विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बीजिंग में चीनी अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर की व्यापक चर्चा
(केजेएम वर्मा) बीजिंग, 28 जुलाई विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने मंगलवार को बीजिंग की अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी की और इस दौरान उन्होंने भारत-चीन संबंधों पर कई चीनी अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा की। मिसरी ने चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के ‘सेंट्रल पार्टी स्कूल’ के उपाध्यक्ष ली वेंतांग से मुलाकात की और भविष्य में सहयोग के विषय पर चर्चा की। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के एक सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, ली के साथ अपनी बैठक के दौरान मिसरी को स्कूल के ऐतिहासिक महत्व, बौद्धिक योगदान और शैक्षणिक कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी गई।पोस्ट के अनुसार, दोनों पक्षों ने भविष्य में सहयोग और आदान-प्रदान के अवसरों पर भी चर्चा की। सोमवार को, मिसरी ने उप विदेश मंत्री हुआ चुनयिंग सहित अन्य चीनी नेताओं से मुलाकात की थी, जिनके साथ उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की थी। विदेश सचिव ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप-मंत्री सुन हैयान और ‘चाइनीज पीपल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस’ की 14वीं राष्ट्रीय समिति की उप-महासचिव होंग लियांग से भी मुलाकात की।होंग पूर्व में चीनी विदेश मंत्रालय के सीमा विभाग की महानिदेशक थीं। चीन में भारत के राजदूत रह चुके मिसरी की यह यात्रा, 21 जुलाई को मनीला में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संगठन (आसियान) से जुड़ी बैठकों के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई मुलाकात के बाद हो रही है। मौजूदा यात्रा के दौरान, मिसरी चीनी अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर रहे हैं, क्योंकि दोनों देशों ने द्विपक्षीय बातचीत बढ़ा दी है।गलवान घाटी में, 2020 में हुई झड़पों और उसके बाद चार साल से अधिक समय तक चले सैन्य गतिरोध के कारण भारत और चीन के संबंधों में भारी गिरावट आई थी। इसके बाद, संबंधों को बेहतर बनाने के लिए पिछले एक साल में दोनों देशों ने कई कदम उठाए हैं। पिछले कुछ महीनों में, भारत और चीन ने अपने संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाए हैं।इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करना, वीजा जारी करना और दोनों देशों के बीच उड़ान सेवाओं को बहाल करना शामिल है।
(केजेएम वर्मा) बीजिंग, 28 जुलाई विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने मंगलवार को बीजिंग की अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी की और इस दौरान उन्होंने भारत-चीन संबंधों पर कई चीनी अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा की। मिसरी ने चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के ‘सेंट्रल पार्टी स्कूल’ के उपाध्यक्ष ली वेंतांग से मुलाकात की और भविष्य में सहयोग के विषय पर चर्चा की। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के एक सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, ली के साथ अपनी बैठक के दौरान मिसरी को स्कूल के ऐतिहासिक महत्व, बौद्धिक योगदान और शैक्षणिक कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी गई।
पोस्ट के अनुसार, दोनों पक्षों ने भविष्य में सहयोग और आदान-प्रदान के अवसरों पर भी चर्चा की। सोमवार को, मिसरी ने उप विदेश मंत्री हुआ चुनयिंग सहित अन्य चीनी नेताओं से मुलाकात की थी, जिनके साथ उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की थी। विदेश सचिव ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप-मंत्री सुन हैयान और ‘चाइनीज पीपल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस’ की 14वीं राष्ट्रीय समिति की उप-महासचिव होंग लियांग से भी मुलाकात की।
होंग पूर्व में चीनी विदेश मंत्रालय के सीमा विभाग की महानिदेशक थीं। चीन में भारत के राजदूत रह चुके मिसरी की यह यात्रा, 21 जुलाई को मनीला में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संगठन (आसियान) से जुड़ी बैठकों के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई मुलाकात के बाद हो रही है। मौजूदा यात्रा के दौरान, मिसरी चीनी अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर रहे हैं, क्योंकि दोनों देशों ने द्विपक्षीय बातचीत बढ़ा दी है।
गलवान घाटी में, 2020 में हुई झड़पों और उसके बाद चार साल से अधिक समय तक चले सैन्य गतिरोध के कारण भारत और चीन के संबंधों में भारी गिरावट आई थी। इसके बाद, संबंधों को बेहतर बनाने के लिए पिछले एक साल में दोनों देशों ने कई कदम उठाए हैं। पिछले कुछ महीनों में, भारत और चीन ने अपने संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करना, वीजा जारी करना और दोनों देशों के बीच उड़ान सेवाओं को बहाल करना शामिल है।



