मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की एक सशक्त सफलता कहानी*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की एक सशक्त सफलता कहानी*
*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की एक सशक्त सफलता कहानी*
विकास खण्ड गदरपुर के ग्राम पंचायत मोतियापुर की निवासी श्रीमती जसविंदर कौर कभी एक साधारण गृहणी थीं। सीमित आय और कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। लेकिन मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं ने उनकी ज़िंदगी की दिशा ही बदल दी।
श्रीमती जसविंदर कौर ने आत्मनिर्भर बनने की शुरुआत अमन स्वयं सहायता समूह से की। इसके बाद वे ग्राम संगठन और फिर क्लस्टर से जुड़ीं। क्लस्टर स्तर पर आयोजित बैठकों के माध्यम से उन्हें रीप/ग्रामोत्थान परियोजना के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी मिली। यहीं से उनके भीतर कुछ अपना करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने की प्रेरणा जगी।
फूलों और पौधों की जानकारी पहले से होने के कारण उन्होंने नर्सरी उद्यम शुरू करने का सपना देखा। इस सपने को साकार करने के लिए लगभग 3 लाख रुपये की आवश्यकता थी। धामी सरकार की ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत उन्हें 1.50 लाख रुपये का बैंक ऋण, 75 हजार रुपये का अनुदान तथा मनरेगा के माध्यम से 1.50 लाख रुपये की लागत से ग्रीन शेड की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसमें लाभार्थी को मात्र 10 हजार रुपये का ही अंशदान करना पड़ा।
सरकार की इस ठोस सहायता से श्रीमती जसविंदर कौर का उद्यम सफलतापूर्वक स्थापित हुआ और आज वे इसे पूरी कुशलता से संचालित कर रही हैं। नर्सरी शुरू होने के बाद अब वे हर माह 10 हजार रुपये से अधिक की नियमित आय अर्जित कर रही हैं।
आज श्रीमती जसविंदर कौर न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और समाज में उन्हें एक नई पहचान मिली है।
यह कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार केवल योजनाएं नहीं बनाती, बल्कि उन्हें ज़मीन पर उतारकर महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानित जीवन देने का काम कर रही है।



