‘वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी...’: TMC विवाद पर चुनाव आयोग और बीजेपी पर बरसे राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस का नाम और सिंबल फ्रीज करने पर भाजपा के साथ ही चुनाव आयोग पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने शिवसेना, एनसीपी और तृणमूल कांग्रेस का जिक्र करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर पार्टी चोरी का आरोप लगाया। ...
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस का नाम और सिंबल फ्रीज करने पर भाजपा के साथ ही चुनाव आयोग पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने शिवसेना, एनसीपी और तृणमूल कांग्रेस का जिक्र करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर पार्टी चोरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं। ALSO READ: ममता और ऋतब्रत गुट को झटका, TMC का नाम-सिंबल फ्रीज, EC ने कल तक मांगे 3 ऑप्शन
राहुल गांधी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस। हर बार एक ही पैटर्न - BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है। जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं। वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि ECI की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है - मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं। यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है। ALSO READ: जबलपुर में जलते दीयों से तेल निकालते दिखे बच्चे, वीडियो शेयर कर भड़कीं सुप्रिया श्रीनेत
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न - BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।
वोट चोरी। सरकार चोरी।… — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 18, 2026
क्या है चुनाव आयोग का फैसला?
चुनाव आयोग ने गुरुवार को अंतरिम आदेश जारी करते हुए ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी को प्रतिद्वंद्वी गुटों को पार्टी के नाम ‘All India Trinamool Congress’ और पारंपरिक चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया है। यह आदेश विवाद पर अंतिम फैसला आने तक प्रभावी रहेगा।
चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुटों को अपने लिए 3-3 पसंदीदा नाम और 3-3 स्वतंत्र चुनाव चिह्न सुझाने को कहा है। दोनों गुटों को यह विकल्प 18 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे तक आयोग के सामने रखने होंगे। इसके बाद आयोग प्रत्येक गुट के लिए एक नाम और एक चुनाव चिह्न आवंटित करेगा।
उपचुनाव से पहले बड़ा फैसला
यह फैसला पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले आया है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।



