विधानसभा अध्यक्ष गयाजी धर्मशाला पहुंचे:12 हजार करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण, 1080 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गयाजी टाउन क्षेत्र के चांदचौरा स्थित निर्माणाधीन धर्मशाला भवन का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की, साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह धर्मशाला बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत लगभग ₹12015.85 करोड़ की लागत से बनाई जा रही है। इसका निर्माण कार्य 7 मई 2025 से शुरू होकर 6 मई 2027 तक पूरा होना निर्धारित है। डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि गया आस्था की नगरी है, जहां देश-विदेश से, विशेषकर पितृपक्ष मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में इन आगंतुकों के ठहरने के लिए समुचित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त धर्मशाला का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। 4.38 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान बताया कि धर्मशाला परिसर लगभग 4.38 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसमें लगभग 1080 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी।
यह भवन ग्राउंड प्लस पांच (G+5) मंजिला होगा। ग्राउंड फ्लोर पर कार, मोटरसाइकिल और बस पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रथम तल पर 5-बेड और 3-बेड डॉरमेट्री की व्यवस्था की जा रही है, जबकि दूसरे से पांचवें तल तक प्रत्येक तल पर 2-बेड गेस्ट रूम, 5-बेड और 3-बेड डॉरमेट्री का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, परिसर में कर्मचारियों और चालकों के लिए पृथक व्यवस्था, भोजन कक्ष, स्वच्छ शौचालय, लिफ्ट, आधुनिक HVAC सिस्टम, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और सोलर ऊर्जा जैसी अन्य सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह धर्मशाला भवन पितृपक्ष मेला के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगा। गया में पर्यटन और धार्मिक आधारभूत संरचना को नई दिशा देगा।
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गयाजी टाउन क्षेत्र के चांदचौरा स्थित निर्माणाधीन धर्मशाला भवन का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की, साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह धर्मशाला बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत लगभग ₹12015.85 करोड़ की लागत से बनाई जा रही है। इसका निर्माण कार्य 7 मई 2025 से शुरू होकर 6 मई 2027 तक पूरा होना निर्धारित है। डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि गया आस्था की नगरी है, जहां देश-विदेश से, विशेषकर पितृपक्ष मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में इन आगंतुकों के ठहरने के लिए समुचित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त धर्मशाला का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। 4.38 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान बताया कि धर्मशाला परिसर लगभग 4.38 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसमें लगभग 1080 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी।
यह भवन ग्राउंड प्लस पांच (G+5) मंजिला होगा। ग्राउंड फ्लोर पर कार, मोटरसाइकिल और बस पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रथम तल पर 5-बेड और 3-बेड डॉरमेट्री की व्यवस्था की जा रही है, जबकि दूसरे से पांचवें तल तक प्रत्येक तल पर 2-बेड गेस्ट रूम, 5-बेड और 3-बेड डॉरमेट्री का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, परिसर में कर्मचारियों और चालकों के लिए पृथक व्यवस्था, भोजन कक्ष, स्वच्छ शौचालय, लिफ्ट, आधुनिक HVAC सिस्टम, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और सोलर ऊर्जा जैसी अन्य सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह धर्मशाला भवन पितृपक्ष मेला के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगा। गया में पर्यटन और धार्मिक आधारभूत संरचना को नई दिशा देगा।