गोमतीनगर में विपुलम् संस्था का 23वां सम्मान समारोह:देशभर के रचनाकार सम्मानित, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक रहे मुख्य अतिथि
गोमतीनगर में संस्था विपुलम् का 23वां सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के रचनाकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बदायूं के गीतकार नरेन्द्र गरल को स्व. राम अक्षय वर दुबे स्मृति विपुलम् सम्मान से नवाजा गया। उन्हें 21 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र प्रदान किए गए। समारोह में शायरा और लोक गायिका डॉ. मालविका हरि ओम को स्व. चन्द्रावती दुबे स्मृति विपुलम् विदुषी सम्मान तथा वीर रस के कवि कमल आग्नेय को स्व. प्रशांत दुबे स्मृति विपुलम् युवा सम्मान प्रदान किया गया। साहित्य और समाज में योगदान देने वाले रचनाकारों को सम्मानित किया कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और वरिष्ठ भाजपा नेता नीरज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. हरि ओम, संस्था के अध्यक्ष आत्म प्रकाश मिश्र और संरक्षक डॉ. आर.एस. दुबे भी मंच पर मौजूद थे। अतिथियों ने साहित्य और समाज में योगदान देने वाले रचनाकारों को सम्मानित किया। समारोह की शुरुआत समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 10 वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान से हुई। इनमें पूर्व आईएएस अधिकारी श्रीप्रकाश सिंह और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक आर.के.एस राठौर सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। संस्था समाज और साहित्य के क्षेत्र में सराहनीय योगदान इस दौरान डॉ. आर.एस. दुबे की पुस्तक 'अनकही बात' को भी विशेष पहचान मिली। राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा घोषित ‘साहित्य बन्धु सम्मान’ उन्हें उपमुख्यमंत्री के हाथों प्रदान किया गया।मुख्य अतिथि ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में विपुलम् संस्था के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था समाज और साहित्य के क्षेत्र में सराहनीय योगदान दे रही है, जो नई पीढ़ी को प्रेरित करता है। सम्मान समारोह के बाद एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसका संचालन सर्वेश अस्थाना ने किया। मंच पर कमल आग्नेय, डॉ. मालविका हरि ओम, कमल हालवी, प्रियांशु गजेन्द्र और नरेन्द्र गरल ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं।देर रात तक चले इस काव्य आयोजन में शहर के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत वत्सला पाण्डेय के स्वागत संबोधन से हुई।
गोमतीनगर में संस्था विपुलम् का 23वां सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के रचनाकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बदायूं के गीतकार नरेन्द्र गरल को स्व. राम अक्षय वर दुबे स्मृति विपुलम् सम्मान से नवाजा गया। उन्हें 21 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र प्रदान किए गए। समारोह में शायरा और लोक गायिका डॉ. मालविका हरि ओम को स्व. चन्द्रावती दुबे स्मृति विपुलम् विदुषी सम्मान तथा वीर रस के कवि कमल आग्नेय को स्व. प्रशांत दुबे स्मृति विपुलम् युवा सम्मान प्रदान किया गया। साहित्य और समाज में योगदान देने वाले रचनाकारों को सम्मानित किया कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और वरिष्ठ भाजपा नेता नीरज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. हरि ओम, संस्था के अध्यक्ष आत्म प्रकाश मिश्र और संरक्षक डॉ. आर.एस. दुबे भी मंच पर मौजूद थे। अतिथियों ने साहित्य और समाज में योगदान देने वाले रचनाकारों को सम्मानित किया। समारोह की शुरुआत समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 10 वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान से हुई। इनमें पूर्व आईएएस अधिकारी श्रीप्रकाश सिंह और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक आर.के.एस राठौर सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। संस्था समाज और साहित्य के क्षेत्र में सराहनीय योगदान इस दौरान डॉ. आर.एस. दुबे की पुस्तक 'अनकही बात' को भी विशेष पहचान मिली। राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा घोषित ‘साहित्य बन्धु सम्मान’ उन्हें उपमुख्यमंत्री के हाथों प्रदान किया गया।मुख्य अतिथि ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में विपुलम् संस्था के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था समाज और साहित्य के क्षेत्र में सराहनीय योगदान दे रही है, जो नई पीढ़ी को प्रेरित करता है। सम्मान समारोह के बाद एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसका संचालन सर्वेश अस्थाना ने किया। मंच पर कमल आग्नेय, डॉ. मालविका हरि ओम, कमल हालवी, प्रियांशु गजेन्द्र और नरेन्द्र गरल ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं।देर रात तक चले इस काव्य आयोजन में शहर के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत वत्सला पाण्डेय के स्वागत संबोधन से हुई।