लैंडफिल से लैंड बैंक:दिल्ली में 95 एकड़ तक जमीन हुई रिक्लेम, आसपास के इलाकों में पर्यावरण सुधारने पर जोर
दिल्ली में लंबे समय से चुनौती बने लैंडफिल साइटों को वैज्ञानिक तरीके से विकसित कर उपयोगी जमीन में बदलने की दिशा में काम किया जा रहा है। ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइटों पर अब तक करीब 85 से 95 एकड़ जमीन रिक्लेम की जा चुकी है। इससे इन क्षेत्रों में कचरे के पहाड़ कम करने के साथ आसपास रहने वाले लोगों के लिए स्वच्छ और बेहतर पर्यावरण तैयार करने में मदद मिली है। सरकार का जोर लैंडफिल पर जमा कचरे को वैज्ञानिक प्रक्रिया के जरिए हटाने और जमीन को दोबारा उपयोग योग्य बनाने पर है। इससे न केवल प्रदूषण और दुर्गंध जैसी समस्याओं में कमी लाने में मदद मिलेगी, बल्कि लंबे समय से लैंडफिल साइटों के आसपास रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा। भविष्य के कचरा प्रबंधन पर भी फोकस दिल्ली में रोजाना निकलने वाले कचरे के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चार नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने की योजना पर भी जोर दिया है। इन संयंत्रों के जरिए कचरे को ऊर्जा में बदलने और लैंडफिल पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया जाएगा। भविष्य का टिकाऊ वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम भी तैयार करना सरकार का मॉडल लैंडफिल साइटों की जमीन को रिक्लेम करने के साथ-साथ नए कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था तैयार करना सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। लक्ष्य है कि मौजूदा समस्याओं का समाधान करने के साथ दिल्ली के लिए भविष्य का टिकाऊ वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम भी तैयार किया जाए।



