सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में गुजरात की ऊंची उड़ान, 'सेमीकनेक्ट 2026' कॉन्फ्रेंस की भव्य शुरुआत
गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 गांधीनगर के महात्मा मंदिर में शुरू हुआ। जब दुनिया में COVID-19 महामारी ने भयावह रूप लिया, तब वैश्विक सेमीकंडक्टर उत्पादन व्यवस्था को बड़ा झटका लगा। ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित हो गई, जिससे ऑटोमोबाइल से लेकर ...
गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 गांधीनगर के महात्मा मंदिर में शुरू हुआ। जब दुनिया में COVID-19 महामारी ने भयावह रूप लिया, तब वैश्विक सेमीकंडक्टर उत्पादन व्यवस्था को बड़ा झटका लगा। ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित हो गई, जिससे ऑटोमोबाइल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक कई उद्योगों का उत्पादन ठप हो गया। इस संकट ने भारत सहित कई देशों को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया।
उसी समय भारत ने सेमीकंडक्टर उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने और विश्वस्तरीय मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरने का दृढ़ संकल्प लिया।
गुजरात के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री Arjun Modhwadia ने कहा कि देश आज सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और गुजरात इसमें अग्रणी राज्यों में स्थान बना रहा है। उनके अनुसार, राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में लगभग 1 लाख 34 हजार करोड़ रुपये का निवेश पाइपलाइन में है। यह बड़ा निवेश गुजरात को टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
1 और 2 मार्च को Mahatma Mandir में “गुजरात सेमीकॉन 2026” समिट का आयोजन हो रहा है। इस समिट पर सिर्फ देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की नजर रहेगी। सेमीकंडक्टर और उसके उत्पादन क्षेत्र से जुड़े वैश्विक विशेषज्ञ, उद्योगपति और अग्रणी टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे।



