अलौली के मनरेगा पीओ-अकाउंटेंट गिरफ्तार:खगड़िया में विजिलेंस का एक्शन, बकाया भुगतान के लिए रिश्वत लेते पकड़ा
खगड़िया में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को अलौली प्रखंड कार्यालय में बड़ी कार्रवाई की। ब्यूरो ने मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) रमन जी भाई और सहायक अकाउंटेंट साहीद अकरम को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पीओ रमन जी भाई को 45 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। सहायक अकाउंटेंट को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया है। 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी यह कार्रवाई मनरेगा वेंडर विपिन कुमार की शिकायत पर की गई। विपिन कुमार ने 14 जुलाई को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों और निर्माण सामग्री की आपूर्ति का भुगतान जानबूझकर रोका गया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि भुगतान जारी करने के लिए कार्यक्रम पदाधिकारी रमन जी भाई ने 45 हजार रुपये और सहायक अकाउंटेंट साहीद अकरम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन किया। आरोप सही पाए जाने पर डीएसपी वसीम फिरोज के नेतृत्व में 12-13 सदस्यीय एक ट्रैप टीम का गठन किया गया। पीओ 45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार मंगलवार को पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता अलौली प्रखंड कार्यालय पहुंचा। जैसे ही रिश्वत की राशि कार्यक्रम पदाधिकारी को सौंपी गई, पहले से तैनात निगरानी टीम ने छापेमारी कर पीओ रमन जी भाई को 45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सहायक अकाउंटेंट साहीद अकरम को भी इसी दौरान गिरफ्तार किया गया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी वसीम फिरोज ने पुष्टि की कि कार्यक्रम पदाधिकारी रमन जी भाई को 45 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। सहायक अकाउंटेंट पर 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। दोनों आरोपियों को आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले जाया गया है। इस कार्रवाई के बाद अलौली प्रखंड कार्यालय में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। कर्मचारियों और आम लोगों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Jul 28, 2026 - 22:51
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खगड़िया में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को अलौली प्रखंड कार्यालय में बड़ी कार्रवाई की। ब्यूरो ने मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) रमन जी भाई और सहायक अकाउंटेंट साहीद अकरम को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पीओ रमन जी भाई को 45 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। सहायक अकाउंटेंट को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया है। 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी यह कार्रवाई मनरेगा वेंडर विपिन कुमार की शिकायत पर की गई। विपिन कुमार ने 14 जुलाई को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों और निर्माण सामग्री की आपूर्ति का भुगतान जानबूझकर रोका गया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि भुगतान जारी करने के लिए कार्यक्रम पदाधिकारी रमन जी भाई ने 45 हजार रुपये और सहायक अकाउंटेंट साहीद अकरम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन किया। आरोप सही पाए जाने पर डीएसपी वसीम फिरोज के नेतृत्व में 12-13 सदस्यीय एक ट्रैप टीम का गठन किया गया। पीओ 45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार मंगलवार को पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता अलौली प्रखंड कार्यालय पहुंचा। जैसे ही रिश्वत की राशि कार्यक्रम पदाधिकारी को सौंपी गई, पहले से तैनात निगरानी टीम ने छापेमारी कर पीओ रमन जी भाई को 45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सहायक अकाउंटेंट साहीद अकरम को भी इसी दौरान गिरफ्तार किया गया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी वसीम फिरोज ने पुष्टि की कि कार्यक्रम पदाधिकारी रमन जी भाई को 45 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। सहायक अकाउंटेंट पर 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। दोनों आरोपियों को आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले जाया गया है। इस कार्रवाई के बाद अलौली प्रखंड कार्यालय में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। कर्मचारियों और आम लोगों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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