करनाल के सूरज हत्याकांड के बाद शांति कमेटी गठित:समाज के लोगों को बैठाकर समझाया, चार घंटे चली बैठक, बनी आपसी सहमति
करनाल जिले के निसिंग थाना क्षेत्र के गोंदर गांव में हुए सूरज हत्याकांड के बाद दो समाज के लोगों के बीच सोशल मीडिया पर हो रही गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी से बढ़ते जातिगत तनाव को देखते हुए प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए अहम कदम उठाए हैं। मामले को लेकर पुलिस ने शांति कमेटी का गठन किया और थाना स्तर पर बैठक आयोजित कर दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाया गया, ताकि माहौल बिगड़ने से रोका जा सके। थाना में करीब चार घंटे तक चली बैठक में असंध डीएसपी गोरखपाल राणा, करनाल डीएसपी संदीप कुमार और घरौंडा डीएसपी मनोज कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर फैल रही जातिगत टिप्पणियों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से समाज का तानाबाना टूट रहा है और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंच रहा है। बाहरी लोगों की भूमिका पर उठाए सवाल बैठक में यह बात सामने आई कि मामले में बाहरी लोगों का दखल बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर एक- दूसरे पर तंज कस रहे हैं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकारियों ने इसे बेहद खतरनाक बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में नफरत के बीज पनप सकते हैं। कानून अपना काम करेगा, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सूरज हत्याकांड में कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है और इसका इस बैठक से कोई संबंध नहीं है। कानून अपने स्तर पर काम करेगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कमेटी के सदस्यों को अपने-अपने समाज के युवाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। असली दोषियों तक पहुंचेगी जांच डीएसपी गोरखपाल राणा, संदीप कुमार व मनोज कुमार ने कहा कि हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि असली दोषियों और उनके मददगारों को सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां बंद होना जरूरी है, क्योंकि इससे असली मुद्दे से ध्यान भटकता है और नए विवाद पैदा होते हैं। दोनों पक्षों ने जताई सहमति बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर संयम बरतने पर सहमति जताई। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि इस पहल से गांव में बढ़ रहा तनाव कम होगा और भाईचारा कायम रहेगा।
करनाल जिले के निसिंग थाना क्षेत्र के गोंदर गांव में हुए सूरज हत्याकांड के बाद दो समाज के लोगों के बीच सोशल मीडिया पर हो रही गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी से बढ़ते जातिगत तनाव को देखते हुए प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए अहम कदम उठाए हैं। मामले को लेकर पुलिस ने शांति कमेटी का गठन किया और थाना स्तर पर बैठक आयोजित कर दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाया गया, ताकि माहौल बिगड़ने से रोका जा सके। थाना में करीब चार घंटे तक चली बैठक में असंध डीएसपी गोरखपाल राणा, करनाल डीएसपी संदीप कुमार और घरौंडा डीएसपी मनोज कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर फैल रही जातिगत टिप्पणियों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से समाज का तानाबाना टूट रहा है और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंच रहा है। बाहरी लोगों की भूमिका पर उठाए सवाल बैठक में यह बात सामने आई कि मामले में बाहरी लोगों का दखल बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर एक- दूसरे पर तंज कस रहे हैं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकारियों ने इसे बेहद खतरनाक बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में नफरत के बीज पनप सकते हैं। कानून अपना काम करेगा, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सूरज हत्याकांड में कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है और इसका इस बैठक से कोई संबंध नहीं है। कानून अपने स्तर पर काम करेगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कमेटी के सदस्यों को अपने-अपने समाज के युवाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। असली दोषियों तक पहुंचेगी जांच डीएसपी गोरखपाल राणा, संदीप कुमार व मनोज कुमार ने कहा कि हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि असली दोषियों और उनके मददगारों को सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां बंद होना जरूरी है, क्योंकि इससे असली मुद्दे से ध्यान भटकता है और नए विवाद पैदा होते हैं। दोनों पक्षों ने जताई सहमति बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर संयम बरतने पर सहमति जताई। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि इस पहल से गांव में बढ़ रहा तनाव कम होगा और भाईचारा कायम रहेगा।