गुरुग्राम में पीजी में चल रहा जिस्म-फरोशी का कारोबार:रेड में विदेशी लड़कियों समेत 21 लोग पकड़े, पति-पत्नी भी गिरफ्तार, कस्टमरों की तलाश

गुरुग्राम में राज्य महिला आयोग ने जिस्म फरोशी के कारोबार का भंडाफोड़ करने के लिए दूसरे दिन सेक्टर सेक्टर-38 के पीजी में छापा मारा। जहां से विदेशी लड़कियों समेत आठ युवती और 13 युवक पकड़े हैं। इस रैकेट के मास्टरमाइंड झाड़सा निवासी साहिल और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। इस नेटवर्क का खुलासा तब हुआ, जब शनिवार को रेस्क्यू की गई एक नाबालिग लड़की ने पूछताछ के दौरान अपनी दर्दनाक दास्तां बयां की। पीड़िता ने बताया कि जब वह नाबालिग थी, तभी से उसे जबरन बंधक बनाकर रखा गया था। आरोपी साहिल ने उसे झाड़सा स्थित अपने एक सीक्रेट ठिकाने पर कैद करके रखा था और उससे कथित तौर पर गलत काम करवाए जा रहे थे। पीड़िता के इस चौंकाने वाले बयान के बाद राज्य महिला आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस संगठित नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की। हाईटेक तरीके से चल रहा था नेटवर्क शुरुआती पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी साहिल बेहद शातिर और हाईटेक तरीके से इस अवैध नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। वह ग्राहकों को फंसाने और लड़कियों की बुकिंग के लिए वेबसाइट्स चला रहा था। इसके अलावा, पुलिस से बचने के लिए पूरी डीलिंग व्हाट्सएप चैट और अन्य एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों के जरिए की जाती थी। लड़कियां सप्लाई के लिए गाड़ियों का इंतजाम जांच में पता चला है कि इस नेटवर्क के तार बहुत गहरे जुड़े थे। आरोपी ने इस पूरे धंधे को सुचारू रूप से चलाने के लिए बकायदा पीजी, कई गेस्ट हाउस और गाड़ियों का इंतजाम कर रखा था। इस काम में साहिल अकेले नहीं था, बल्कि उसके साथ 10 से 12 अन्य सक्रिय सहयोगी भी जुड़े हुए थे, जो लड़कियों को लाने-ले जाने और ठिकानों की निगरानी करने का काम करते थे। सेक्टर-38 के पीजी से 21 गिरफ्तार पीड़िता से मिली ठोस जानकारी और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी और नोडल अधिकारी व एसीपी अभिलक्ष जोशी की संयुक्त देखरेख में एक बड़ी रेड प्लान की। इस संयुक्त टीम ने सेक्टर-38 स्थित एक पीजी में अचानक छापेमारी की। इस दौरान मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके से विदेशी नागरिकों सहित कुल 21 लोगों को हिरासत में लिया , जिनमें 13 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं। भारी मात्रा में कंडोम मिले राज्य महिला आयोग की टीम ने जब सेक्टर-38 स्थित पीजी पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। देह व्यापार के इस बड़े ठिकाने से भारी मात्रा में कंडोम बरामद हुए हैं। कमरे के विभिन्न हिस्सों और अलमारियों से मिले इस आपत्तिजनक सामान के विशाल स्टॉक को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता था कि यहां बेहद बड़े पैमाने पर और संगठित तरीके से जिस्म फरोशी की गतिविधियां संचालित की जा रही थी। मास्टरमाइंड साहिल और उसकी पत्नी द्वारा चलाए जा रहे इस हाईटेक रैकेट में विदेशी नागरिकों को भी शामिल किया गया था। छापेमारी के दौरान मिले कंडोम के इस पूरे जखीरे, कुछ आपत्तिजनक दस्तावेजों और संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत इन सभी सामग्रियों को मुख्य साक्ष्य के तौर पर केस प्रॉपर्टी में शामिल किया गया है। ग्राहकों की भी तलाश की जा रही एसीपी अभिलक्ष जोशी के अनुसार, पुलिस मौके से मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जैसे मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों को खंगाल रही है ताकि इस रैकेट में शामिल अन्य सहयोगियों और मुख्य ग्राहकों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ इस तरह के अपराधों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सदर थाने में नई प्राथमिकी दर्ज इस मामले को लेकर सदर पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम और फॉरेनर्स एक्ट (विदेशी नागरिक अधिनियम) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत एक नई एफआईआर दर्ज की गई है।

Sep 20, 2026 - 10:52
