भोपाल में रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती, नगर निगम ने शुरू की सीलिंग कार्रवाई, व्यापरियों में हड़कंप

राजधानी भोपाल के रिहायशी क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अब प्रशासन का शिकंजा कसने लगा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में भोपाल नगर निगम ने अरेरा कॉलोनी के ई-1 से ई-5 सेक्टर सहित विभिन्न आवासीय क्षेत्रों में ...

Aug 1, 2026 - 22:15
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भोपाल में रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती, नगर निगम ने शुरू की सीलिंग कार्रवाई, व्यापरियों में हड़कंप

भोपाल। राजधानी भोपाल के रिहायशी क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अब प्रशासन का शिकंजा कसने लगा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में भोपाल नगर निगम ने अरेरा कॉलोनी के ई-1 से ई-5 सेक्टर सहित विभिन्न आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

इसी के तहत भोपाल नगर निगम ने अरेरा कॉलोनी के ई-1 से ई-5 क्षेत्रों में करीब 20 प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सीलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर निगम के अनुसार, अब तक शहर में अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर समेत विभिन्न इलाकों के 1,018 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नगर निगम भोपाल द्वारा कार्रवाई लगातार जारी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम ऐसे भवनों पर कार्रवाई कर रहा है, जहां आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

शनिवार को  शाहपुरा थाना क्षेत्र के रघुनाथ नगर, शाहपुरा थाना के पास स्थित एसके प्लाजा को नगर निगम भोपाल ने सील कर दिया है। नगर निगम द्वारा भवन पर चस्पा किए गए आदेश में उल्लेख है कि नगर निगम भोपाल के आदेशानुसार इस भवन में व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दी गई हैं।  इसके साथ ही भवन को सील कर दिया गया है। इस आवासीय भवन में शर्मा विष्णु फास्ट फूड सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों का संचालन बंद करा दिया गया।

भोपाल में नगर निगम के अधिकारियों का  कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहरी नियोजन एवं भवन उपयोग संबंधी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को तमिलनाडु से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की राजधानियों में आवासीय क्षेत्रों के व्यावसायिक उपयोग के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने राज्य सरकारों से 4 अगस्त तक अनुपालन रिपोर्ट (एक्शन टेकन रिपोर्ट) प्रस्तुत करने को कहा है।

 

दूसरी ओर, व्यापारिक संगठनों ने इस कार्रवाई पर चिंता जताई है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रवक्ता अजय देवनानी का कहना है कि वर्ष 2005 के बाद से भोपाल का नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ है, जिससे कई व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। उनका सुझाव है कि प्रशासन को गुजरात की तर्ज पर ऐसी व्यवस्था पर विचार करना चाहिए, जिसमें आवासीय क्षेत्रों में सीमित और नियमनबद्ध व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी जा सके। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, सीलिंग अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। कार्रवाई के दायरे में मुख्य रूप से छोटी दुकानें, होटल, अस्पताल, बैंक तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।