NIT कुरुक्षेत्र के जॉइंट रजिस्ट्रार सस्पेंड:पिछले महीने पद से हटाए गए थे; चार सुसाइड के बाद जांच के लिए पहुंची थी केंद्रीय टीम
कुरुक्षेत्र के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में चल रहे विवाद के बीच जॉइंट रजिस्ट्रार ज्ञान रंजन सामंत्रे (GA) को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम के दौरे के ठीक अगले दिन हुई है। हालांकि, सस्पेंशन की वजह साफ नहीं की गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय उच्च शिक्षा विभाग के सचिव वरिष्ठ IAS अधिकारी डॉ. विनित जोशी समेत पांच अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को NIT का दौरा किया था। टीम ने संस्थान में प्रशासनिक कामकाज, फैसलों और हाल के घटनाक्रम की समीक्षा की। इसके बाद ही रजिस्ट्रार पर कार्रवाई की गई। दैनिक भास्कर ने ज्ञान रंजन सामंत्रे से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। हालांकि, यह भी चर्चा है कि टीम NIT में इस साल 4 स्टूडेंट्स के सुसाइड मामले की जांच करने पहुंची थी। 29 मार्च से शुरू हुआ पूरा मामला इस पूरे विवाद की शुरुआत 29 मार्च से मानी जा रही है। उस दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से NIT के डायरेक्टर प्रो. बीवी रमना रेड्डी के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर रोक लगा दी थी। इससे पहले रजिस्ट्रार सामंत्रे को 15 मार्च के आसपास उनके पद से हटाकर प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को रजिस्ट्रार नियुक्त किया था। मंत्रालय के आदेश के बाद अगले ही दिन बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को कार्यकारी डायरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि प्रो. विनोद मित्तल को नया रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया। भर्ती, प्रमोशन से लेकर वेकेंट पोस्ट की चल रही जांच असल में NIT में भर्ती, प्रमोशन, शिकायतें, रैंकिंग में आई गिरावट और वेकेंट पोस्ट को लेकर जांच कर रही है। इसके अलावा डायरेक्टर पर अपने होम स्टेट तेलंगाना से ज्यादा स्टाफ भर्ती का आरोप भी है। इन मामले की जांच के लिए मंत्रालय की ओर से रिव्यू कमेटी बनाई गई थी। इसी हफ्ते नेक के चेयरमैन प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे की अगुआई में रिव्यू कमेटी ने 23 और 24 अप्रैल को दूसरी बार NIT का दौरा किया। इस टीम में VNIT नागपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष रिटायर्ड IAS एम. मदन गोपाल और MANIT भोपाल के डायरेक्टर प्रो. केके शुक्ला बतौर मेंबर शामिल हुए। 2026 में NIT में ये स्टूडेंट सुसाइड कर चुके 16 फरवरी को तेलंगाना निवासी 19 वर्षीय अंगोद शिवा ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद, 31 मार्च को नूंह जिले के घासैड़ा निवासी 22 वर्षीय पवन कुमार ने भी आत्महत्या कर ली। पवन कुमार इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के सेंकेड ईयर का छात्र था। फिर, 9 अप्रैल को सिरसा जिले के गांव शेरपुर निवासी 22 वर्षीय प्रियांशु वर्मा, जो बीटेक के थर्ड ईयर का छात्र था, का शव हॉस्टल के कमरे में मिला। इसके बाद, 16 अप्रैल को बिहार के बक्सर की रहने वाली 19 वर्षीय दीक्षा दुबे ने अपने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दीक्षा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस की छात्रा थी। दीक्षा दुबे की मौत के बाद, एक और छात्रा ने भी आत्महत्या करने की कोशिश की।
कुरुक्षेत्र के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में चल रहे विवाद के बीच जॉइंट रजिस्ट्रार ज्ञान रंजन सामंत्रे (GA) को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम के दौरे के ठीक अगले दिन हुई है। हालांकि, सस्पेंशन की वजह साफ नहीं की गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय उच्च शिक्षा विभाग के सचिव वरिष्ठ IAS अधिकारी डॉ. विनित जोशी समेत पांच अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को NIT का दौरा किया था। टीम ने संस्थान में प्रशासनिक कामकाज, फैसलों और हाल के घटनाक्रम की समीक्षा की। इसके बाद ही रजिस्ट्रार पर कार्रवाई की गई। दैनिक भास्कर ने ज्ञान रंजन सामंत्रे से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। हालांकि, यह भी चर्चा है कि टीम NIT में इस साल 4 स्टूडेंट्स के सुसाइड मामले की जांच करने पहुंची थी। 29 मार्च से शुरू हुआ पूरा मामला इस पूरे विवाद की शुरुआत 29 मार्च से मानी जा रही है। उस दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से NIT के डायरेक्टर प्रो. बीवी रमना रेड्डी के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर रोक लगा दी थी। इससे पहले रजिस्ट्रार सामंत्रे को 15 मार्च के आसपास उनके पद से हटाकर प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को रजिस्ट्रार नियुक्त किया था। मंत्रालय के आदेश के बाद अगले ही दिन बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को कार्यकारी डायरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि प्रो. विनोद मित्तल को नया रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया। भर्ती, प्रमोशन से लेकर वेकेंट पोस्ट की चल रही जांच असल में NIT में भर्ती, प्रमोशन, शिकायतें, रैंकिंग में आई गिरावट और वेकेंट पोस्ट को लेकर जांच कर रही है। इसके अलावा डायरेक्टर पर अपने होम स्टेट तेलंगाना से ज्यादा स्टाफ भर्ती का आरोप भी है। इन मामले की जांच के लिए मंत्रालय की ओर से रिव्यू कमेटी बनाई गई थी। इसी हफ्ते नेक के चेयरमैन प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे की अगुआई में रिव्यू कमेटी ने 23 और 24 अप्रैल को दूसरी बार NIT का दौरा किया। इस टीम में VNIT नागपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष रिटायर्ड IAS एम. मदन गोपाल और MANIT भोपाल के डायरेक्टर प्रो. केके शुक्ला बतौर मेंबर शामिल हुए। 2026 में NIT में ये स्टूडेंट सुसाइड कर चुके 16 फरवरी को तेलंगाना निवासी 19 वर्षीय अंगोद शिवा ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद, 31 मार्च को नूंह जिले के घासैड़ा निवासी 22 वर्षीय पवन कुमार ने भी आत्महत्या कर ली। पवन कुमार इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के सेंकेड ईयर का छात्र था। फिर, 9 अप्रैल को सिरसा जिले के गांव शेरपुर निवासी 22 वर्षीय प्रियांशु वर्मा, जो बीटेक के थर्ड ईयर का छात्र था, का शव हॉस्टल के कमरे में मिला। इसके बाद, 16 अप्रैल को बिहार के बक्सर की रहने वाली 19 वर्षीय दीक्षा दुबे ने अपने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दीक्षा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस की छात्रा थी। दीक्षा दुबे की मौत के बाद, एक और छात्रा ने भी आत्महत्या करने की कोशिश की।