बालसमंद में ग्रामीणों ने खोला जलघर का ताला:3 दिन में टैंक भरने, समान पानी बंटवारे का मिला आश्वासन; ग्रामीणों ने दी चेतावनी
हिसार के किरतान गांव में सालों से पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने सोमवार को जलघर का ताला खोल दिया। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वासन दिया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। विभाग के एसडीओ आशीष और जेई विकास ने बताया कि 3 दिन में जलघर के टैंक पूरी तरह भर दिए जाएंगे और पानी का समान वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, यहां कार्यरत कर्मचारियों का 2 दिन में तबादला कर दिया जाएगा। इससे पहले, रविवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए जलघर पर ताला लगा दिया था। ग्रामीण कपूर सिंह आर्य ने बताया कि नहर में पानी आए 3 दिन हो चुके हैं, लेकिन जलघर के टैंक में अभी तक केवल 3 फुट पानी ही जमा हुआ है। उनके अनुसार, गांव में पिछले 15 दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं की गई है। जलघर में तैनात कर्मचारी पर जानबूझकर मोटर बंद रखने का आरोप ग्रामीण रोहताश लुहानीवाल ने आरोप लगाया कि सिसवाला पंप हाउस और जलघर में तैनात कर्मचारी जानबूझकर मोटर बंद रखते हैं। वे अधिकारियों को यह कहकर गुमराह करते हैं कि गांव में एक दिन छोड़कर नियमित पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि हकीकत में ग्रामीण 1000 रुपए प्रति टैंकर के हिसाब से पानी खरीदने को मजबूर हैं। राजेश बुगालिया ने एक अन्य शिकायत में बताया कि उनकी गली के लिए स्वीकृत पानी की लाइन को गांव के सरपंच ने कथित तौर पर अवैध रूप से अपने घर के सामने लगवा लिया है और उसका कनेक्शन मुख्य लाइन से जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे गांव में पीने के पानी की किल्लत है, जबकि सरपंच और जलघर के कर्मचारियों को नियमित रूप से पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन को दी चेतावनी सुरेश रेपसवाल, रजनीश बुगालिया, कृष्ण सहरावत, विनोद जांगड़ा, सतपाल जांगड़ा, विक्की धायल, रामभगत, मांगेराम शर्मा, दयानंद, मंजीत, विकास, संदीप और प्रेम सहित अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि विभाग ने 3 दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं किया, तो वे जलघर को फिर से बंद कर देंगे और वहां धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे।
हिसार के किरतान गांव में सालों से पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने सोमवार को जलघर का ताला खोल दिया। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वासन दिया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। विभाग के एसडीओ आशीष और जेई विकास ने बताया कि 3 दिन में जलघर के टैंक पूरी तरह भर दिए जाएंगे और पानी का समान वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, यहां कार्यरत कर्मचारियों का 2 दिन में तबादला कर दिया जाएगा। इससे पहले, रविवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए जलघर पर ताला लगा दिया था। ग्रामीण कपूर सिंह आर्य ने बताया कि नहर में पानी आए 3 दिन हो चुके हैं, लेकिन जलघर के टैंक में अभी तक केवल 3 फुट पानी ही जमा हुआ है। उनके अनुसार, गांव में पिछले 15 दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं की गई है। जलघर में तैनात कर्मचारी पर जानबूझकर मोटर बंद रखने का आरोप ग्रामीण रोहताश लुहानीवाल ने आरोप लगाया कि सिसवाला पंप हाउस और जलघर में तैनात कर्मचारी जानबूझकर मोटर बंद रखते हैं। वे अधिकारियों को यह कहकर गुमराह करते हैं कि गांव में एक दिन छोड़कर नियमित पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि हकीकत में ग्रामीण 1000 रुपए प्रति टैंकर के हिसाब से पानी खरीदने को मजबूर हैं। राजेश बुगालिया ने एक अन्य शिकायत में बताया कि उनकी गली के लिए स्वीकृत पानी की लाइन को गांव के सरपंच ने कथित तौर पर अवैध रूप से अपने घर के सामने लगवा लिया है और उसका कनेक्शन मुख्य लाइन से जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे गांव में पीने के पानी की किल्लत है, जबकि सरपंच और जलघर के कर्मचारियों को नियमित रूप से पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन को दी चेतावनी सुरेश रेपसवाल, रजनीश बुगालिया, कृष्ण सहरावत, विनोद जांगड़ा, सतपाल जांगड़ा, विक्की धायल, रामभगत, मांगेराम शर्मा, दयानंद, मंजीत, विकास, संदीप और प्रेम सहित अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि विभाग ने 3 दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं किया, तो वे जलघर को फिर से बंद कर देंगे और वहां धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे।