तिल चौथ पर चौथ माता मंदिर में उमड़ा जनसैलाब:श्रद्धालुओं ने पत्थरों से कच्चे घर बनाकर सपना साकार करने की मनोकामना की
तिल चौथ के अवसर पर बूंदी स्थित बाणगंगा पहाड़ी पर बने चौथ माता मंदिर में मंगलवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शीतलहर के बावजूद सुबह से ही महिलाएं और युवतियां माता के जयकारे लगाते हुए मंदिर की ओर बढ़ने लगी थीं। दोपहर में धूप खिलने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि हुई। चौथ माता मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष गोपाल गुर्जर, संरक्षक रामप्रताप मीना, महामंत्री पुरुषोत्तम नुवाल और कोषाध्यक्ष शंकर मेवाड़ा ने बताया कि दोपहर तक हजारों श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। देर शाम तक यह संख्या और बढ़ गई। मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न संस्थाओं और समाजों द्वारा गाजर का हलवा, गरम पकौड़ी, चाय, साबूदाने की खिचड़ी और पेयजल जैसी स्टॉलें लगाई गईं। मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। यातायात को सुचारु रखने के लिए मीरा गेट से दलेलपुरा तक वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया था। हल्के और भारी वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे। पुलिस अधिकारी मेला स्थल पर सादी वर्दी में भी तैनात रहे। मान्यता है कि बूंदी के बाणगंगा स्थित चौथ माता मंदिर की स्थापना हाड़ा चौहान वंश द्वारा की गई थी। यह भी माना जाता है कि मातेश्वरी ने बूंदी नरेश को स्वप्न में दर्शन देकर मंदिर बनवाने का आदेश दिया था। कतारों में लगना पड़ा चौथ माता मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए लम्बी लम्बी कतारों में लगना पड़ा। इस दौरान मेला समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था कर रखी थी। जिससे श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए इंतजार तो करना पड़ा, लेकिन कोई परेशानी नहीं हुई। कच्चे मकान बनाए चौथ माता मंदिर में दर्शन के पश्चात उतरते समय श्रद्धालुओं ने सीढ़ियों के समीप ही पत्थरों से कच्चे घर बनाए। मान्यता है कि ऐसा करने से लोगों का घर बनाने का सपना पूरा होता है। युवतियों में घर बनाने की उत्सुकता अधिक देखी गई। मेले में जमकर हुई खरीदारी चौथ माता मेले में बड़ी संख्या में आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों से महिला पुरुष, युवक, युवतियां पहुंचे। मेले में जहां फूल माला और प्रसाद की जमकर बिक्री हुई। वहीं मनिहारी, खिलौने, कपड़े की भी बिक्री हुई। ग्रामीणों ने सर्दी के चलते चाय व चाट पकौड़ी का लुत्फ उठाया। छोटे बच्चों ने झूले का आनंद लिया। चारों ओर नजर आए श्रद्धालु शहर की चारों दिशाओं से श्रद्धालुओं के जत्थे चौथ माता के दर्शन के लिए आते जाते नजर आये। इनमें कई तो नंगे पैर भी चल रहे थे। शहर में भी कई जगह चाय, सहगारी चीजो की स्टाले लगाई गई थी। अंतरराष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब की ओर से सिलोर रोड़ पर तिल चौथ के अवसर पर श्रद्धालुओं को 50 किलो तिल के लड्डू वितरित किये गए। इस दौरान राजेश बहेड़िया, भगवान बाहेती, राहुल लखोटिया, भगवान मण्डोवरा, अनिरुद्ध तोतला, बालकिशन जाजू आदि मौजूद रहे।इसी तरह श्री चौथ भवानी विकास एवं प्रबंधक समिति द्वारा बीबनवां रोड़ स्थित चौथमाता मंदिर में भी आज बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना व दर्शन किए। अध्यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि तिल चौथ पर वैदिक मंत्रोचारण के साथ पूजन किया गया।
तिल चौथ के अवसर पर बूंदी स्थित बाणगंगा पहाड़ी पर बने चौथ माता मंदिर में मंगलवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शीतलहर के बावजूद सुबह से ही महिलाएं और युवतियां माता के जयकारे लगाते हुए मंदिर की ओर बढ़ने लगी थीं। दोपहर में धूप खिलने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि हुई। चौथ माता मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष गोपाल गुर्जर, संरक्षक रामप्रताप मीना, महामंत्री पुरुषोत्तम नुवाल और कोषाध्यक्ष शंकर मेवाड़ा ने बताया कि दोपहर तक हजारों श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। देर शाम तक यह संख्या और बढ़ गई। मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न संस्थाओं और समाजों द्वारा गाजर का हलवा, गरम पकौड़ी, चाय, साबूदाने की खिचड़ी और पेयजल जैसी स्टॉलें लगाई गईं। मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। यातायात को सुचारु रखने के लिए मीरा गेट से दलेलपुरा तक वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया था। हल्के और भारी वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे। पुलिस अधिकारी मेला स्थल पर सादी वर्दी में भी तैनात रहे। मान्यता है कि बूंदी के बाणगंगा स्थित चौथ माता मंदिर की स्थापना हाड़ा चौहान वंश द्वारा की गई थी। यह भी माना जाता है कि मातेश्वरी ने बूंदी नरेश को स्वप्न में दर्शन देकर मंदिर बनवाने का आदेश दिया था। कतारों में लगना पड़ा चौथ माता मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए लम्बी लम्बी कतारों में लगना पड़ा। इस दौरान मेला समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था कर रखी थी। जिससे श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए इंतजार तो करना पड़ा, लेकिन कोई परेशानी नहीं हुई। कच्चे मकान बनाए चौथ माता मंदिर में दर्शन के पश्चात उतरते समय श्रद्धालुओं ने सीढ़ियों के समीप ही पत्थरों से कच्चे घर बनाए। मान्यता है कि ऐसा करने से लोगों का घर बनाने का सपना पूरा होता है। युवतियों में घर बनाने की उत्सुकता अधिक देखी गई। मेले में जमकर हुई खरीदारी चौथ माता मेले में बड़ी संख्या में आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों से महिला पुरुष, युवक, युवतियां पहुंचे। मेले में जहां फूल माला और प्रसाद की जमकर बिक्री हुई। वहीं मनिहारी, खिलौने, कपड़े की भी बिक्री हुई। ग्रामीणों ने सर्दी के चलते चाय व चाट पकौड़ी का लुत्फ उठाया। छोटे बच्चों ने झूले का आनंद लिया। चारों ओर नजर आए श्रद्धालु शहर की चारों दिशाओं से श्रद्धालुओं के जत्थे चौथ माता के दर्शन के लिए आते जाते नजर आये। इनमें कई तो नंगे पैर भी चल रहे थे। शहर में भी कई जगह चाय, सहगारी चीजो की स्टाले लगाई गई थी। अंतरराष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब की ओर से सिलोर रोड़ पर तिल चौथ के अवसर पर श्रद्धालुओं को 50 किलो तिल के लड्डू वितरित किये गए। इस दौरान राजेश बहेड़िया, भगवान बाहेती, राहुल लखोटिया, भगवान मण्डोवरा, अनिरुद्ध तोतला, बालकिशन जाजू आदि मौजूद रहे।इसी तरह श्री चौथ भवानी विकास एवं प्रबंधक समिति द्वारा बीबनवां रोड़ स्थित चौथमाता मंदिर में भी आज बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना व दर्शन किए। अध्यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि तिल चौथ पर वैदिक मंत्रोचारण के साथ पूजन किया गया।