'घायल हूं इसलिए घातक हूं': राघव चड्ढा का पलटवार, बोले- 3 आरोप, एक भी सच नहीं

Raghav Chadha news in hindi : राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को एक्स पर अपने अकाउंट के माध्यम से एक नया वीडियो जारी कर पार्टी की ओर से किए जा रहे सामूहिक राजनीतिक आरोपों का करारा जवाब दिया है। उन्होंने वीडियो का शीर्षक 'घायल हूं इसलिए घातक हूं' ...

Apr 4, 2026 - 18:44
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'घायल हूं इसलिए घातक हूं': राघव चड्ढा का पलटवार, बोले- 3 आरोप, एक भी सच नहीं

Raghav Chadha Raghav Chadha news in hindi : राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को एक्स पर अपने अकाउंट के माध्यम से एक नया वीडियो जारी कर पार्टी की ओर से किए जा रहे सामूहिक राजनीतिक आरोपों का करारा जवाब दिया है। उन्होंने वीडियो का शीर्षक 'घायल हूं इसलिए घातक हूं' रखा है।

 

उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता। 3 आरोप, एक भी सच नहीं। 

 

उन्होंने कहा कि कल मेरे खिलाफ एक स्क्रीप्टेड कैम्पेन चलाया जा रहा है। पहले मैंने सोचा कि इन आरोपों का मैं कोई जवाब नहीं दूंगा लेकिन फिर मुझे लगा कि एक ही झूठ सौ बार बोला जाता है तो कुछ लोग सच न मान लें। इसीलिए मैं यह जवाब दे रहा हूं।

 

राघव चड्ढा ने कहा कि यह कोई इत्तिफाक नहीं है कि आप के कई नेताओं की ओर से कमोबेश एक ही तरह के आरोप लगाकर उन्हें घेरा जा रहा है।

 

क्या था राघव का सवाल?

गौरतलब है कि आप ने गुरुवार को राघव चढ्‍डा के स्थान पर अशोक मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का उपनेता बनाया था। इसके बाद से ही पार्टी में घमासान मचा हुआ है। राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा था कि मुझे जब-जब संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं और शायद ऐसे मुद्दे उठाता हूं जिसे आमतौर पर संसद में नहीं उठाया जाता।

 

राघव चड्ढा ने सवाल किया कि क्या जनता के मुद्दे उठाना, जनता की समस्याओं पर बात करना कोई अपराध है? आप नेताओं का कहना है कि राघव संसद में मोदी सरकार से सवाल पूछने में डरते हैं।

 

क्या भाजपा में होंगे शामिल?

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और AAP की वरिष्‍ठ नेता आतिशी ने भी कहा था कि भाजपा का एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर है। वे नेताओं को डराती है और धमकाती है, लालच देती है और विपक्ष के बहुत सारे नेता डर और धमकी से या लालच से कूदकर भाजपा की गोद में जाकर बैठ जाते हैं। शायद राघव जी के साथ भी यही हो रहा है।

edited by : Nrapendra Gupta