शाह बोले- जो हथियार उठाएगा, उसे कीमत चुकानी होगी:वामपंथियों ने आदिवासियों को बहकाया; गरीबी ने नक्सलवाद नहीं, नक्सलवाद ने गरीबी फैलाई

गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि भारत नक्सल-मुक्त हो गया है, ऐसा हम कह सकते हैं। अपनी डेढ़ घंटे स्पीच के दौरान शाह ने कहा- हमने 31 मार्च तक देश को नक्सल-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था। मैं पूरी व्यवस्था होने के बाद देश को भी सूचित करूंगा। शाह ने कहा- जो लोग पूरी व्यवस्था को नकार कर हथियार उठा लेते हैं, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। सालों से भोले-भाले आदिवासियों को अंधेरे में रखा गया। वामपंथियों ने अपनी विचारधारा को फैलाने के लिए आदिवासियों को बहकाया। शाह ने कहा- कांग्रेस ने 60 साल के दौरान आदिवासियों तक घर, स्कूल, मोबाइल टॉवर नहीं पहुंचने दिया और अब हिसाब मांग रहे हैं। अपने गिरेबान में झांककर देखिए। आदिवासी इलाकों में गरीबी के कारण नक्सलवाद नहीं फैला बल्कि नक्सलवाद के कारण सालों तक गरीबी रही। नक्सलवाद की जड़ें वैचारिक हैं। यह गरीबी और विकास से जुड़ी नहीं हैं। संसद में आज नक्सलवाद पर चर्चा सरकार की तरफ से दी गई डेडलाइन खत्म होने से एक दिन पहले हुई। शाह कई बार 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा कर चुके हैं। शाह के भाषण के 6 पॉइट्स : संसद से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

Mar 30, 2026 - 21:50
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शाह बोले- जो हथियार उठाएगा, उसे कीमत चुकानी होगी:वामपंथियों ने आदिवासियों को बहकाया; गरीबी ने नक्सलवाद नहीं, नक्सलवाद ने गरीबी फैलाई
गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि भारत नक्सल-मुक्त हो गया है, ऐसा हम कह सकते हैं। अपनी डेढ़ घंटे स्पीच के दौरान शाह ने कहा- हमने 31 मार्च तक देश को नक्सल-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था। मैं पूरी व्यवस्था होने के बाद देश को भी सूचित करूंगा। शाह ने कहा- जो लोग पूरी व्यवस्था को नकार कर हथियार उठा लेते हैं, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। सालों से भोले-भाले आदिवासियों को अंधेरे में रखा गया। वामपंथियों ने अपनी विचारधारा को फैलाने के लिए आदिवासियों को बहकाया। शाह ने कहा- कांग्रेस ने 60 साल के दौरान आदिवासियों तक घर, स्कूल, मोबाइल टॉवर नहीं पहुंचने दिया और अब हिसाब मांग रहे हैं। अपने गिरेबान में झांककर देखिए। आदिवासी इलाकों में गरीबी के कारण नक्सलवाद नहीं फैला बल्कि नक्सलवाद के कारण सालों तक गरीबी रही। नक्सलवाद की जड़ें वैचारिक हैं। यह गरीबी और विकास से जुड़ी नहीं हैं। संसद में आज नक्सलवाद पर चर्चा सरकार की तरफ से दी गई डेडलाइन खत्म होने से एक दिन पहले हुई। शाह कई बार 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा कर चुके हैं। शाह के भाषण के 6 पॉइट्स : संसद से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…