इंडियन शूटिंग कोच ने मां बेरी वाली का लिया आशीर्वाद:झज्जर पहुंचे मनोज कुमार, बोले- एशियन गेम्स में ज्यादा पदकों का लक्ष्य
झज्जर में पहुंचे अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज एवं भीम अवॉर्डी मनोज कुमार ओहल्यान को आगामी एशियन गेम्स के लिए भारतीय 50 मीटर राइफल टीम का दोबारा हेड कोच बनाए जाने के बाद उन्होंने बेरी स्थित मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। गांव मोर्खेड़ी निवासी मनोज कुमार ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी नई जिम्मेदारी और भारतीय निशानेबाजी टीम के लक्ष्य को लेकर जानकारी साझा की। मां भीमेश्वरी देवी को बताया कुलदेवी मनोज कुमार ने कहा कि मां बेरी वाली यानी मां भीमेश्वरी देवी उनकी कुलदेवी हैं। जब भी उन्हें समय मिलता है, वे माता के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उन्होंने सबसे पहले मां का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि आगामी एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है और टीम का लक्ष्य अधिक से अधिक पदक जीतना रहेगा। दूसरी बार मिली 50 मीटर राइफल टीम की कमान मनोज कुमार ओहल्यान को आगामी एशियन गेम्स के लिए भारतीय निशानेबाजी टीम के 50 मीटर राइफल इवेंट का हेड कोच नियुक्त किया गया है। इससे पहले वर्ष 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी वे इसी टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। खिलाड़ी के तौर पर देश को दिलाया स्वर्ण मनोज कुमार खुद भी देश के अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज रह चुके हैं। 2005 में गगन नारंग के साथ भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया था। वर्ष 2006 की एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने गगन नारंग और ओलिंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा के साथ भारतीय टीम के लिए पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई। भीम अवॉर्ड से हो चुके हैं सम्मानित निशानेबाजी में उनके शानदार योगदान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने उन्हें प्रदेश के प्रतिष्ठित भीम अवॉर्ड से सम्मानित किया। खिलाड़ी के रूप में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने युवाओं को तैयार करने का रास्ता चुना। पुलिस इंस्पेक्टर की नौकरी का ऑफर भी ठुकराया मनोज कुमार को खेल उपलब्धियों के आधार पर सरकार की ओर से पुलिस इंस्पेक्टर के पद का ऑफर मिला था। उन्होंने नौकरी स्वीकार करने के बजाय निशानेबाजी में नए खिलाड़ियों को तैयार करने का फैसला किया। 2014 से 2019 तक भारतीय निशानेबाजी टीम के कोच रहे और 2019 से लगातार भारतीय टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हांगझोऊ में भारतीय निशानेबाजों ने जीते 5 पदक 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में मनोज कुमार के मार्गदर्शन में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। 50 मीटर राइफल वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों ने 5 पदक हासिल किए थे। इनमें सिफ्ट कौर समरा का विश्व रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत स्वर्ण, पुरुष टीम का स्वर्ण, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर का व्यक्तिगत रजत, महिला टीम का रजत और आशी चौकसी का व्यक्तिगत कांस्य पदक शामिल था। विश्व चैंपियनशिप में भी दिलाया स्वर्ण मनोज कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2023 विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। बोले- पिछले प्रदर्शन से बेहतर करने का लक्ष्य मनोज कुमार ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण के विश्वास के कारण उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है। उनका प्रयास रहेगा कि आगामी एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाज पिछले प्रदर्शन से भी बेहतर प्रदर्शन करें और देश के लिए ज्यादा से ज्यादा पदक जीतें। मनोज कुमार के दोबारा भारतीय टीम के हेड कोच बनने पर मोर्खेड़ी गांव सहित बेरी, झज्जर और पूरे हरियाणा में खुशी का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए इसे हरियाणा के लिए गर्व का विषय बताया।
झज्जर में पहुंचे अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज एवं भीम अवॉर्डी मनोज कुमार ओहल्यान को आगामी एशियन गेम्स के लिए भारतीय 50 मीटर राइफल टीम का दोबारा हेड कोच बनाए जाने के बाद उन्होंने बेरी स्थित मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। गांव मोर्खेड़ी निवासी मनोज कुमार ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी नई जिम्मेदारी और भारतीय निशानेबाजी टीम के लक्ष्य को लेकर जानकारी साझा की। मां भीमेश्वरी देवी को बताया कुलदेवी मनोज कुमार ने कहा कि मां बेरी वाली यानी मां भीमेश्वरी देवी उनकी कुलदेवी हैं। जब भी उन्हें समय मिलता है, वे माता के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उन्होंने सबसे पहले मां का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि आगामी एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है और टीम का लक्ष्य अधिक से अधिक पदक जीतना रहेगा। दूसरी बार मिली 50 मीटर राइफल टीम की कमान मनोज कुमार ओहल्यान को आगामी एशियन गेम्स के लिए भारतीय निशानेबाजी टीम के 50 मीटर राइफल इवेंट का हेड कोच नियुक्त किया गया है। इससे पहले वर्ष 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी वे इसी टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। खिलाड़ी के तौर पर देश को दिलाया स्वर्ण मनोज कुमार खुद भी देश के अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज रह चुके हैं। 2005 में गगन नारंग के साथ भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया था। वर्ष 2006 की एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने गगन नारंग और ओलिंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा के साथ भारतीय टीम के लिए पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई। भीम अवॉर्ड से हो चुके हैं सम्मानित निशानेबाजी में उनके शानदार योगदान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने उन्हें प्रदेश के प्रतिष्ठित भीम अवॉर्ड से सम्मानित किया। खिलाड़ी के रूप में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने युवाओं को तैयार करने का रास्ता चुना। पुलिस इंस्पेक्टर की नौकरी का ऑफर भी ठुकराया मनोज कुमार को खेल उपलब्धियों के आधार पर सरकार की ओर से पुलिस इंस्पेक्टर के पद का ऑफर मिला था। उन्होंने नौकरी स्वीकार करने के बजाय निशानेबाजी में नए खिलाड़ियों को तैयार करने का फैसला किया। 2014 से 2019 तक भारतीय निशानेबाजी टीम के कोच रहे और 2019 से लगातार भारतीय टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हांगझोऊ में भारतीय निशानेबाजों ने जीते 5 पदक 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में मनोज कुमार के मार्गदर्शन में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। 50 मीटर राइफल वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों ने 5 पदक हासिल किए थे। इनमें सिफ्ट कौर समरा का विश्व रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत स्वर्ण, पुरुष टीम का स्वर्ण, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर का व्यक्तिगत रजत, महिला टीम का रजत और आशी चौकसी का व्यक्तिगत कांस्य पदक शामिल था। विश्व चैंपियनशिप में भी दिलाया स्वर्ण मनोज कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2023 विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। बोले- पिछले प्रदर्शन से बेहतर करने का लक्ष्य मनोज कुमार ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण के विश्वास के कारण उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है। उनका प्रयास रहेगा कि आगामी एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाज पिछले प्रदर्शन से भी बेहतर प्रदर्शन करें और देश के लिए ज्यादा से ज्यादा पदक जीतें। मनोज कुमार के दोबारा भारतीय टीम के हेड कोच बनने पर मोर्खेड़ी गांव सहित बेरी, झज्जर और पूरे हरियाणा में खुशी का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए इसे हरियाणा के लिए गर्व का विषय बताया।