भोजपुर में हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास:9 साल पहले की थी हत्या, खेत से लौटते समय दागी थी बुलेट
आरा व्यवहार कोर्ट ने सात साल पुराने हत्या कांड में फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह एससी/एसटी विशेष न्यायाधीश शैलेन्द्र कुमार पांडा की अदालत ने आज सुनवाई पूरी की। करनामेपुर ओपी क्षेत्र के रमदत्तही गांव निवासी ब्रजेश राय और रामेश्वर राय को राजेंद्र ततवा की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने सजा के साथ दोनों पर आर्थिक दंड भी अधिरोपित किया है, जिससे यह फैसला और सख्त हो गया है। यह मामला 7 सितंबर 2017 का है, जब जमीन विवाद को लेकर पहले से घात लगाए आरोपियों ने राजेंद्र ततवा पर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी थी, जब वह अपने खेत से घर लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायल राजेंद्र को इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मृतक के भाई वीरेंद्र ततवा के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। 7 साल से चल रही थी सुनवाई जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि हत्या के पीछे पुराना जमीन विवाद मुख्य वजह था। साल 2019 में इस मामले में आरोप तय किए गए थे और तब से लगातार अदालत में सुनवाई चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया, जिनके बयानों और साक्ष्यों ने मामले को मजबूत आधार दिया। विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार सिंह ने अदालत के समक्ष ठोस तर्क और प्रमाण प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत और संतोष व्यक्त किया है।
May 1, 2026 - 22:06
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आरा व्यवहार कोर्ट ने सात साल पुराने हत्या कांड में फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह एससी/एसटी विशेष न्यायाधीश शैलेन्द्र कुमार पांडा की अदालत ने आज सुनवाई पूरी की। करनामेपुर ओपी क्षेत्र के रमदत्तही गांव निवासी ब्रजेश राय और रामेश्वर राय को राजेंद्र ततवा की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने सजा के साथ दोनों पर आर्थिक दंड भी अधिरोपित किया है, जिससे यह फैसला और सख्त हो गया है। यह मामला 7 सितंबर 2017 का है, जब जमीन विवाद को लेकर पहले से घात लगाए आरोपियों ने राजेंद्र ततवा पर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी थी, जब वह अपने खेत से घर लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायल राजेंद्र को इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मृतक के भाई वीरेंद्र ततवा के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। 7 साल से चल रही थी सुनवाई जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि हत्या के पीछे पुराना जमीन विवाद मुख्य वजह था। साल 2019 में इस मामले में आरोप तय किए गए थे और तब से लगातार अदालत में सुनवाई चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया, जिनके बयानों और साक्ष्यों ने मामले को मजबूत आधार दिया। विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार सिंह ने अदालत के समक्ष ठोस तर्क और प्रमाण प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत और संतोष व्यक्त किया है।
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