बजट 2026-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के​ लिए डिजाइन होंगे 50 शहर:भारत को ऑल-सीजन डेस्टिनेशन, ग्लोबल टूरिस्ट-हब बनाने की तैयारी; टियर 2-3 सिटीज का फॉरेक्स रिजर्व बढ़ेगा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्र सरकार का साल 2026-27 के लिए बजट पेश किया। बजट में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं हुई। वित्त मंत्री की घोषणा के मुताबिक देश के 50 शहरों का इंफ्रास्ट्रक्चर वर्ल्ड क्लास लेवल की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय टूरिस्ट के लिए तैयार किया जाएगा। इसका मकसद भारत को ऑल-सीजन डेस्टिनेशन और ग्लोबल टूरिस्ट-हब बनाना है। इस प्लान की मदद से एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार हो जाएगा, जिससे टियर 2-3 शहरों और गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इससे देश का फॉरेक्स रिजर्व भी बढ़ेगा, साथ ही सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी। पर्यटन का बजट 2438.40 करोड़ मंदिरों के शहरों पर फोकस मंदिरों के शहर के तौर पर पहचाने जाने वाले शहरों में बुनियादी सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की जरूरतों के अनुसार विकसित की जाएंगी। इसमें उत्तर प्रदेश के वाराणसी और मथुरा, जम्मू-कश्मीर का जम्मू, उत्तराखंड के ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे शहरों पर फोकस रहेगा। दक्षिण में तमिलनाडु के मदुरै और कांचीपुरम, कर्नाटक का हम्पी, आंध्र प्रदेश का तिरुपति, ओडिशा का भुवनेश्वर और पुरी को विकसित किया जाएगा। वहीं, इस लिस्ट में पश्चिम बंगाल का बिश्नुपुर, मध्य प्रदेश का उज्जैन और खजुराहो, गुजरात का द्वारका और महाराष्ट्र का पंढरपुर शामिल होंगे। डिजिटल डेटा तैयार होगा नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड के जरिए भारतीय पर्यटन स्थलों का डिजिटल डेटा तैयार होगा। इससे विदेशी पर्यटक आकर्षित होंगे। स्थानीय स्तर पर शोधार्थियों, इतिहासकारों, कंटेंट क्रिएटर्स, होटल, गाइड, ट्रांसपोर्ट, स्थानीय हस्तशिल्प, होम-स्टे और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के मौके बढ़ेंगे। ऑल-सीजन डेस्टिनेशन बनने की तैयारी IIM देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों के 10 हजार गाइडों को 12 हफ्ते की ट्रेनिंग देगा। एयरपोर्ट पर सामान लाने-ले जाने के नियम सरल होंगे। कुशल कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना होगी। अब सीप्लेन (जल-विमान) अपने देश में ही बनाए जाएंगे। इनके संचालन के लिए सरकार सब्सिडी देगी। इसके लिए सीप्लेन वीजीएफ योजना शुरू होगी। 15 पुरातात्विक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाएंगे लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी, सारनाथ, लेह पैलेस, आदिचनल्लूर, हस्तिनापुर जैसे देश के 15 पुरातात्विक स्थल एक्स्पिीरियंशियल कल्चरल डेस्टिनेशन्स के रूप में विकसित होंगे। यहां पर्यटक इतिहास को जीवंत रूप में महसूस कर सकेंगे। यहां पर्यटकों के लिए वॉकवे और इमर्सिव स्टोरीटेलिंग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। भारत में होगी बिग कैट समिट भारत में इसी साल पहली "ग्लोबल बिग कैट समिट' आयोजित होगी। दो साल पहले साल 2024 में भारत ने इंटरनेशनल बिग कैट गठबंधन स्थापित किया था। इसके तहत बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर, प्यूमा जैसे जानवरों के संरक्षण पर ध्यान दिया जाता है। इसमें दुनिया के 95 देशों के प्रमुख इन जानवरों के संरक्षण की सा​मूहिक रणनीति पर चर्चा करेंगे एडवेंचर टूरिज्म से करेंगे ब्रांडिंग हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में माउंटेन ट्रेल्स (ट्रैकिंग के रास्ते) विकसित किए जाएंगे। इसे एडवेंचर टूरिज्म के तौर पर प्रचारित करेंगे। पूर्वी घाट के अरकू वैली और पश्चिमी घाट के पोधीगई मलई में भी माउंटेन ट्रेल्स बनेंगे। ओडिशा, कर्नाटक और केरल में टर्टल ट्रेल्स बनेंगे। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इन टिकाऊ विकास के पर्यटन मॉडल से पर्यावरण संरक्षण करेंगे। --------------- बजट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा:इनकम टैक्स में बदलाव नहीं, 17 कैंसर मेडिसिन ड्यूटी फ्री, 3 आयुर्वेदिक एम्स वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। सीतारमण लोकसभा में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर पहुंचीं जरूर, लेकिन इसी साल होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं। पूरी खबर पढ़ें…

Feb 2, 2026 - 16:06
