Jindal Stainless करेगी 900 करोड़ रुपये का Investment, बढ़ेगी स्टील क्षमता

जिंदल स्टेनलेस अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 900 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने बताया कि इस निवेश से कंपनी की कोल्ड रोलिंग क्षमता मौजूदा के 205 लाख टन सालाना से बढ़कर वित्त वर्ष 2027-28 तक 267 लाख टन हो जाएगी। कोल्ड रोलिंग का आशय इस्पात को कमरे के तापमान के आसपास, बिना गर्म किए, रोलर्स के बीच से दबाकर उसकी मोटाई कम करना और आकार/गुण बदलने से है।कंपनी यह निवेश हिसार और खड़गपुर में करेगी। इसके अलावा जाजपुर में हॉट रोल्ड एनीलिंग, पिकलिंग और कोल्ड रोलिंग की नई सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य वाहन, घरेलू उपकरण, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती मांग को पूरा करना है।जिंदल स्टेनलेस महाराष्ट्र में करीब 40,000 करोड़ रुपये की एक बड़ी स्टेनलेस स्टील परियोजना लगाने की भी तैयारी कर रही है। कंपनी इसके लिए जमीन की तलाश कर रही है। प्रस्तावित संयंत्र में हाइड्रोजन, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, परिवहन, बुनियादी ढांचा और प्रसंस्करण उद्योग जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष ग्रेड के इस्पात का उत्पादन किया जाएगा।कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में पर्यावरण के क्षेत्र में भी प्रगति की। हिसार और जाजपुर संयंत्रों में बिजली की कुल खपत का करीब 47 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से आया। वहीं, इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस आधारित उत्पादन में लगभग 70 प्रतिशत पुनर्चक्रित कबाड़ का इस्तेमाल किया गया।वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का एकीकृत राजस्व 42,955 करोड़ रुपये रहा। वहीं कर पूर्व आय 19.2 प्रतिशत बढ़कर 5,560 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 27.4 प्रतिशत बढ़कर 3,185 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान तैयार उत्पादों की बिक्री भी रिकॉर्ड 257 लाख टन रही।

Aug 16, 2026 - 21:27
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Jindal Stainless करेगी 900 करोड़ रुपये का Investment, बढ़ेगी स्टील क्षमता

जिंदल स्टेनलेस अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 900 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने बताया कि इस निवेश से कंपनी की कोल्ड रोलिंग क्षमता मौजूदा के 205 लाख टन सालाना से बढ़कर वित्त वर्ष 2027-28 तक 267 लाख टन हो जाएगी। कोल्ड रोलिंग का आशय इस्पात को कमरे के तापमान के आसपास, बिना गर्म किए, रोलर्स के बीच से दबाकर उसकी मोटाई कम करना और आकार/गुण बदलने से है।

कंपनी यह निवेश हिसार और खड़गपुर में करेगी। इसके अलावा जाजपुर में हॉट रोल्ड एनीलिंग, पिकलिंग और कोल्ड रोलिंग की नई सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य वाहन, घरेलू उपकरण, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती मांग को पूरा करना है।

जिंदल स्टेनलेस महाराष्ट्र में करीब 40,000 करोड़ रुपये की एक बड़ी स्टेनलेस स्टील परियोजना लगाने की भी तैयारी कर रही है। कंपनी इसके लिए जमीन की तलाश कर रही है। प्रस्तावित संयंत्र में हाइड्रोजन, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, परिवहन, बुनियादी ढांचा और प्रसंस्करण उद्योग जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष ग्रेड के इस्पात का उत्पादन किया जाएगा।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में पर्यावरण के क्षेत्र में भी प्रगति की। हिसार और जाजपुर संयंत्रों में बिजली की कुल खपत का करीब 47 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से आया। वहीं, इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस आधारित उत्पादन में लगभग 70 प्रतिशत पुनर्चक्रित कबाड़ का इस्तेमाल किया गया।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का एकीकृत राजस्व 42,955 करोड़ रुपये रहा। वहीं कर पूर्व आय 19.2 प्रतिशत बढ़कर 5,560 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 27.4 प्रतिशत बढ़कर 3,185 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान तैयार उत्पादों की बिक्री भी रिकॉर्ड 257 लाख टन रही।