Nepal Flood: यूपी के कुशीनगर, महराजगंज, सरयू और घाघरा के तटीय इलाकों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
Nepal Flash Flood: नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत की ओर से आए अचानक सैलाब (फ्लैश फ्लड) और भोटेकोशी नदी के उफान ने नेपाल से लेकर भारत के सीमावर्ती राज्यों तक हड़कंप मचा दिया है। इस प्राकृतिक आपदा का सीधा असर उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों पर ...
Nepal Flash Flood: नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत की ओर से आए अचानक सैलाब (फ्लैश फ्लड) और भोटेकोशी नदी के उफान ने नेपाल से लेकर भारत के सीमावर्ती राज्यों तक हड़कंप मचा दिया है। इस प्राकृतिक आपदा का सीधा असर उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों पर पड़ने की आशंका है, जिसके चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों को हाई अलर्ट पर रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।
तबाही का प्रमुख केंद्र और नेपाल में स्थिति
- भीषण जन-धन की हानि : रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ व भूस्खलन के कारण 384 से अधिक लोग लापता हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिकों सहित कई विदेशी पर्यटक शामिल हैं।
- अवसंरचना को भारी नुकसान : टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाकों में कई घर, बाजार और नदियां पार करने वाले पुल बह गए हैं। रसुवा का एक प्रमुख हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पूरी तरह तबाह हो गया है, जबकि कई अन्य जलविद्युत परियोजनाओं को भारी क्षति पहुंची है।
उत्तर प्रदेश पर असर व प्रभावित नदियां
- गंडक एवं नारायणी नदी : महराजगंज और कुशीनगर जिले मुख्य रूप से प्रभावित हैं। नेपाल से लगभग 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की आशंका है, जिससे सोहगीबरवा, भोतियाही और शिकारपुर गांवों पर बाढ़ का सीधा खतरा बना हुआ है।
- सरयू और घाघरा नदी : अयोध्या (सदर, सुहावल और रुदौली तहसील), बाराबंकी तथा बस्ती जिले जोखिम में हैं। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब और ऊपर पहुंच रहा है, जिसके कारण निचले और माझा क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
- गंगा नदी : पश्चिमी उत्तर प्रदेश, प्रयागराज और वाराणसी के तटीय इलाके प्रभावित हैं। पहाड़ों पर और स्थानीय स्तर पर लगातार हो रही बारिश के कारण तटीय बस्तियों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
प्रशासनिक सतर्कता और मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में हुए हादसे पर चिंता व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन को 24 घंटे पूरी मुस्तैदी और सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों व बस्तियों का दौरा शुरू कर दिया है। नागरिकों को नदियों के करीब न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री ने महाराजगंज और कुशीनगर में स्थानीय प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। महाराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर नजर रखते हुए पूरी सतर्कता बरतने को कहा है। न्होंने भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल रहने की प्रार्थना की है।