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गुरुग्राम में पीजी में चल रहा जिस्म-फरोशी का कारोबार:रेड में विदेशी लड़कियों समेत 21 लोग पकड़े, पति-पत्नी भी गिरफ्तार, कस्टमरों की तलाश
गुरुग्राम में राज्य महिला आयोग ने जिस्म फरोशी के कारोबार का भंडाफोड़ करने के लिए दूसरे दिन सेक्टर सेक्टर-38 के पीजी में छापा मारा। जहां से विदेशी लड़कियों समेत आठ युवती और 13 युवक पकड़े हैं। इस रैकेट के मास्टरमाइंड झाड़सा निवासी साहिल और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। इस नेटवर्क का खुलासा तब हुआ, जब शनिवार को रेस्क्यू की गई एक नाबालिग लड़की ने पूछताछ के दौरान अपनी दर्दनाक दास्तां बयां की। पीड़िता ने बताया कि जब वह नाबालिग थी, तभी से उसे जबरन बंधक बनाकर रखा गया था। आरोपी साहिल ने उसे झाड़सा स्थित अपने एक सीक्रेट ठिकाने पर कैद करके रखा था और उससे कथित तौर पर गलत काम करवाए जा रहे थे। पीड़िता के इस चौंकाने वाले बयान के बाद राज्य महिला आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस संगठित नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की। हाईटेक तरीके से चल रहा था नेटवर्क शुरुआती पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी साहिल बेहद शातिर और हाईटेक तरीके से इस अवैध नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। वह ग्राहकों को फंसाने और लड़कियों की बुकिंग के लिए वेबसाइट्स चला रहा था। इसके अलावा, पुलिस से बचने के लिए पूरी डीलिंग व्हाट्सएप चैट और अन्य एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों के जरिए की जाती थी। लड़कियां सप्लाई के लिए गाड़ियों का इंतजाम जांच में पता चला है कि इस नेटवर्क के तार बहुत गहरे जुड़े थे। आरोपी ने इस पूरे धंधे को सुचारू रूप से चलाने के लिए बकायदा पीजी, कई गेस्ट हाउस और गाड़ियों का इंतजाम कर रखा था। इस काम में साहिल अकेले नहीं था, बल्कि उसके साथ 10 से 12 अन्य सक्रिय सहयोगी भी जुड़े हुए थे, जो लड़कियों को लाने-ले जाने और ठिकानों की निगरानी करने का काम करते थे। सेक्टर-38 के पीजी से 21 गिरफ्तार पीड़िता से मिली ठोस जानकारी और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी और नोडल अधिकारी व एसीपी अभिलक्ष जोशी की संयुक्त देखरेख में एक बड़ी रेड प्लान की। इस संयुक्त टीम ने सेक्टर-38 स्थित एक पीजी में अचानक छापेमारी की। इस दौरान मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके से विदेशी नागरिकों सहित कुल 21 लोगों को हिरासत में लिया , जिनमें 13 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं। भारी मात्रा में कंडोम मिले राज्य महिला आयोग की टीम ने जब सेक्टर-38 स्थित पीजी पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। देह व्यापार के इस बड़े ठिकाने से भारी मात्रा में कंडोम बरामद हुए हैं। कमरे के विभिन्न हिस्सों और अलमारियों से मिले इस आपत्तिजनक सामान के विशाल स्टॉक को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता था कि यहां बेहद बड़े पैमाने पर और संगठित तरीके से जिस्म फरोशी की गतिविधियां संचालित की जा रही थी। मास्टरमाइंड साहिल और उसकी पत्नी द्वारा चलाए जा रहे इस हाईटेक रैकेट में विदेशी नागरिकों को भी शामिल किया गया था। छापेमारी के दौरान मिले कंडोम के इस पूरे जखीरे, कुछ आपत्तिजनक दस्तावेजों और संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत इन सभी सामग्रियों को मुख्य साक्ष्य के तौर पर केस प्रॉपर्टी में शामिल किया गया है। ग्राहकों की भी तलाश की जा रही एसीपी अभिलक्ष जोशी के अनुसार, पुलिस मौके से मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जैसे मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों को खंगाल रही है ताकि इस रैकेट में शामिल अन्य सहयोगियों और मुख्य ग्राहकों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ इस तरह के अपराधों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सदर थाने में नई प्राथमिकी दर्ज इस मामले को लेकर सदर पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम और फॉरेनर्स एक्ट (विदेशी नागरिक अधिनियम) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत एक नई एफआईआर दर्ज की गई है।