पाइप बिछाने के लिए सड़कें खोदी, हो रहा जलजमाव:कीचड़ में राहगीरों-बाइक सवारों को हादसे का डर, दुकानदारों की भी बढ़ी मुश्किलें
औरंगाबाद में सीवरेज नेटवर्क निर्माण कार्य ने बरसात के मौसम में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण इन स्थानों पर जलजमाव, कीचड़ और फिसलन की स्थिति हो गई है। बाइक सवारों को ज्यादा परेशानी है। स्थानीय दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। शहर के कई इलाकों में नालियां जाम होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। इससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। खुदाई वाले क्षेत्रों में वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानसून शुरू होने से पहले तेजी से कराया गया होता तो स्थिति काफी हद तक टाली जा सकती थी। ठीक से रोलिंग नहीं कराया जा रहा श्री कृष्णा नगर मोहल्ला निवासी समाजसेवी नीलमणि कुमार ने वरीय अधिकारियों को कार्य में अनियमितता से संबंधित वीडियो भेज कर उच्च स्तरीय जांच और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण एजेंसी की ओर से सड़क में गड्ढा खोदकर ह्यूम पाइप डाल जा रहा है। इसके बाद इस मिट्टी से गढ़े की भराई की जा रही है। ठीक से रोलिंग भी नहीं कराया जा रहा है। जिसके कारण बरसात के दिनों में मिट्टी धंसने और सड़क खराब होने की आशंका है। उन्होंने दावा किया कि अगर इसी तरह से कार्य कराया गया तो कुछ ही दिनों में शहर की अधिकांश गलियां गड्ढे में तब्दील हो जाएंगी और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।
क्लब रोड, मिशन स्कूल रोड सहित कई इलाकों में जारी है निर्माण कार्य शहर के वार्ड संख्या 19 स्थित क्लब रोड, वार्ड संख्या 4 के मिशन स्कूल रोड और वार्ड संख्या 10 और 5 के बीच से गुजरने वाली सड़क समेत कई क्षेत्रों में फिलहाल सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसियां निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने में जुटी हैं, लेकिन बारिश के कारण कार्य की गति और लोगों की परेशानी दोनों बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुदाई के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं, जिससे जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। कई स्थानों पर कीचड़ और गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। 411 करोड़ रुपए की परियोजना से मिलेगी आधुनिक सीवरेज व्यवस्था करीब 411.08 करोड़ रुपए की लागत से संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत औरंगाबाद शहर में आधुनिक सीवरेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत बेला गांव के पास अदरी नदी के किनारे 20 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया जाएगा। पूरे शहर में 196 किलोमीटर लंबा सीवरेज नेटवर्क बिछाया जाएगा। इसके अलावा आठ पंपिंग स्टेशनों का भी निर्माण प्रस्तावित है। इस व्यवस्था के माध्यम से घरों और नालियों का गंदा पानी एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा, जहां उसका वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जाएगा। शुद्ध किए गए पानी को बाद में सोन नदी में छोड़ा जाएगा। परियोजना का उद्देश्य शहर में जलभराव, गंदगी और प्रदूषण की समस्या को कम करना है। वार्ड 19 के पार्षद प्रतिनिधि रोशन कुमार ने बताया कि परियोजना को लगभग एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोगों को कुछ असुविधा हो रही है, लेकिन भविष्य में इसका लाभ पूरे शहर को मिलेगा।
औरंगाबाद में सीवरेज नेटवर्क निर्माण कार्य ने बरसात के मौसम में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण इन स्थानों पर जलजमाव, कीचड़ और फिसलन की स्थिति हो गई है। बाइक सवारों को ज्यादा परेशानी है। स्थानीय दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। शहर के कई इलाकों में नालियां जाम होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। इससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। खुदाई वाले क्षेत्रों में वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानसून शुरू होने से पहले तेजी से कराया गया होता तो स्थिति काफी हद तक टाली जा सकती थी। ठीक से रोलिंग नहीं कराया जा रहा श्री कृष्णा नगर मोहल्ला निवासी समाजसेवी नीलमणि कुमार ने वरीय अधिकारियों को कार्य में अनियमितता से संबंधित वीडियो भेज कर उच्च स्तरीय जांच और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण एजेंसी की ओर से सड़क में गड्ढा खोदकर ह्यूम पाइप डाल जा रहा है। इसके बाद इस मिट्टी से गढ़े की भराई की जा रही है। ठीक से रोलिंग भी नहीं कराया जा रहा है। जिसके कारण बरसात के दिनों में मिट्टी धंसने और सड़क खराब होने की आशंका है। उन्होंने दावा किया कि अगर इसी तरह से कार्य कराया गया तो कुछ ही दिनों में शहर की अधिकांश गलियां गड्ढे में तब्दील हो जाएंगी और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।
क्लब रोड, मिशन स्कूल रोड सहित कई इलाकों में जारी है निर्माण कार्य शहर के वार्ड संख्या 19 स्थित क्लब रोड, वार्ड संख्या 4 के मिशन स्कूल रोड और वार्ड संख्या 10 और 5 के बीच से गुजरने वाली सड़क समेत कई क्षेत्रों में फिलहाल सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसियां निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने में जुटी हैं, लेकिन बारिश के कारण कार्य की गति और लोगों की परेशानी दोनों बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुदाई के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं, जिससे जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। कई स्थानों पर कीचड़ और गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। 411 करोड़ रुपए की परियोजना से मिलेगी आधुनिक सीवरेज व्यवस्था करीब 411.08 करोड़ रुपए की लागत से संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत औरंगाबाद शहर में आधुनिक सीवरेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत बेला गांव के पास अदरी नदी के किनारे 20 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया जाएगा। पूरे शहर में 196 किलोमीटर लंबा सीवरेज नेटवर्क बिछाया जाएगा। इसके अलावा आठ पंपिंग स्टेशनों का भी निर्माण प्रस्तावित है। इस व्यवस्था के माध्यम से घरों और नालियों का गंदा पानी एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा, जहां उसका वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जाएगा। शुद्ध किए गए पानी को बाद में सोन नदी में छोड़ा जाएगा। परियोजना का उद्देश्य शहर में जलभराव, गंदगी और प्रदूषण की समस्या को कम करना है। वार्ड 19 के पार्षद प्रतिनिधि रोशन कुमार ने बताया कि परियोजना को लगभग एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोगों को कुछ असुविधा हो रही है, लेकिन भविष्य में इसका लाभ पूरे शहर को मिलेगा।