रेवाड़ी में महिला सरपंच गबन के आरोप में सस्पेंड:कार्यों में अनियमितता के आरोप सही मिले; ग्रामीणों ने दी थी शिकायत
रेवाड़ी में डीसी ने बव्वा गांव की महिला सरपंच को निलंबित कर दिया। पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51(1) बी के तहत 12 अगस्त को यह आदेश जारी किए। डीसी ने अपने आदेशों में कहा कि सरपंच सुनीता देवी निजी सुनवाई के दौरान अनियमितताओं का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। जनहित को देखते हुए सरपंच को निलंबित करने के आदेश जारी गया। गांव बव्वा निवासी रिटायर प्राध्यापक लालाराम और ग्रामीण सत्यपाल ने सरपंच के खिलाफ महानिदेशक पंचायत को मार्च 2026 में शिकायत की थी। महानिदेशक के आदेश पर सीईओ जिला परिषद ने जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी ने सरपंच को 10 जून को सरपंच को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के लिए बुलाया। महिला सरपंच पर ये लगे थे आरोप पंचायत महानिदेशक को भेजी शिकायत में सरपंच पर सीमेंट खरीद, बिना वाउचर जेसीबी, वाहन और श्रमिकों को भुगतान करने, बिना बिल के फोटो कॉपी के आधार पर लाखों का भुगतान करने, टीडीएस राशि जमा नहीं करवाने, गली निर्माण में अतिरिक्त भुगतान करने जैसे कई आरोप लगाए थे। कमेटी की जांच में आरोप सही पाए गए। रिकॉर्ड दुरूस्त करने को मांगा था समय सुनवाई के दौरान महिला सरपंच सुनीता देवी ने रिकॉर्ड दुरूस्त करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। जांच कमेटी ने सरपंच को 2 जुलाई को एक सप्ताह में अतिरिक्त निकाली गई राशि एक सप्ताह में पंचायत फंड में जमा करवाने और उसकी रसीद बीडीपीओ के माध्यम से जांच कमेटी को सौंपने के निर्देश दिए। पंचायत फंड में जमा नहीं करवाई राशि सरपंच सुनीता देवी ने निर्धारित अवधि में अतिरिक्त रूप से निकाली गई राशि जमा नहीं करवाई। डीसी ने जांच कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार करने के बाद 12 अगस्त को सरपंच सुनीता देवी के निलंबन आदेश जारी कर दिए। निलंबन आदेश में डीसी ने पंचायत रिकॉर्ड बहुमत वाले पंच को सौंपने के आदेश दिए। सरपंच अब डीसी के आदेश को कमिश्नर के सामने चुनौती दे सकती हैं।



