जंतर-मंतर प्रदर्शन को पूर्व सांसद ने बताया विपक्ष का षड्यंत्र:रोहतक में जांगड़ा बोले- एक भी NEET परीक्षार्थी नहीं था, अभियान कामयाब नहीं हुआ
रोहतक में भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद भारत की शिक्षा व्यवस्था में बहुत बड़ा दोष था। किसी ने भी शिक्षा को रोजगारमुखी बनाने का प्रयास नहीं किया। लेकिन 2014 के बाद शिक्षा को रोजगारमुखी बनाया गया और हुनर की शिक्षा का प्रयास किया। रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि जंतर मंतर पर हुआ विपक्ष का षड़यंत्र सबके सामने आ चुका है। जंतर मंतर पर जितने भी युवा पकड़े, उनमें से एक भी नीट का एग्जाम देने वाला युवा नहीं था। स्टूडेंट के नाम पर सरकार को बदनाम करने के लिए एक अभियान चलाया गया था, जो कामयाब नहीं हुआ। यह पूरा षड़यंत्र विपक्ष ने रचा था। बोले- स्कूल राजनीति का केंद्र नहीं रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि स्कूल कोई राजनीति का केंद्र नहीं है। 9 साल भूपेंद्र हुड्डा सीएम रहे, तब स्कूल याद नहीं आए। आज सरकारी स्कूलों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। सर्टिफिकेट उद्योग पर भाजपा ने प्रतिबंद लगा दिया है। विपक्ष सूची तो बताए कि कौन से सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं। जिन स्कूलों में बच्चे ही नहीं होंगे तो वह बंद अपने आप हो जाएंगे। स्टूडेंट के भविष्य के लिए टीचर की योग्यता जरूरी रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि स्टूडेंट के भविष्य के लिए टीचर की योग्यता जरूरी होती है। उनके प्रशिक्षण के लिए व्यवस्था की गई है। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के समय भाई भतीजावाद होता था। अनपढ़ लोगों को भर्ती कर रखा था, जिन्हें पढ़ाना ही नहीं आता था। आज मेरिट के आधार पर नौकरी मिल रही है, तो वह तिलमिला रहे हैं। सबको नहीं मिल सकती सरकारी नौकरी रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि सरकारी नौकरी की सीमा होती है। हरियाणा की जनसंख्या 2 करोड़ 80 लाख है और सरकारी नौकरी मात्र 3 लाख है। सबको सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती। युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देनी होगी, तभी बेरोजगारी मिटेगी। पाखंडवाद के खिलाफ सरकार की कोई योजना नहीं रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि पाखंडवाद के खिलाफ सरकार की कोई योजना नहीं होती। पाखंडवाद के खिलाफ अभियान सामाजिक संस्थाएं चलाती हैं। सरकार का पूरा आशीर्वाद ऐसी संस्थाओं को रहता है। सरकार योगदान देने लायक चीज करती है, लेकिन अभियान नहीं चलाती। सफाई कर्मचारियों की उचित मांग मानने के लिए तैयार रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की जो उचित मांग है, वो मानने के लिए तैयार है। रेगुलराजेशन पर अधिक झगड़ा है, लेकिन वो सब कमेटी को देखना है। हड़ताल तोड़कर काम शुरू कर देंगे तो भी उनकी मांगों की तरफ विचार किया जाएगा। उनकी अपील है कि हड़ताल तोड़कर कर्मचारियों को सफाई शुरू कर देनी चाहिए।
रोहतक में भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद भारत की शिक्षा व्यवस्था में बहुत बड़ा दोष था। किसी ने भी शिक्षा को रोजगारमुखी बनाने का प्रयास नहीं किया। लेकिन 2014 के बाद शिक्षा को रोजगारमुखी बनाया गया और हुनर की शिक्षा का प्रयास किया। रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि जंतर मंतर पर हुआ विपक्ष का षड़यंत्र सबके सामने आ चुका है। जंतर मंतर पर जितने भी युवा पकड़े, उनमें से एक भी नीट का एग्जाम देने वाला युवा नहीं था। स्टूडेंट के नाम पर सरकार को बदनाम करने के लिए एक अभियान चलाया गया था, जो कामयाब नहीं हुआ। यह पूरा षड़यंत्र विपक्ष ने रचा था। बोले- स्कूल राजनीति का केंद्र नहीं रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि स्कूल कोई राजनीति का केंद्र नहीं है। 9 साल भूपेंद्र हुड्डा सीएम रहे, तब स्कूल याद नहीं आए। आज सरकारी स्कूलों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। सर्टिफिकेट उद्योग पर भाजपा ने प्रतिबंद लगा दिया है। विपक्ष सूची तो बताए कि कौन से सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं। जिन स्कूलों में बच्चे ही नहीं होंगे तो वह बंद अपने आप हो जाएंगे। स्टूडेंट के भविष्य के लिए टीचर की योग्यता जरूरी रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि स्टूडेंट के भविष्य के लिए टीचर की योग्यता जरूरी होती है। उनके प्रशिक्षण के लिए व्यवस्था की गई है। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के समय भाई भतीजावाद होता था। अनपढ़ लोगों को भर्ती कर रखा था, जिन्हें पढ़ाना ही नहीं आता था। आज मेरिट के आधार पर नौकरी मिल रही है, तो वह तिलमिला रहे हैं। सबको नहीं मिल सकती सरकारी नौकरी रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि सरकारी नौकरी की सीमा होती है। हरियाणा की जनसंख्या 2 करोड़ 80 लाख है और सरकारी नौकरी मात्र 3 लाख है। सबको सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती। युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देनी होगी, तभी बेरोजगारी मिटेगी। पाखंडवाद के खिलाफ सरकार की कोई योजना नहीं रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि पाखंडवाद के खिलाफ सरकार की कोई योजना नहीं होती। पाखंडवाद के खिलाफ अभियान सामाजिक संस्थाएं चलाती हैं। सरकार का पूरा आशीर्वाद ऐसी संस्थाओं को रहता है। सरकार योगदान देने लायक चीज करती है, लेकिन अभियान नहीं चलाती। सफाई कर्मचारियों की उचित मांग मानने के लिए तैयार रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की जो उचित मांग है, वो मानने के लिए तैयार है। रेगुलराजेशन पर अधिक झगड़ा है, लेकिन वो सब कमेटी को देखना है। हड़ताल तोड़कर काम शुरू कर देंगे तो भी उनकी मांगों की तरफ विचार किया जाएगा। उनकी अपील है कि हड़ताल तोड़कर कर्मचारियों को सफाई शुरू कर देनी चाहिए।