सहसवान में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित:राजकीय महाविद्यालय में युवाओं की भूमिका पर हुई चर्चा
बदायूं में सहसवान के संघटक राजकीय महाविद्यालय सहसवान में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के तत्वावधान में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका, चरित्र निर्माण, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को लेकर वक्ताओं ने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि देश की युवा शक्ति को सही दिशा और संस्कार देकर ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम से पूर्व महाविद्यालय परिसर में ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बौद्धिक शिक्षण प्रमुख नरेंद्र और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गुरुदीप सिंह उप्पल ने मां शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिक्षकों ने महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए। छात्रा गुलिस्तां ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। प्राचार्य डॉ. गुरुदीप सिंह उप्पल ने कहा कि युवाओं के चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देकर समाज को सही दिशा दी जा सकती है। यदि युवा संस्कारवान, अनुशासित और जिम्मेदार बनेंगे तो राष्ट्र निर्माण का मार्ग और मजबूत होगा। मुख्य वक्ता नरेंद्र ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। देश का युवा एकजुट, जागरूक और अपने दायित्वों के प्रति सजग रहेगा तो भारत को सशक्त राष्ट्र बनने से कोई रोक नहीं सकता। विभाग प्रचारक सुधांशु ने कहा कि युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति बनाने के लिए युवाओं से निरंतर संवाद जरूरी है। युवाओं के विचारों, अपेक्षाओं और समस्याओं को समझकर ही उन्हें उचित मार्गदर्शन दिया जा सकता है। बीए प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं मन्तशा और अलैना ने युवाओं के दायित्व और देश के सामने मौजूद विभिन्न समस्याओं को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने युवाओं से सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक होकर देशहित में योगदान देने का आह्वान किया। इस मौके पर डॉ. रजनी गुप्ता, डॉ. शुभ्रा शुक्ला, डॉ. नीति सक्सेना, डॉ. सुरजीत सिंह मौर्य, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. सौरभ नागर, डॉ. ब्रह्मस्वरूप सिंह, डॉ. सूर्य प्रताप गौतम सहित शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत के साथ हुआ।
बदायूं में सहसवान के संघटक राजकीय महाविद्यालय सहसवान में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के तत्वावधान में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका, चरित्र निर्माण, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को लेकर वक्ताओं ने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि देश की युवा शक्ति को सही दिशा और संस्कार देकर ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम से पूर्व महाविद्यालय परिसर में ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बौद्धिक शिक्षण प्रमुख नरेंद्र और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गुरुदीप सिंह उप्पल ने मां शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिक्षकों ने महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए। छात्रा गुलिस्तां ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। प्राचार्य डॉ. गुरुदीप सिंह उप्पल ने कहा कि युवाओं के चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देकर समाज को सही दिशा दी जा सकती है। यदि युवा संस्कारवान, अनुशासित और जिम्मेदार बनेंगे तो राष्ट्र निर्माण का मार्ग और मजबूत होगा। मुख्य वक्ता नरेंद्र ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। देश का युवा एकजुट, जागरूक और अपने दायित्वों के प्रति सजग रहेगा तो भारत को सशक्त राष्ट्र बनने से कोई रोक नहीं सकता। विभाग प्रचारक सुधांशु ने कहा कि युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति बनाने के लिए युवाओं से निरंतर संवाद जरूरी है। युवाओं के विचारों, अपेक्षाओं और समस्याओं को समझकर ही उन्हें उचित मार्गदर्शन दिया जा सकता है। बीए प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं मन्तशा और अलैना ने युवाओं के दायित्व और देश के सामने मौजूद विभिन्न समस्याओं को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने युवाओं से सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक होकर देशहित में योगदान देने का आह्वान किया। इस मौके पर डॉ. रजनी गुप्ता, डॉ. शुभ्रा शुक्ला, डॉ. नीति सक्सेना, डॉ. सुरजीत सिंह मौर्य, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. सौरभ नागर, डॉ. ब्रह्मस्वरूप सिंह, डॉ. सूर्य प्रताप गौतम सहित शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत के साथ हुआ।