गोंडा से बलरामपुर तक खून के अवैध कारोबार की जांच:सभी ब्लड बैंकों के 3 महीने के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे

गोंडा में खून के अवैध कारोबार का खुलासा होने के बाद अब गोंडा और बलरामपुर जिलों में जांच तेज हो गई है। गोंडा पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और दोनों जिलों के ड्रग इंस्पेक्टर इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। इस दौरान दोनों जिलों में संचालित सभी सरकारी और निजी ब्लड बैंकों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। जांच दल ब्लड बैंकों में तैनात कर्मचारियों का सत्यापन कर रहा है। पिछले तीन महीनों में मरीजों को दिए गए खून का विवरण और ब्लड बैंक कार्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि फर्जी कार्डों की पहचान की जा सके। गोंडा में आज बुधवार सुबह 10 बजे से ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा लगातार जिले के अलग-अलग ब्लड बैंक पहुंचकर के जांच कर रहे हैं। दोनों जिलों के सरकारी ब्लड बैंकों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव के चारों जिलों के ब्लड बैंकों में किन-किन कर्मचारियों से संबंध थे। गोंडा मेडिकल कॉलेज और बलरामपुर संयुक्त चिकित्सालय के ब्लड बैंकों में भी कर्मचारियों से पूछताछ कर स्टॉक का मिलान किया गया है। लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई को लेकर के ब्लड बैंक में तैनात अधिकारी और कर्मचारियों को चेतावनी भी दी गई है। पुलिस के साथ-साथ गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती के स्वास्थ्य विभाग ने भी गिरोह के मास्टरमाइंड अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। गोंडा जिले के पकड़े गए 6 दलालों को लेकर के भी गोंडा पुलिस द्वारा जांच की जा रही है किन लोगों ने और कितने लोगों को इस तरीके से खून उपलब्ध करवाया है। वहीं गोंडा के ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा ने बताया कि कई ब्लड बैंकों की जांच की गई है और विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल जारी है। किसी भी ब्लड बैंक में गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आज भी हमारे द्वारा ब्लड बैंकों की जांच की जा रही है पिछले 3 महीने का रिकॉर्ड खंगाल जा रहा है जो भी मानक है उसे भी देखा जा रहा है।

Jul 15, 2026 - 11:44
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गोंडा से बलरामपुर तक खून के अवैध कारोबार की जांच:सभी ब्लड बैंकों के 3 महीने के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
गोंडा में खून के अवैध कारोबार का खुलासा होने के बाद अब गोंडा और बलरामपुर जिलों में जांच तेज हो गई है। गोंडा पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और दोनों जिलों के ड्रग इंस्पेक्टर इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। इस दौरान दोनों जिलों में संचालित सभी सरकारी और निजी ब्लड बैंकों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। जांच दल ब्लड बैंकों में तैनात कर्मचारियों का सत्यापन कर रहा है। पिछले तीन महीनों में मरीजों को दिए गए खून का विवरण और ब्लड बैंक कार्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि फर्जी कार्डों की पहचान की जा सके। गोंडा में आज बुधवार सुबह 10 बजे से ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा लगातार जिले के अलग-अलग ब्लड बैंक पहुंचकर के जांच कर रहे हैं। दोनों जिलों के सरकारी ब्लड बैंकों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव के चारों जिलों के ब्लड बैंकों में किन-किन कर्मचारियों से संबंध थे। गोंडा मेडिकल कॉलेज और बलरामपुर संयुक्त चिकित्सालय के ब्लड बैंकों में भी कर्मचारियों से पूछताछ कर स्टॉक का मिलान किया गया है। लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई को लेकर के ब्लड बैंक में तैनात अधिकारी और कर्मचारियों को चेतावनी भी दी गई है। पुलिस के साथ-साथ गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती के स्वास्थ्य विभाग ने भी गिरोह के मास्टरमाइंड अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। गोंडा जिले के पकड़े गए 6 दलालों को लेकर के भी गोंडा पुलिस द्वारा जांच की जा रही है किन लोगों ने और कितने लोगों को इस तरीके से खून उपलब्ध करवाया है। वहीं गोंडा के ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा ने बताया कि कई ब्लड बैंकों की जांच की गई है और विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल जारी है। किसी भी ब्लड बैंक में गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आज भी हमारे द्वारा ब्लड बैंकों की जांच की जा रही है पिछले 3 महीने का रिकॉर्ड खंगाल जा रहा है जो भी मानक है उसे भी देखा जा रहा है।