जमुई में मुहर्रम अखाड़ा जुलूस शांतिपूर्ण संपन्न:शुक्रवार के पथराव के बाद प्रशासन रहा अलर्ट

जमुई में मुहर्रम का पारंपरिक अखाड़ा जुलूस शनिवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। शुक्रवार को इस्लामनगर इलाके में हुई पथराव की घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क थी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच नीमारंग मोहल्ले से यह जुलूस निकाला गया। यह अखाड़ा जुलूस नीमारंग से शुरू होकर भछियार चौक, गौशाला रोड, गिरीश टॉकीज रोड, थाना चौक, खैरा मोड़ और बोधवन तालाब सहित विभिन्न निर्धारित मार्गों से गुजरा। इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए, जिन्होंने इमाम हुसैन की शहादत को पारंपरिक तरीके से याद किया। पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया जुलूस के दौरान युवाओं ने लाठी, भाला, तलवार और बाणा जैसी पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया। कई युवकों ने सिपल घुमाकर भी अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए सड़क किनारे काफी भीड़ जमा थी। शुक्रवार की घटना के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। शहर के संवेदनशील चौक-चौराहों पर पुलिस बल, दंडाधिकारी और एसएसबी के जवानों को तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारी जुलूस के साथ लगातार मौजूद रहे और पूरे मार्ग पर गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी। अखाड़ा हर वर्ष मुहर्रम के एक दिन बाद निकाला जाता जुलूस के दौरान एसडीओ सौरव कुमार, एसडीपीओ सतीश सुमन, जमुई अंचलाधिकारी, टाउन थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार और लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी स्वयं मौजूद थे। अधिकारियों ने पूरे मार्ग का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि कोई अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। नीमारंग इलाके से यह अखाड़ा हर वर्ष मुहर्रम के एक दिन बाद निकाला जाता है। शुक्रवार की पथराव की घटना के बावजूद, प्रशासन की सतर्कता, पुलिस की मुस्तैदी और आम लोगों के सहयोग से इस वर्ष का आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

Jun 27, 2026 - 21:03
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जमुई में मुहर्रम अखाड़ा जुलूस शांतिपूर्ण संपन्न:शुक्रवार के पथराव के बाद प्रशासन रहा अलर्ट
जमुई में मुहर्रम का पारंपरिक अखाड़ा जुलूस शनिवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। शुक्रवार को इस्लामनगर इलाके में हुई पथराव की घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क थी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच नीमारंग मोहल्ले से यह जुलूस निकाला गया। यह अखाड़ा जुलूस नीमारंग से शुरू होकर भछियार चौक, गौशाला रोड, गिरीश टॉकीज रोड, थाना चौक, खैरा मोड़ और बोधवन तालाब सहित विभिन्न निर्धारित मार्गों से गुजरा। इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए, जिन्होंने इमाम हुसैन की शहादत को पारंपरिक तरीके से याद किया। पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया जुलूस के दौरान युवाओं ने लाठी, भाला, तलवार और बाणा जैसी पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया। कई युवकों ने सिपल घुमाकर भी अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए सड़क किनारे काफी भीड़ जमा थी। शुक्रवार की घटना के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। शहर के संवेदनशील चौक-चौराहों पर पुलिस बल, दंडाधिकारी और एसएसबी के जवानों को तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारी जुलूस के साथ लगातार मौजूद रहे और पूरे मार्ग पर गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी। अखाड़ा हर वर्ष मुहर्रम के एक दिन बाद निकाला जाता जुलूस के दौरान एसडीओ सौरव कुमार, एसडीपीओ सतीश सुमन, जमुई अंचलाधिकारी, टाउन थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार और लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी स्वयं मौजूद थे। अधिकारियों ने पूरे मार्ग का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि कोई अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। नीमारंग इलाके से यह अखाड़ा हर वर्ष मुहर्रम के एक दिन बाद निकाला जाता है। शुक्रवार की पथराव की घटना के बावजूद, प्रशासन की सतर्कता, पुलिस की मुस्तैदी और आम लोगों के सहयोग से इस वर्ष का आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।