NEET पेपर लीक-मास्टरमाइंड डॉक्टर समेत 3 गिरफ्तार:स्कॉलर्स के लिए लग्जरी गाड़ी का था इंतजाम; EOU ने पटना में परीक्षा सेंटर के बाहर से पकड़ा
NEET UG मेंस एग्जाम और पेपर लीक मामले में EOU की टीम ने मास्टरमाइंड डॉक्टर समेत 3 शातिरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार डॉक्टर रवि शंकर री-एग्जाम में स्कॉलर्स बैठाने वाले गैंग के मुख्य सरगना है। EOU ने रवि शंकर उर्फ सम्राट, डॉक्टर उज्जवल राज और अश्विनी कुमार को अरेस्ट किया है। इसमें रवि शंकर और अश्विनी कुमार दोनों भाई है। दोनों डॉक्टर पटना में आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी में परीक्षा देने आए थे। बुधवार शाम इन्हें गिरफ्तार किए जाने की EOU ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है। इन तीनों को 12 अगस्त को ही गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद लंबी पूछताछ हुई। फिर कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। 12 से 30 लाख रुपए की होती थी डील इनके अलावा कई ऐसे लोगों के नाम सामने आए, जो बिहार के मेडिकल, नर्सिंग और डेंटल कॉलेजों से जुड़े हैं। सभी की पहचान हो गई है। पूछताछ के लिए जांच एजेंसी जल्द ही सभी को नोटिस भेजने वाली है। इस गैंग ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिर्टी में होने वाले MBBS परीक्षा में भी सेटिंग की थी। किसी भी एग्जाम में स्कॉलर बैठाने के लिए कैंडिडेंट के साथ 12 से 30 लाख रुपए की डील होती थी। पत्नी की गिरफ्तारी पर लगी है रोक डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट मूल रूप से पटना में शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के मकसूदपुर गांव का रहने वाला है। वर्तमान में नालंदा के पावापुरी स्थित महावीर इंस्टीट्यूट में MBBS फाइनल ईयर का स्टूडेंट हैं। NEET UG के हुए री-एग्जाम के दौरान स्कॉलर्स बैठाने के मामले में लखीसराय के तीन थानों में अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे। EOU के अनुसार, जांच में तीनों केस आपस में कनेक्ट मिले। रेलवे ग्रुप-D की भर्ती परीक्षा में हुए धांधली के केस में भी डॉ. रविशंकर मास्टरमाइंड है। इस केस में रवि शंकर ने कोर्ट से जमानत ली थी। रविशंकर की पत्नी मधु प्रिया पर भी NEET UG के री-एग्जाम में फर्जी कैंडिडेट बैठाने का आरोप है। प्रेग्नेंट होने की वजह से उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगी हुई है। मधु AEDO एग्जाम की कैंडिडेट थी। इसके लिए रवि शंकर ने पूरी सेटिंग की थी। गैंग को संरक्षण दे रहा था बड़ा भाई EOU ने जिस अश्विनी कुमार को पकड़ा है, वो डॉक्टर रवि शंकर का बड़ा भाई है। जांच के दौरान इसके खिलाफ ठोस और अहम सबूत मिले। दरअसल, एग्जाम में ऑरिजनल कैंडिडेट्स की जगह फर्जी कैंडिडेट बैठाने वाले गैंग को अश्विनी अपना संरक्षण दे रहा था। इस मामले में EOU ने अलग से 12 अगस्त को एक FIR दर्ज की, जिसके बाद अश्विनी को गिरफ्तार किया। 