उत्पाद विभाग के प्रधान लिपिक की सड़क हादसे में मौत:नमाज पढ़ने जाते समय वाहन ने मारी टक्कर, 7 जनवरी को हुई थी जॉइनिंग

गोपालगंज में उत्पाद विभाग के प्रधान लिपिक की सड़क हादसे में मौत हो गई। उन्हें एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी जान चली गई। यह घटना नगर थाना क्षेत्र के बंजारी के पास गुरुवार देर शाम हुई। मृतक की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के बेला रामगढ़वा निवासी 47 वर्षीय मो. शेख हसनैन के रूप में हुई है, जो नौशाद आलम के बेटे थे। वे सड़क पार कर मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहे थे, तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और फरार हो गया। डॉक्टर ने PMCH किया था रेफर हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। उन्हें तत्काल इलाज के लिए मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया और पुलिस को सूचना दी गई। डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 7 जनवरी को उत्पाद विभाग में किया था ज्वाइन पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। उत्पाद अधीक्षक को भी घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद उन्होंने परिजनों को सूचित किया। बताया गया है कि नौशाद ने 7 जनवरी को ही उत्पाद विभाग में ज्वाइन किया था और इससे पहले वे पटना में तैनात थे। वे अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं।

Jan 16, 2026 - 11:38
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उत्पाद विभाग के प्रधान लिपिक की सड़क हादसे में मौत:नमाज पढ़ने जाते समय वाहन ने मारी टक्कर, 7 जनवरी को हुई थी जॉइनिंग
गोपालगंज में उत्पाद विभाग के प्रधान लिपिक की सड़क हादसे में मौत हो गई। उन्हें एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी जान चली गई। यह घटना नगर थाना क्षेत्र के बंजारी के पास गुरुवार देर शाम हुई। मृतक की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के बेला रामगढ़वा निवासी 47 वर्षीय मो. शेख हसनैन के रूप में हुई है, जो नौशाद आलम के बेटे थे। वे सड़क पार कर मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहे थे, तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और फरार हो गया। डॉक्टर ने PMCH किया था रेफर हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। उन्हें तत्काल इलाज के लिए मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया और पुलिस को सूचना दी गई। डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 7 जनवरी को उत्पाद विभाग में किया था ज्वाइन पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। उत्पाद अधीक्षक को भी घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद उन्होंने परिजनों को सूचित किया। बताया गया है कि नौशाद ने 7 जनवरी को ही उत्पाद विभाग में ज्वाइन किया था और इससे पहले वे पटना में तैनात थे। वे अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं।