संभल डीएम कोर्ट में सुनवाई टली, 15 मई को होगी:जामा मस्जिद इमाम पर सरकारी भूमि कब्जे का आरोप, तहसीलदार कोर्ट से बेदखली आदेश के खिलाफ याचिका

संभल जिलाधिकारी न्यायालय में जामा मस्जिद के इमाम आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई के खिलाफ सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में सुनवाई टल गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी। यह मामला तहसीलदार संभल धीरेंद्र कुमार सिंह द्वारा इमाम आफताब हुसैन वारसी एवं उनके भाई के खिलाफ सरकारी भूमि पर मस्जिद, दरगाह और मकान बनाने के आरोप से संबंधित है। तहसीलदार कोर्ट ने इस मामले में बेदखली के आदेश दिए थे, जिसके खिलाफ याचिका दायर की गई है। यह विवाद संभल जनपद के पंवासा ब्लॉक के सैफ खां सराय गांव की गाटा संख्या 452 की 0.1340 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, यह भूमि चकबंदी के दौरान पेड़ लगाने के लिए आरक्षित की गई थी और 1972 में इसे ग्राम समाज की संपत्ति घोषित किया गया। यह भूमि कभी भी किसी व्यक्तिगत स्वामित्व में नहीं रही। गलत तरीके से लेखपालों से रिपोर्ट लगवाई उन्होंने बताया कि आफताब और महताब नाम के व्यक्तियों ने इस भूमि पर कब्जा करके आवास, मस्जिद और दरगाह जैसी संरचनाएं बना रखी हैं। करीब छह महीने पहले लेखपाल ने इसके विरुद्ध धारा 67 के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी, जिस पर लगभग छह महीने सुनवाई चली। इस सरकारी भूमि का अनुमानित मूल्य लगभग 6 करोड़ 94 लाख 19 हजार रुपये बताया जा रहा है। वहीं, अधिवक्ता माधव मिश्रा ने तहसीलदार की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि तहसीलदार ने जांच ठीक से नहीं की और गलत तरीके से लेखपालों से रिपोर्ट लगवाई। मिश्रा ने साक्ष्य प्रस्तुत कर यह सिद्ध करने का प्रयास किया है कि मस्जिद 20 साल पहले नहीं, बल्कि ब्रिटिश काल से, सन् 1947 से पहले की बनी हुई है। माधव मिश्रा ने यह भी बताया कि आज न्यायालय में काम नहीं हो सका क्योंकि जिलाधिकारी नए आए हैं और आज उनका पहला कार्य दिवस था। वे अन्य कार्यों में व्यस्त रहे, जिसके बाद चैंबर में वकीलों के साथ एक औपचारिक वार्ता हुई और डीएम ने आज के मुकदमों में नई तारीखें दीं।

May 8, 2026 - 21:05
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संभल डीएम कोर्ट में सुनवाई टली, 15 मई को होगी:जामा मस्जिद इमाम पर सरकारी भूमि कब्जे का आरोप, तहसीलदार कोर्ट से बेदखली आदेश के खिलाफ याचिका
संभल जिलाधिकारी न्यायालय में जामा मस्जिद के इमाम आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई के खिलाफ सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में सुनवाई टल गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी। यह मामला तहसीलदार संभल धीरेंद्र कुमार सिंह द्वारा इमाम आफताब हुसैन वारसी एवं उनके भाई के खिलाफ सरकारी भूमि पर मस्जिद, दरगाह और मकान बनाने के आरोप से संबंधित है। तहसीलदार कोर्ट ने इस मामले में बेदखली के आदेश दिए थे, जिसके खिलाफ याचिका दायर की गई है। यह विवाद संभल जनपद के पंवासा ब्लॉक के सैफ खां सराय गांव की गाटा संख्या 452 की 0.1340 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, यह भूमि चकबंदी के दौरान पेड़ लगाने के लिए आरक्षित की गई थी और 1972 में इसे ग्राम समाज की संपत्ति घोषित किया गया। यह भूमि कभी भी किसी व्यक्तिगत स्वामित्व में नहीं रही। गलत तरीके से लेखपालों से रिपोर्ट लगवाई उन्होंने बताया कि आफताब और महताब नाम के व्यक्तियों ने इस भूमि पर कब्जा करके आवास, मस्जिद और दरगाह जैसी संरचनाएं बना रखी हैं। करीब छह महीने पहले लेखपाल ने इसके विरुद्ध धारा 67 के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी, जिस पर लगभग छह महीने सुनवाई चली। इस सरकारी भूमि का अनुमानित मूल्य लगभग 6 करोड़ 94 लाख 19 हजार रुपये बताया जा रहा है। वहीं, अधिवक्ता माधव मिश्रा ने तहसीलदार की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि तहसीलदार ने जांच ठीक से नहीं की और गलत तरीके से लेखपालों से रिपोर्ट लगवाई। मिश्रा ने साक्ष्य प्रस्तुत कर यह सिद्ध करने का प्रयास किया है कि मस्जिद 20 साल पहले नहीं, बल्कि ब्रिटिश काल से, सन् 1947 से पहले की बनी हुई है। माधव मिश्रा ने यह भी बताया कि आज न्यायालय में काम नहीं हो सका क्योंकि जिलाधिकारी नए आए हैं और आज उनका पहला कार्य दिवस था। वे अन्य कार्यों में व्यस्त रहे, जिसके बाद चैंबर में वकीलों के साथ एक औपचारिक वार्ता हुई और डीएम ने आज के मुकदमों में नई तारीखें दीं।