डिजिटल अरेस्ट से 2.04 करोड़ की साइबर ठगी:मथुरा साइबर पुलिस ने महिला सहित 5 आरोपी दबोचे
मथुरा साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2 करोड़ 4 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा किया है। इस मामले में एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से 9 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, 9 एटीएम कार्ड, 3 पैन कार्ड, 2 आधार कार्ड और 11 बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस टीम ने गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 13:05 बजे थाना रिफाइनरी क्षेत्र के बाद बरेली हाईवे से सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रमेश उर्फ राम विश्नोई (निवासी फलोदी, राजस्थान), राहुल मगलानी (निवासी आगरा), लक्ष्य अग्रवाल (निवासी आवास विकास कॉलोनी, आगरा) और पुनीत सोलंकी (निवासी किरावली, आगरा) शामिल हैं। इनके साथ एक महिला आरोपी भी पकड़ी गई है। एसपी क्राइम अवनीश मिश्र ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने लीडर एम.डी. विश्नोई के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से इस साइबर अपराध को अंजाम देते थे। गिरोह हांगकांग के मोबाइल नंबरों से पीड़ित महिला को कॉल करता था और खुद को सीबीआई या क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताता था। पीड़िता को यह कहकर डराया गया कि उसके आधार कार्ड और सिम का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है, और बैंक खातों की जांच के नाम पर उसे "डिजिटल अरेस्ट" कर लिया गया है। आरोपियों ने पीड़िता को फर्जी नोटिस और दस्तावेज भेजकर बैंक खातों में जमा धनराशि की जांच का झांसा दिया और विभिन्न खातों में कुल 2 करोड़ 4 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। साइबर पुलिस को इस मामले में कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल और अन्य दस्तावेजों के रूप में पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। पीड़िता ने 23 दिसंबर 2025 को थाना साइबर क्राइम मथुरा में इस घटना के संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। साइबर पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के परिणामस्वरूप इन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सका। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मथुरा साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2 करोड़ 4 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा किया है। इस मामले में एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से 9 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, 9 एटीएम कार्ड, 3 पैन कार्ड, 2 आधार कार्ड और 11 बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस टीम ने गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 13:05 बजे थाना रिफाइनरी क्षेत्र के बाद बरेली हाईवे से सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रमेश उर्फ राम विश्नोई (निवासी फलोदी, राजस्थान), राहुल मगलानी (निवासी आगरा), लक्ष्य अग्रवाल (निवासी आवास विकास कॉलोनी, आगरा) और पुनीत सोलंकी (निवासी किरावली, आगरा) शामिल हैं। इनके साथ एक महिला आरोपी भी पकड़ी गई है। एसपी क्राइम अवनीश मिश्र ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने लीडर एम.डी. विश्नोई के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से इस साइबर अपराध को अंजाम देते थे। गिरोह हांगकांग के मोबाइल नंबरों से पीड़ित महिला को कॉल करता था और खुद को सीबीआई या क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताता था। पीड़िता को यह कहकर डराया गया कि उसके आधार कार्ड और सिम का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है, और बैंक खातों की जांच के नाम पर उसे "डिजिटल अरेस्ट" कर लिया गया है। आरोपियों ने पीड़िता को फर्जी नोटिस और दस्तावेज भेजकर बैंक खातों में जमा धनराशि की जांच का झांसा दिया और विभिन्न खातों में कुल 2 करोड़ 4 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। साइबर पुलिस को इस मामले में कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल और अन्य दस्तावेजों के रूप में पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। पीड़िता ने 23 दिसंबर 2025 को थाना साइबर क्राइम मथुरा में इस घटना के संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। साइबर पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के परिणामस्वरूप इन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सका। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।