किए थे। इसमें संविधान (131वां) संशोधन बिल, परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 शामिल थे। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। हालांकि यह अब 2034 तक लागू होगा। इसके लिए परिसीमन की जरूरत है। परिसीमन का मतलब है कि देश की आबादी के आधार पर लोकसभा और विधानसभा की सीटों की सीमाएं और संख्या तय करना। यह काम एक परिसीमन आयोग करता है। पहले तय होगा कि किस राज्य में कितनी सीटें होंगी। किन इलाकों की सीमाएं क्या होंगी। उसके बाद ही आरक्षण तय हो पाएगा। -------------------------------- लोकसभा में बिल गिरने से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… प्रियंका बोलीं-सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश थी:हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकते; खुश हूं कि विपक्ष ने विरोध किया कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को कहा, ‘कल लोकसभा में जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण के जरिए सत्ता में बने रहने की साजिश कर रही थी।’ उन्होंने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया बिल गिर गया। सत्ता पक्ष हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकता।' पूरी खबर पढ़ें… लोकसभा में सीटें बढ़ाने वाला बिल क्यों गिरा:पीएम मोदी की अपील भी काम न आई; क्या सरकार ने जानबूझकर ऐसा किया, जानिए पूरी कहानी 17 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करने की अपील की। पीएम की अपील और तमाम लामबंदियों के बावजूद लोकसभा में सीटें बढ़ाने वाला केंद्र सरकार का बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। भास्कर एक्सप्लेनर में पढ़िए इसके राजनीतिक नफा-नुकसान ही पूरी कहानी…