मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में पूरे दिन उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला और कारोबार के अंत में प्रमुख सूचकांक लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए हैं। वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता और इस सप्ताह होने वाली प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतिगत बैठकों से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
बंबई शेयर बाजार का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 69.86 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 76,765.92 अंक पर बंद हुआ है। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 76,988.48 अंक का ऊपरी स्तर और 76,672.77 अंक का निचला स्तर छुआ है। वहीं राष्ट्रीय शेयर बाजार का निफ्टी 10.60 अंक यानी 0.04 प्रतिशत फिसलकर 23,985.35 अंक पर बंद हुआ।
बता दें कि दिनभर बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और निवेशक किसी बड़े दांव से बचते नजर आए हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार इस सप्ताह अमेरिका के केंद्रीय बैंक, इंग्लैंड के केंद्रीय बैंक और जापान के केंद्रीय बैंक की नीतिगत बैठकों पर दुनियाभर के निवेशकों की नजर बनी हुई है। इन बैठकों से ब्याज दरों और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलने की उम्मीद की जा रही है।
सेंसेक्स में सबसे बड़ी गिरावट हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर में दर्ज की गई है। कंपनी का शेयर करीब सात प्रतिशत टूट गया है। गौरतलब है कि कंपनी का अप्रैल से जून तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 3.17 प्रतिशत घटकर 2,680 करोड़ रुपये रह गया है। कंपनी के मुनाफे पर एकमुश्त मदों और अधिक कर व्यय का असर पड़ा है।
इसके अलावा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली है। दूसरी ओर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इटरनल, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टाइटन के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए हैं, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से महंगाई और कंपनियों की लागत को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 2.82 प्रतिशत गिरकर 85.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की तेजी पर दबाव बनाए रखा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार से 1,688.23 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की है।
एशियाई बाजारों की बात करें तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा जापान का निक्केई और चीन का शंघाई सूचकांक भी कमजोरी के साथ बंद हुए हैं, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक मामूली बढ़त दर्ज करने में सफल रहा है। यूरोप के प्रमुख बाजारों में कारोबार के दौरान मजबूती का रुख देखा गया है, जबकि अमेरिकी बाजार पिछले कारोबारी सत्र में मिले-जुले प्रदर्शन के साथ बंद हुए।
गौरतलब है कि सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी और सेंसेक्स 776.01 अंक तथा निफ्टी 228.50 अंक चढ़कर बंद हुआ था। इसके विपरीत मंगलवार को निवेशकों ने सतर्कता दिखाई और बाजार सीमित उतार-चढ़ाव के बीच मामूली गिरावट के साथ कारोबार समाप्त किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब निवेशकों की नजर वैश्विक केंद्रीय बैंकों के फैसलों और आने वाले दिनों में जारी होने वाले कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी हुई हैं।