नाली नहीं बनने से ग्रामीण नाराज, मुखिया का एंट्री रोका:जमुई में स्कूल के रास्ते पर जलजमाव से परेशानी, आंदोलन की चेतावनी दी
जमुई जिले के बरहट प्रखंड की नुमर पंचायत के वार्ड संख्या 2 में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। नाली निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया और वार्ड सदस्य के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी है। ग्रामीणों ने गांव की दीवारों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चिपकाकर स्पष्ट किया है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, मुखिया और वार्ड सदस्य का प्रवेश वर्जित रहेगा। यह विरोध प्रदर्शन नाली निर्माण की मांग को लेकर किया जा रहा है। पांच महीनों से नाली का गंदा पानी बह रहा ग्रामीणों के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय केवाल के मुख्य द्वार के पास पिछले लगभग पांच महीनों से नाली का गंदा पानी बह रहा है। इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को रोजाना कीचड़ और दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है। स्थिति इतनी खराब है कि कई बार बच्चे और बुजुर्ग फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे उन्हें चोटें आई हैं। गंदगी और जलजमाव के कारण क्षेत्र में संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। उचित नाली व्यवस्था का अभाव इलाके में जल निकासी के लिए उचित नाली व्यवस्था का अभाव है। जो पुरानी नालियां हैं, वे भी जर्जर हो चुकी हैं और पानी का बहाव रुक जाता है। हल्की बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी होती है। आने वाले दिनों में गांव में कई शादियां भी हैं, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है कि मेहमानों का स्वागत इस स्थिति में कैसे किया जाएगा। मुखिया पर लापरवाही का आरोप लगाया ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार मुखिया और वार्ड सदस्य को आवेदन दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने मुखिया पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, वार्ड सदस्य रूबी नाज के पति मो. गुड्डू ने बताया कि पंचायत सचिव के हड़ताल पर रहने के कारण नाली निर्माण का काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हड़ताल समाप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मुखिया दामोदर पासवान फिलहाल शहर से बाहर हैं, क्योंकि उनके परिवार में एक सदस्य बीमार है। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
जमुई जिले के बरहट प्रखंड की नुमर पंचायत के वार्ड संख्या 2 में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। नाली निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया और वार्ड सदस्य के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी है। ग्रामीणों ने गांव की दीवारों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चिपकाकर स्पष्ट किया है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, मुखिया और वार्ड सदस्य का प्रवेश वर्जित रहेगा। यह विरोध प्रदर्शन नाली निर्माण की मांग को लेकर किया जा रहा है। पांच महीनों से नाली का गंदा पानी बह रहा ग्रामीणों के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय केवाल के मुख्य द्वार के पास पिछले लगभग पांच महीनों से नाली का गंदा पानी बह रहा है। इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को रोजाना कीचड़ और दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है। स्थिति इतनी खराब है कि कई बार बच्चे और बुजुर्ग फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे उन्हें चोटें आई हैं। गंदगी और जलजमाव के कारण क्षेत्र में संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। उचित नाली व्यवस्था का अभाव इलाके में जल निकासी के लिए उचित नाली व्यवस्था का अभाव है। जो पुरानी नालियां हैं, वे भी जर्जर हो चुकी हैं और पानी का बहाव रुक जाता है। हल्की बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी होती है। आने वाले दिनों में गांव में कई शादियां भी हैं, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है कि मेहमानों का स्वागत इस स्थिति में कैसे किया जाएगा। मुखिया पर लापरवाही का आरोप लगाया ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार मुखिया और वार्ड सदस्य को आवेदन दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने मुखिया पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, वार्ड सदस्य रूबी नाज के पति मो. गुड्डू ने बताया कि पंचायत सचिव के हड़ताल पर रहने के कारण नाली निर्माण का काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हड़ताल समाप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मुखिया दामोदर पासवान फिलहाल शहर से बाहर हैं, क्योंकि उनके परिवार में एक सदस्य बीमार है। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।