फरीदाबाद में कार से 100 लीटर पेट्रोल जब्त:चेकिंग के दौरान पुलिस ने रोकी; शीशों पर चढ़ी मिली काली फिल्म

फरीदाबाद जिले में ट्रैफिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चल रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। गुरुवार शाम पल्ला पुल स्थित ट्रैफिक पुलिस बूथ पर चेकिंग के दौरान एक कार से भारी मात्रा में अवैध पेट्रोल बरामद किया गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। यूपी नंबर की थी टैक्सी घटना उस समय सामने आई जब ट्रैफिक ZO नरेश कुमार अपनी टीम के साथ नियमित रूप से वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान सामने से एक सफेद रंग की वैगनआर कार आती हुई दिखाई दी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर UP16ET3984 था। कार के शीशों पर काली पन्नी लगी हुई थी, जो मोटर वाहन अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए वाहन को तुरंत रोक लिया और मामले की जानकारी ट्रैफिक ZO नरेश कुमार को दी। 20-20 लीटर की पांच बोतलें तैयार सूचना मिलते ही ट्रैफिक ZO नरेश कुमार मौके पर पहुंचे और ड्राइवर से पूछताछ शुरू की। जब वाहन की गहन तलाशी ली गई, तो कार के अंदर 20-20 लीटर की पांच प्लास्टिक पानी की बोतलों में कुल करीब 100 लीटर पेट्रोल भरा हुआ मिला। इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ को इस तरह से खुलेआम ले जाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा भी है। कार कमर्शियल श्रेणी में पंजीकृत जांच के दौरान वाहन के कागजात खंगाले गए, तो एक और गंभीर नियम उल्लंघन सामने आया। कार कमर्शियल श्रेणी में पंजीकृत थी, यानी वह टैक्सी थी, लेकिन उस पर सफेद नंबर प्लेट लगी हुई थी, जबकि नियमानुसार कमर्शियल वाहनों पर पीली नंबर प्लेट होना अनिवार्य है। यह साफ तौर पर नियमों से बचने और पहचान छिपाने की कोशिश मानी जा रही है।

Jan 29, 2026 - 11:44
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फरीदाबाद में कार से 100 लीटर पेट्रोल जब्त:चेकिंग के दौरान पुलिस ने रोकी; शीशों पर चढ़ी मिली काली फिल्म
फरीदाबाद जिले में ट्रैफिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चल रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। गुरुवार शाम पल्ला पुल स्थित ट्रैफिक पुलिस बूथ पर चेकिंग के दौरान एक कार से भारी मात्रा में अवैध पेट्रोल बरामद किया गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। यूपी नंबर की थी टैक्सी घटना उस समय सामने आई जब ट्रैफिक ZO नरेश कुमार अपनी टीम के साथ नियमित रूप से वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान सामने से एक सफेद रंग की वैगनआर कार आती हुई दिखाई दी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर UP16ET3984 था। कार के शीशों पर काली पन्नी लगी हुई थी, जो मोटर वाहन अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए वाहन को तुरंत रोक लिया और मामले की जानकारी ट्रैफिक ZO नरेश कुमार को दी। 20-20 लीटर की पांच बोतलें तैयार सूचना मिलते ही ट्रैफिक ZO नरेश कुमार मौके पर पहुंचे और ड्राइवर से पूछताछ शुरू की। जब वाहन की गहन तलाशी ली गई, तो कार के अंदर 20-20 लीटर की पांच प्लास्टिक पानी की बोतलों में कुल करीब 100 लीटर पेट्रोल भरा हुआ मिला। इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ को इस तरह से खुलेआम ले जाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा भी है। कार कमर्शियल श्रेणी में पंजीकृत जांच के दौरान वाहन के कागजात खंगाले गए, तो एक और गंभीर नियम उल्लंघन सामने आया। कार कमर्शियल श्रेणी में पंजीकृत थी, यानी वह टैक्सी थी, लेकिन उस पर सफेद नंबर प्लेट लगी हुई थी, जबकि नियमानुसार कमर्शियल वाहनों पर पीली नंबर प्लेट होना अनिवार्य है। यह साफ तौर पर नियमों से बचने और पहचान छिपाने की कोशिश मानी जा रही है।