Sberbank भारत में खोलेगा 10 नई शाखाएं, RBI की मंजूरी का इंतजार
रूस के सबसे बड़े बैंक स्बरबैंक ने शुक्रवार को कहा कि वह द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भारत में 10 नई शाखाएं खोलकर अपनी उपस्थिति का विस्तार करने की योजना बना रहा है। इस समय बैंक नयी दिल्ली और मुंबई में कार्यालयों के साथ एक शाखा मॉडल पर भारत में काम कर रहा है। वर्ष 2010 में अपना परिचालन शुरू करने वाले इस बैंक ने 10 शहरों में खोले जाने वाले 10 शाखा लाइसेंसों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से अनुमति मांगी है।स्बरबैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और कार्यकारी बोर्ड के चेयरमैन हरमन ग्रेफ ने यहां कहा, हम स्थानीय नियामक से मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या बैंक पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी में तब्दील होने की योजना बना रहा है, उन्होंने कहा, फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि बैंक ने नयी दिल्ली में दो समिट टावर्स बिजनेस सेंटर का अधिग्रहण किया है, जो 2028 तक तैयार हो जाने चाहिए।उन्होंने कहा कि भारतीय राजधानी में इन संपत्तियों का अधिग्रहण दीर्घकालिक साझेदारी के लिए एक नई नींव तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि स्बर देश में लगातार अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रहा है, और यह निवेश उसी रणनीति का हिस्सा है। रुपये में द्विपक्षीय व्यापार निपटान के बारे में बात करते हुए ग्रेफ ने कहा, हमारी प्रणाली अब पहले से कहीं अधिक कुशलता से काम कर रही है।पिछले साल, हमारे सामने अधिशेष रुपये की समस्या थी, लेकिन इस साल ऐसी कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि मुद्रा जोखिम के प्रबंधन के तहत बैंक ने सरकारी प्रतिभूतियों में भी निवेश किया है। सीमा पार भुगतान के लिए केंद्रीय बैंक समर्थित डिजिटल मुद्राओं (सीबीडीसी) पर उन्होंने कहा कि यह एक बड़े अवसर के रूप में उभर सकता है।निवेश को बढ़ावा देने के संदर्भ में ग्रेफ ने कहा कि हाल ही में बैंक ने अपने खाताधारकों के लिए निफ्टी 50 शेयरों में निवेश करने हेतु एक उत्पाद पेश किया है।
रूस के सबसे बड़े बैंक स्बरबैंक ने शुक्रवार को कहा कि वह द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भारत में 10 नई शाखाएं खोलकर अपनी उपस्थिति का विस्तार करने की योजना बना रहा है। इस समय बैंक नयी दिल्ली और मुंबई में कार्यालयों के साथ एक शाखा मॉडल पर भारत में काम कर रहा है। वर्ष 2010 में अपना परिचालन शुरू करने वाले इस बैंक ने 10 शहरों में खोले जाने वाले 10 शाखा लाइसेंसों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से अनुमति मांगी है।
स्बरबैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और कार्यकारी बोर्ड के चेयरमैन हरमन ग्रेफ ने यहां कहा, हम स्थानीय नियामक से मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या बैंक पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी में तब्दील होने की योजना बना रहा है, उन्होंने कहा, फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि बैंक ने नयी दिल्ली में दो समिट टावर्स बिजनेस सेंटर का अधिग्रहण किया है, जो 2028 तक तैयार हो जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय राजधानी में इन संपत्तियों का अधिग्रहण दीर्घकालिक साझेदारी के लिए एक नई नींव तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि स्बर देश में लगातार अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रहा है, और यह निवेश उसी रणनीति का हिस्सा है। रुपये में द्विपक्षीय व्यापार निपटान के बारे में बात करते हुए ग्रेफ ने कहा, हमारी प्रणाली अब पहले से कहीं अधिक कुशलता से काम कर रही है।
पिछले साल, हमारे सामने अधिशेष रुपये की समस्या थी, लेकिन इस साल ऐसी कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि मुद्रा जोखिम के प्रबंधन के तहत बैंक ने सरकारी प्रतिभूतियों में भी निवेश किया है। सीमा पार भुगतान के लिए केंद्रीय बैंक समर्थित डिजिटल मुद्राओं (सीबीडीसी) पर उन्होंने कहा कि यह एक बड़े अवसर के रूप में उभर सकता है।
निवेश को बढ़ावा देने के संदर्भ में ग्रेफ ने कहा कि हाल ही में बैंक ने अपने खाताधारकों के लिए निफ्टी 50 शेयरों में निवेश करने हेतु एक उत्पाद पेश किया है।