2024 के एग्जाम में उज्जवल ने बैठाए थे 7 स्कॉलर्स गिरफ्तार डॉ. उज्ज्वल राज मोतिहारी में केसरिया थाना के तहत दिलावरपुर गांव का रहने वाला है। इसके पिता का नाम अशोक कुंवर है। ये भी महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में MBBS फाइनल ईयर का स्टूडेंट है। राजस्थान के कोटा में इसके खिलाफ एक केस दर्ज है। दरअसल, 2024 में हुए NEET UG एग्जाम में उसने 7 स्कॉलर्स बैठाए थे। मामला सामने आने के बाद कोटा थाने में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद पूर्णिया जिले के मधुबनी थाने में भी एक केस दर्ज किया गया था। मामले में CBI ने इसके ठिकाने पर छापेमारी की थी। तब इसके पास से एक स्कॉर्पियो जब्त की गई थी और 2.95 लाख रुपए कैश मिले थे। फर्जीवाड़े के खेल का 2 तरीका टाटा हैरियर का लखीसराय में हुआ था इस्तेमाल रविशंकर और अश्वनी के ठिकानों से पर छापेमारी के दौरान EOU की टीम को बहुत कुछ मिला है। आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी की MBBS, AEDO, NEET, BPSSC, CBSE एग्जाम की कई खाली बुकलेट मिले हैं। कई कैंडिडेट्स के एडमिट कार्ड, स्कूल का मार्क्स सर्टीफिकेट, ऑरिजनल सर्टीफिकेट, TC बरामद हुआ है। SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, PNB और HDFC बैंक के कई ब्लैंक चेक मिले हैं। रवि शंकर और उसकी पत्नी के नाम के दो बैंक पासबुक मिले हैं। भारतीय निर्वाचन आयोग का पहचान पत्र, NIOS का पहचान पत्र, लगभग 2 लाख रुपए कैश, डिजिटल डिस्प्ले, रजिस्टर्ड डीड, सुनराज इनोवेशन ऑनलाइन एग्जाम सेंटर, पटना से संबंधित एग्रीमेंट पेपर भी बरामद हुआ है। बड़ी बात यह है कि डॉ. रवि शंकर के बड़े भाई के नाम एक टाटा हैरियर लग्जरी गाड़ी रजिस्टर्ड मिली है। जांच में यह बात सामने आई कि स्कॉलर्स को इसी गाड़ी से लखीसराय लाया गया था।
NEET UG मेंस एग्जाम और पेपर लीक मामले में EOU की टीम ने मास्टरमाइंड डॉक्टर समेत 3 शातिरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार डॉक्टर रवि शंकर री-एग्जाम में स्कॉलर्स बैठाने वाले गैंग के मुख्य सरगना है। EOU ने रवि शंकर उर्फ सम्राट, डॉक्टर उज्जवल राज और अश्विनी कुमार को अरेस्ट किया है। इसमें रवि शंकर और अश्विनी कुमार दोनों भाई है। दोनों डॉक्टर पटना में आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी में परीक्षा देने आए थे। बुधवार शाम इन्हें गिरफ्तार किए जाने की EOU ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है। इन तीनों को 12 अगस्त को ही गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद लंबी पूछताछ हुई। फिर कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। 12 से 30 लाख रुपए की होती थी डील इनके अलावा कई ऐसे लोगों के नाम सामने आए, जो बिहार के मेडिकल, नर्सिंग और डेंटल कॉलेजों से जुड़े हैं। सभी की पहचान हो गई है। पूछताछ के लिए जांच एजेंसी जल्द ही सभी को नोटिस भेजने वाली है। इस गैंग ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिर्टी में होने वाले MBBS परीक्षा में भी सेटिंग की थी। किसी भी एग्जाम में स्कॉलर बैठाने के लिए कैंडिडेंट के साथ 12 से 30 लाख रुपए की डील होती थी। पत्नी की गिरफ्तारी पर लगी है रोक डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट मूल रूप से पटना में शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के मकसूदपुर गांव का रहने वाला है। वर्तमान में नालंदा के पावापुरी स्थित महावीर इंस्टीट्यूट में MBBS फाइनल ईयर का स्टूडेंट हैं। NEET UG के हुए री-एग्जाम के दौरान स्कॉलर्स बैठाने के मामले में लखीसराय के तीन थानों में अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे। EOU के अनुसार, जांच में तीनों केस आपस में कनेक्ट मिले। रेलवे ग्रुप-D की भर्ती परीक्षा में हुए धांधली के केस में भी डॉ. रविशंकर मास्टरमाइंड है। इस केस में रवि शंकर ने कोर्ट से जमानत ली थी। रविशंकर की पत्नी मधु प्रिया पर भी NEET UG के री-एग्जाम में फर्जी कैंडिडेट बैठाने का आरोप है। प्रेग्नेंट होने की वजह से उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगी हुई है। मधु AEDO एग्जाम की कैंडिडेट थी। इसके लिए रवि शंकर ने पूरी सेटिंग की थी। गैंग को संरक्षण दे रहा था बड़ा भाई EOU ने जिस अश्विनी कुमार को पकड़ा है, वो डॉक्टर रवि शंकर का बड़ा भाई है। जांच के दौरान इसके खिलाफ ठोस और अहम सबूत मिले। दरअसल, एग्जाम में ऑरिजनल कैंडिडेट्स की जगह फर्जी कैंडिडेट बैठाने वाले गैंग को अश्विनी अपना संरक्षण दे रहा था। इस मामले में EOU ने अलग से 12 अगस्त को एक FIR दर्ज की, जिसके बाद अश्विनी को गिरफ्तार किया। 2024 के एग्जाम में उज्जवल ने बैठाए थे 7 स्कॉलर्स गिरफ्तार डॉ. उज्ज्वल राज मोतिहारी में केसरिया थाना के तहत दिलावरपुर गांव का रहने वाला है। इसके पिता का नाम अशोक कुंवर है। ये भी महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में MBBS फाइनल ईयर का स्टूडेंट है। राजस्थान के कोटा में इसके खिलाफ एक केस दर्ज है। दरअसल, 2024 में हुए NEET UG एग्जाम में उसने 7 स्कॉलर्स बैठाए थे। मामला सामने आने के बाद कोटा थाने में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद पूर्णिया जिले के मधुबनी थाने में भी एक केस दर्ज किया गया था। मामले में CBI ने इसके ठिकाने पर छापेमारी की थी। तब इसके पास से एक स्कॉर्पियो जब्त की गई थी और 2.95 लाख रुपए कैश मिले थे। फर्जीवाड़े के खेल का 2 तरीका टाटा हैरियर का लखीसराय में हुआ था इस्तेमाल रविशंकर और अश्वनी के ठिकानों से पर छापेमारी के दौरान EOU की टीम को बहुत कुछ मिला है। आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी की MBBS, AEDO, NEET, BPSSC, CBSE एग्जाम की कई खाली बुकलेट मिले हैं। कई कैंडिडेट्स के एडमिट कार्ड, स्कूल का मार्क्स सर्टीफिकेट, ऑरिजनल सर्टीफिकेट, TC बरामद हुआ है। SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, PNB और HDFC बैंक के कई ब्लैंक चेक मिले हैं। रवि शंकर और उसकी पत्नी के नाम के दो बैंक पासबुक मिले हैं। भारतीय निर्वाचन आयोग का पहचान पत्र, NIOS का पहचान पत्र, लगभग 2 लाख रुपए कैश, डिजिटल डिस्प्ले, रजिस्टर्ड डीड, सुनराज इनोवेशन ऑनलाइन एग्जाम सेंटर, पटना से संबंधित एग्रीमेंट पेपर भी बरामद हुआ है। बड़ी बात यह है कि डॉ. रवि शंकर के बड़े भाई के नाम एक टाटा हैरियर लग्जरी गाड़ी रजिस्टर्ड मिली है। जांच में यह बात सामने आई कि स्कॉलर्स को इसी गाड़ी से लखीसराय लाया गया था।