'बिहार के साथ बैंक सौतेला व्यवहार कर रहा':कृषि मंत्री रामकृपाल यादव बोले- लोन नहीं मिलने से विकास बाधित; रवैया सुधारने की दी चेतावनी
बिहार में राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर बैंकों की कार्यप्रणाली पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पटना के अधिवेशन भवन में आज राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की वित्त विभाग सहित कई विभागों के मंत्रियों और बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में बैंकों की लापरवाही खुलकर सामने आ गई। बैठक के बाद सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों ने बैंकों पर तीखी नाराजगी जाहिर की और कार्यप्रणाली में सुधार की चेतावनी दी। उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि बैठक में यह साफ नजर आया कि बैंक राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं पर पूरी तरह खरे नहीं उतर रहे हैं। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने भी बैंकों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। विकसित राज्य बनाने के लिए बैंकों का सहयोग बेहद जरूरी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए बैंकों का सहयोग बेहद जरूरी है, लेकिन लगातार देखा जा रहा कि बैंक बिहार के लोगों को सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने इसे गंभीर और खतरनाक लापरवाही करार दिया और बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने का निर्देश दिया। वहीं बैठक के बाद वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि बैंकों के कामकाज की निगरानी के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर बैंकों की भूमिका पर नजर रखेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि कई बैंक योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर रहे हैं, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा- बैंक बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने आरोप लगाया कि बैंक बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंक न तो किसानों को समय पर ऋण दे रहे हैं और न ही आम लोगों को योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है। इससे बिहार के विकास की रफ्तार प्रभावित हो रही है। रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों बिहार को विकसित राज्य बनाना चाहते हैं, लेकिन बैंकों का असहयोग इस लक्ष्य में बड़ी बाधा बन रहा है। बैठक में बैंकों को साफ संदेश दिया गया है कि वे अपना रवैया सुधारें, अन्यथा सरकार कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में बैंकों की जवाबदेही तय की जाएगी और योजनाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
Jan 22, 2026 - 15:48
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बिहार में राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर बैंकों की कार्यप्रणाली पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पटना के अधिवेशन भवन में आज राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की वित्त विभाग सहित कई विभागों के मंत्रियों और बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में बैंकों की लापरवाही खुलकर सामने आ गई। बैठक के बाद सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों ने बैंकों पर तीखी नाराजगी जाहिर की और कार्यप्रणाली में सुधार की चेतावनी दी। उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि बैठक में यह साफ नजर आया कि बैंक राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं पर पूरी तरह खरे नहीं उतर रहे हैं। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने भी बैंकों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। विकसित राज्य बनाने के लिए बैंकों का सहयोग बेहद जरूरी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए बैंकों का सहयोग बेहद जरूरी है, लेकिन लगातार देखा जा रहा कि बैंक बिहार के लोगों को सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने इसे गंभीर और खतरनाक लापरवाही करार दिया और बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने का निर्देश दिया। वहीं बैठक के बाद वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि बैंकों के कामकाज की निगरानी के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर बैंकों की भूमिका पर नजर रखेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि कई बैंक योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर रहे हैं, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा- बैंक बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने आरोप लगाया कि बैंक बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंक न तो किसानों को समय पर ऋण दे रहे हैं और न ही आम लोगों को योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है। इससे बिहार के विकास की रफ्तार प्रभावित हो रही है। रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों बिहार को विकसित राज्य बनाना चाहते हैं, लेकिन बैंकों का असहयोग इस लक्ष्य में बड़ी बाधा बन रहा है। बैठक में बैंकों को साफ संदेश दिया गया है कि वे अपना रवैया सुधारें, अन्यथा सरकार कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में बैंकों की जवाबदेही तय की जाएगी और योजनाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
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