आरसीपी सिंह की जेडीयू में वापसी की अटकलें तेज:पटना जदयू कार्यालय के बाहर लगे समर्थन में पोस्टर, जल्द हो सकती है औपचारिक घोषणा
बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की जनता दल (यूनाइटेड) में वापसी को लेकर अटकलें चल रही है। इसी बीच राजधानी पटना में जदयू कार्यालय के बाहर आरसीपी सिंह के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। ये पोस्टर युवा नेता प्रिंस राज की ओर से लगाए गए हैं। पोस्टर में लिखा गया है कि जदयू परिवार में वरिष्ठ नेता माननीय आरसीपी सिंह जी और बड़े भाई इंजीनियर निशांत कुमार जी का हार्दिक स्वागत है। ललन सिंह की वापसी के बाद हो सकती है औपचारिक घोषणा पार्टी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के इजराइल से लौटते ही आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। बताया जा रहा है कि जदयू संगठन स्तर पर उनके स्वागत की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के बीच बढ़ते तालमेल से जोड़कर देखा जा रहा है। इजराइल दौरे पर हैं ललन सिंह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह इस समय इजराइल के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। वे 13 से 15 जनवरी 2026 तक आयोजित ‘ब्लू फूड सिक्योरिटी: सी द फ्यूचर’ समिट में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान भारत और इजराइल के बीच मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर के क्षेत्र में सहयोग से जुड़े कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि उनके पटना लौटते ही आरसीपी सिंह के जदयू में शामिल होने पर अंतिम मुहर लग सकती है। जदयू नेताओं का खुला समर्थन, विरोध लगभग खत्म जदयू के अंदर आरसीपी सिंह को लेकर पहले जो विरोध के स्वर सुनाई देते थे, वे अब लगभग शांत हो चुके हैं। वरिष्ठ विधायक श्याम रजक ने सार्वजनिक रूप से आरसीपी सिंह का स्वागत करते हुए कहा है कि, 'जदयू उनका अपना घर है और वे कभी भी लौट सकते हैं।' सूत्रों का दावा है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से भी उनकी वापसी को लेकर ‘नो ऑब्जेक्शन’ दे दिया गया है। इसी कारण जदयू कार्यालय के बाहर स्वागत वाले पोस्टर लगाए गए हैं। आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार को बताया अभिभावक हाल के दिनों में आरसीपी सिंह के बदले हुए राजनीतिक रुख ने भी इन अटकलों को मजबूती दी है। पटना के पटेल भवन में आयोजित चूड़ा-दही भोज के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खुलकर तारीफ की। आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार को अपना “अभिभावक” बताते हुए कहा कि, बिहार के विकास में उनका योगदान ऐतिहासिक है। आरसीपी सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के साथ उनके 25 वर्षों पुराने संबंध हैं और दोनों के बीच किसी तरह की दूरी नहीं है। बेटी लता सिंह का चुनावी सफर आरसीपी सिंह की बेटी लता सिंह ने साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में नालंदा जिले की अस्थावां सीट से ‘जन सुराज’ पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें इस चुनाव में सफलता नहीं मिल सकी। उन्हें कुल 15,962 वोटों से संतोष करना पड़ा। बेटी के चुनावी प्रयास के बाद अब आरसीपी सिंह का दोबारा जदयू की ओर रुख करना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की जनता दल (यूनाइटेड) में वापसी को लेकर अटकलें चल रही है। इसी बीच राजधानी पटना में जदयू कार्यालय के बाहर आरसीपी सिंह के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। ये पोस्टर युवा नेता प्रिंस राज की ओर से लगाए गए हैं। पोस्टर में लिखा गया है कि जदयू परिवार में वरिष्ठ नेता माननीय आरसीपी सिंह जी और बड़े भाई इंजीनियर निशांत कुमार जी का हार्दिक स्वागत है। ललन सिंह की वापसी के बाद हो सकती है औपचारिक घोषणा पार्टी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के इजराइल से लौटते ही आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। बताया जा रहा है कि जदयू संगठन स्तर पर उनके स्वागत की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के बीच बढ़ते तालमेल से जोड़कर देखा जा रहा है। इजराइल दौरे पर हैं ललन सिंह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह इस समय इजराइल के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। वे 13 से 15 जनवरी 2026 तक आयोजित ‘ब्लू फूड सिक्योरिटी: सी द फ्यूचर’ समिट में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान भारत और इजराइल के बीच मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर के क्षेत्र में सहयोग से जुड़े कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि उनके पटना लौटते ही आरसीपी सिंह के जदयू में शामिल होने पर अंतिम मुहर लग सकती है। जदयू नेताओं का खुला समर्थन, विरोध लगभग खत्म जदयू के अंदर आरसीपी सिंह को लेकर पहले जो विरोध के स्वर सुनाई देते थे, वे अब लगभग शांत हो चुके हैं। वरिष्ठ विधायक श्याम रजक ने सार्वजनिक रूप से आरसीपी सिंह का स्वागत करते हुए कहा है कि, 'जदयू उनका अपना घर है और वे कभी भी लौट सकते हैं।' सूत्रों का दावा है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से भी उनकी वापसी को लेकर ‘नो ऑब्जेक्शन’ दे दिया गया है। इसी कारण जदयू कार्यालय के बाहर स्वागत वाले पोस्टर लगाए गए हैं। आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार को बताया अभिभावक हाल के दिनों में आरसीपी सिंह के बदले हुए राजनीतिक रुख ने भी इन अटकलों को मजबूती दी है। पटना के पटेल भवन में आयोजित चूड़ा-दही भोज के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खुलकर तारीफ की। आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार को अपना “अभिभावक” बताते हुए कहा कि, बिहार के विकास में उनका योगदान ऐतिहासिक है। आरसीपी सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के साथ उनके 25 वर्षों पुराने संबंध हैं और दोनों के बीच किसी तरह की दूरी नहीं है। बेटी लता सिंह का चुनावी सफर आरसीपी सिंह की बेटी लता सिंह ने साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में नालंदा जिले की अस्थावां सीट से ‘जन सुराज’ पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें इस चुनाव में सफलता नहीं मिल सकी। उन्हें कुल 15,962 वोटों से संतोष करना पड़ा। बेटी के चुनावी प्रयास के बाद अब आरसीपी सिंह का दोबारा जदयू की ओर रुख करना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।