JPMorgan Harassment Case । मैं वहां थी ही नहीं, Lorna Hajdini के दावों से केस में आया नया मोड़

जेपी मॉर्गन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर लोर्ना हजदिनी ने अपने एक पूर्व सहकर्मी द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। न्यूयॉर्क की अदालत में 'जॉन डो' (बदलना हुआ नाम) द्वारा दायर इस मुकदमे में लोर्ना पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए थे। लोर्ना के वकीलों का कहना है कि उन्होंने कभी कोई गलत व्यवहार नहीं किया और वे उस जगह पर कभी गई ही नहीं, जिसका जिक्र शिकायत में किया गया है।क्या हैं आरोप और बैंक की जांच?शिकायतकर्ता (जो भारतीय मूल का बताया जा रहा है) ने आरोप लगाया कि लोर्ना ने उसे नशीली दवाएं दीं, उसका यौन शोषण किया और मांगें न मानने पर करियर बर्बाद करने या बोनस रोकने की धमकी दी। हालांकि, जेपी मॉर्गन बैंक ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। बैंक के प्रवक्ता ने बताया कि एक विस्तृत आंतरिक जांच में ईमेल और फोन रिकॉर्ड खंगाले गए, लेकिन आरोपों का कोई सबूत नहीं मिला। बैंक के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने खुद जांच में सहयोग करने से मना कर दिया था। इसे भी पढ़ें: Iran से तनाव के बीच America का बड़ा दांव, तैनात होगी सबसे घातक Hypersonic Missile Dark Eagleमुकदमे के दावों पर उठते सवालजांच में कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं जो शिकायतकर्ता के दावों को कमजोर करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता सीधे तौर पर लोर्ना को रिपोर्ट नहीं करता था। दोनों की टीमें अलग थीं, जिसका मतलब है कि लोर्ना के पास उसका बोनस रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था।सूत्रों का कहना है कि शिकायतकर्ता ने कंपनी छोड़ने के बदले लाखों पाउंड के मुआवजे की मांग की थी, जिसे बैंक ने 'ब्लैकमेल' जैसा प्रयास माना है। जहां सहकर्मियों ने लोर्ना को 'टॉप परफॉर्मर' और सामाजिक कार्यों से जुड़ी महिला बताया है, वहीं शिकायतकर्ता को काम में ठीक लेकिन स्वभाव में थोड़ा अलग बताया गया है। इसे भी पढ़ें: Iran में आंतरिक संकट गहराया, विदेश मंत्री पद से Abbas Araghchi को हटा सकते हैं राष्ट्रपति Masoud Pezeshkianदोनों पक्षों का करियर बैकग्राउंडलोर्ना हजदिनी न्यूयॉर्क स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस से ग्रेजुएट हैं और एक एनजीओ में वॉलंटियर भी हैं। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता ने मॉर्गन स्टेनली और क्रेडिट सुइस जैसी बड़ी कंपनियों में काम किया है और फिलहाल न्यूयॉर्क की एक निवेश फर्म से जुड़ा है। फिलहाल कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए कोई तारीख तय नहीं की है, लेकिन अमेरिकी कानून के तहत मीडिया इस मामले की रिपोर्टिंग कर रहा है क्योंकि अदालती दस्तावेजों को विशेषाधिकार प्राप्त होता है।

May 1, 2026 - 22:08
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JPMorgan Harassment Case । मैं वहां थी ही नहीं, Lorna Hajdini के दावों से केस में आया नया मोड़
जेपी मॉर्गन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर लोर्ना हजदिनी ने अपने एक पूर्व सहकर्मी द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। न्यूयॉर्क की अदालत में 'जॉन डो' (बदलना हुआ नाम) द्वारा दायर इस मुकदमे में लोर्ना पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए थे। लोर्ना के वकीलों का कहना है कि उन्होंने कभी कोई गलत व्यवहार नहीं किया और वे उस जगह पर कभी गई ही नहीं, जिसका जिक्र शिकायत में किया गया है।

क्या हैं आरोप और बैंक की जांच?

शिकायतकर्ता (जो भारतीय मूल का बताया जा रहा है) ने आरोप लगाया कि लोर्ना ने उसे नशीली दवाएं दीं, उसका यौन शोषण किया और मांगें न मानने पर करियर बर्बाद करने या बोनस रोकने की धमकी दी। हालांकि, जेपी मॉर्गन बैंक ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। बैंक के प्रवक्ता ने बताया कि एक विस्तृत आंतरिक जांच में ईमेल और फोन रिकॉर्ड खंगाले गए, लेकिन आरोपों का कोई सबूत नहीं मिला। बैंक के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने खुद जांच में सहयोग करने से मना कर दिया था।
 

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मुकदमे के दावों पर उठते सवाल

जांच में कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं जो शिकायतकर्ता के दावों को कमजोर करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता सीधे तौर पर लोर्ना को रिपोर्ट नहीं करता था। दोनों की टीमें अलग थीं, जिसका मतलब है कि लोर्ना के पास उसका बोनस रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था।

सूत्रों का कहना है कि शिकायतकर्ता ने कंपनी छोड़ने के बदले लाखों पाउंड के मुआवजे की मांग की थी, जिसे बैंक ने 'ब्लैकमेल' जैसा प्रयास माना है। जहां सहकर्मियों ने लोर्ना को 'टॉप परफॉर्मर' और सामाजिक कार्यों से जुड़ी महिला बताया है, वहीं शिकायतकर्ता को काम में ठीक लेकिन स्वभाव में थोड़ा अलग बताया गया है।
 

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दोनों पक्षों का करियर बैकग्राउंड

लोर्ना हजदिनी न्यूयॉर्क स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस से ग्रेजुएट हैं और एक एनजीओ में वॉलंटियर भी हैं। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता ने मॉर्गन स्टेनली और क्रेडिट सुइस जैसी बड़ी कंपनियों में काम किया है और फिलहाल न्यूयॉर्क की एक निवेश फर्म से जुड़ा है। फिलहाल कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए कोई तारीख तय नहीं की है, लेकिन अमेरिकी कानून के तहत मीडिया इस मामले की रिपोर्टिंग कर रहा है क्योंकि अदालती दस्तावेजों को विशेषाधिकार प्राप्त होता है।