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बजट 2026-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के​ लिए डिजाइन होंगे 50 शहर:भारत को ऑल-सीजन डेस्टिनेशन, ग्लोबल टूरिस्ट-हब बनाने की तैयारी; टियर 2-3 सिटीज का फॉरेक्स रिजर्व बढ़ेगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्र सरकार का साल 2026-27 के लिए बजट पेश किया। बजट में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं हुई। वित्त मंत्री की घोषणा के मुताबिक देश के 50 शहरों का इंफ्रास्ट्रक्चर वर्ल्ड क्लास लेवल की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय टूरिस्ट के लिए तैयार किया जाएगा। इसका मकसद भारत को ऑल-सीजन डेस्टिनेशन और ग्लोबल टूरिस्ट-हब बनाना है। इस प्लान की मदद से एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार हो जाएगा, जिससे टियर 2-3 शहरों और गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इससे देश का फॉरेक्स रिजर्व भी बढ़ेगा, साथ ही सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी। पर्यटन का बजट 2438.40 करोड़ मंदिरों के शहरों पर फोकस मंदिरों के शहर के तौर पर पहचाने जाने वाले शहरों में बुनियादी सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की जरूरतों के अनुसार विकसित की जाएंगी। इसमें उत्तर प्रदेश के वाराणसी और मथुरा, जम्मू-कश्मीर का जम्मू, उत्तराखंड के ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे शहरों पर फोकस रहेगा। दक्षिण में तमिलनाडु के मदुरै और कांचीपुरम, कर्नाटक का हम्पी, आंध्र प्रदेश का तिरुपति, ओडिशा का भुवनेश्वर और पुरी को विकसित किया जाएगा। वहीं, इस लिस्ट में पश्चिम बंगाल का बिश्नुपुर, मध्य प्रदेश का उज्जैन और खजुराहो, गुजरात का द्वारका और महाराष्ट्र का पंढरपुर शामिल होंगे। डिजिटल डेटा तैयार होगा नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड के जरिए भारतीय पर्यटन स्थलों का डिजिटल डेटा तैयार होगा। इससे विदेशी पर्यटक आकर्षित होंगे। स्थानीय स्तर पर शोधार्थियों, इतिहासकारों, कंटेंट क्रिएटर्स, होटल, गाइड, ट्रांसपोर्ट, स्थानीय हस्तशिल्प, होम-स्टे और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के मौके बढ़ेंगे। ऑल-सीजन डेस्टिनेशन बनने की तैयारी IIM देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों के 10 हजार गाइडों को 12 हफ्ते की ट्रेनिंग देगा। एयरपोर्ट पर सामान लाने-ले जाने के नियम सरल होंगे। कुशल कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना होगी। अब सीप्लेन (जल-विमान) अपने देश में ही बनाए जाएंगे। इनके संचालन के लिए सरकार सब्सिडी देगी। इसके लिए सीप्लेन वीजीएफ योजना शुरू होगी। 15 पुरातात्विक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाएंगे लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी, सारनाथ, लेह पैलेस, आदिचनल्लूर, हस्तिनापुर जैसे देश के 15 पुरातात्विक स्थल एक्स्पिीरियंशियल कल्चरल डेस्टिनेशन्स के रूप में विकसित होंगे। यहां पर्यटक इतिहास को जीवंत रूप में महसूस कर सकेंगे। यहां पर्यटकों के लिए वॉकवे और इमर्सिव स्टोरीटेलिंग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। भारत में होगी बिग कैट समिट भारत में इसी साल पहली "ग्लोबल बिग कैट समिट' आयोजित होगी। दो साल पहले साल 2024 में भारत ने इंटरनेशनल बिग कैट गठबंधन स्थापित किया था। इसके तहत बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर, प्यूमा जैसे जानवरों के संरक्षण पर ध्यान दिया जाता है। इसमें दुनिया के 95 देशों के प्रमुख इन जानवरों के संरक्षण की सा​मूहिक रणनीति पर चर्चा करेंगे एडवेंचर टूरिज्म से करेंगे ब्रांडिंग हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में माउंटेन ट्रेल्स (ट्रैकिंग के रास्ते) विकसित किए जाएंगे। इसे एडवेंचर टूरिज्म के तौर पर प्रचारित करेंगे। पूर्वी घाट के अरकू वैली और पश्चिमी घाट के पोधीगई मलई में भी माउंटेन ट्रेल्स बनेंगे। ओडिशा, कर्नाटक और केरल में टर्टल ट्रेल्स बनेंगे। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इन टिकाऊ विकास के पर्यटन मॉडल से पर्यावरण संरक्षण करेंगे। --------------- बजट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा:इनकम टैक्स में बदलाव नहीं, 17 कैंसर मेडिसिन ड्यूटी फ्री, 3 आयुर्वेदिक एम्स वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। सीतारमण लोकसभा में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर पहुंचीं जरूर, लेकिन इसी साल होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं। पूरी खबर पढ़ें…