ब्राह्मण कल्याण आयोग गठन न होने पर रोष:जींद में ब्राह्मण समाज ने सरकार से की कई मांगें, बोले- सीएम से मिलेंगे 151 सदस्य

जींद के सफीदों रोड स्थित ब्राह्मण धर्मशाला में रविवार को ब्राह्मण समाज की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जाति, धर्म और क्षेत्रवाद पर आधारित कानूनों को समाप्त कर देश में समान कानून लागू करने की मांग उठाई गई। बैठक की अध्यक्षता ब्राह्मण सभा के पूर्व प्रधान पंडित सियाराम शास्त्री ने की, जबकि ब्राह्मण महासभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष पंडित जिले सिंह पिचौलिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मंच संचालन पंडित जय नारायण शास्त्री ने किया। 'घोषणाओं को अभी तक लागू नहीं करने से रोष' प्रदेशाध्यक्ष पंडित जिले सिंह पिचौलिया ने बताया कि हरियाणा में ब्राह्मण कल्याण आयोग का गठन ब्राह्मण समाज की प्रमुख मांग है। उन्होंने सीएम नायब सिंह सैनी द्वारा 14 दिसंबर 2024 को भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव दिवस को सरकारी स्तर पर मनाने और ब्राह्मण कल्याण आयोग के गठन की घोषणा का उल्लेख किया। पिचौलिया ने कहा कि इन घोषणाओं को अभी तक लागू नहीं किया गया है, जिससे समाज में रोष व्याप्त है। 'सीएम से मुलाकात करेगा 151 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल' पिचौलिया ने जानकारी दी कि इन मांगों को लेकर जल्द ही 151 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल सीएम से मुलाकात करेगा। इसके अतिरिक्त, नवंबर 2026 में एक राज्य स्तरीय ब्राह्मण महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें आगामी रणनीति और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य, गांव और वार्ड स्तर पर लगभग 60 हजार सदस्यों का संगठन बनाने की बात भी कही। आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग पंडित पिचौलिया ने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि नौकरियों में योग्यता को आधार बनाया जाना चाहिए और आरक्षण को केवल शिक्षा तक सीमित किया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि प्रतिभा को अवसर मिलने पर ही देश की प्रगति संभव है। इसके अलावा, उन्होंने मंदिरों के अधिग्रहण को समाप्त करने, हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन करने और दयोली की जमीन से संबंधित कानूनों को सरल बनाने जैसी कई अन्य मांगें भी प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर महासचिव सतीश गौतम, कुलदीप भारद्वाज, युवा अध्यक्ष नरेश गौड़ सहित कई पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे।

Aug 30, 2026 - 21:19
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ब्राह्मण कल्याण आयोग गठन न होने पर रोष:जींद में ब्राह्मण समाज ने सरकार से की कई मांगें, बोले- सीएम से मिलेंगे 151 सदस्य
जींद के सफीदों रोड स्थित ब्राह्मण धर्मशाला में रविवार को ब्राह्मण समाज की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जाति, धर्म और क्षेत्रवाद पर आधारित कानूनों को समाप्त कर देश में समान कानून लागू करने की मांग उठाई गई। बैठक की अध्यक्षता ब्राह्मण सभा के पूर्व प्रधान पंडित सियाराम शास्त्री ने की, जबकि ब्राह्मण महासभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष पंडित जिले सिंह पिचौलिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मंच संचालन पंडित जय नारायण शास्त्री ने किया। 'घोषणाओं को अभी तक लागू नहीं करने से रोष' प्रदेशाध्यक्ष पंडित जिले सिंह पिचौलिया ने बताया कि हरियाणा में ब्राह्मण कल्याण आयोग का गठन ब्राह्मण समाज की प्रमुख मांग है। उन्होंने सीएम नायब सिंह सैनी द्वारा 14 दिसंबर 2024 को भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव दिवस को सरकारी स्तर पर मनाने और ब्राह्मण कल्याण आयोग के गठन की घोषणा का उल्लेख किया। पिचौलिया ने कहा कि इन घोषणाओं को अभी तक लागू नहीं किया गया है, जिससे समाज में रोष व्याप्त है। 'सीएम से मुलाकात करेगा 151 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल' पिचौलिया ने जानकारी दी कि इन मांगों को लेकर जल्द ही 151 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल सीएम से मुलाकात करेगा। इसके अतिरिक्त, नवंबर 2026 में एक राज्य स्तरीय ब्राह्मण महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें आगामी रणनीति और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य, गांव और वार्ड स्तर पर लगभग 60 हजार सदस्यों का संगठन बनाने की बात भी कही। आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग पंडित पिचौलिया ने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि नौकरियों में योग्यता को आधार बनाया जाना चाहिए और आरक्षण को केवल शिक्षा तक सीमित किया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि प्रतिभा को अवसर मिलने पर ही देश की प्रगति संभव है। इसके अलावा, उन्होंने मंदिरों के अधिग्रहण को समाप्त करने, हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन करने और दयोली की जमीन से संबंधित कानूनों को सरल बनाने जैसी कई अन्य मांगें भी प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर महासचिव सतीश गौतम, कुलदीप भारद्वाज, युवा अध्यक्ष नरेश गौड़ सहित कई पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे।