पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर फिर मंडराया संकट: वित्त वर्ष 2025-26 में चालू खाता सरप्लस से घाटे में बदला, व्यापार घाटा $35.5 अरब के पार
पाकिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था के लिए एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का चालू खाता (Current Account) फिर से घाटे में आ गया है। केंद्रीय बैंक 'स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान' (SBP) द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वित्त वर्ष में पाकिस्तान का चालू खाता घाटा (CAD) 13.9 करोड़ डॉलर दर्ज किया गया है। यह स्थिति इसलिए अधिक चिंताजनक है क्योंकि इससे ठीक एक साल पहले, यानी वित्त वर्ष 2024-25 में पाकिस्तान को 1.84 अरब डॉलर का चालू खाता अधिशेष (सरप्लस) हासिल हुआ था। हालांकि चालू खाते में आया यह बदलाव फिलहाल छोटा नजर आ रहा है, लेकिन आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे आने वाले समय में पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पर दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और तनावपूर्ण हालातों के कारण पाकिस्तान की चुनौतियां और अधिक गंभीर होने की आशंका है।इसे भी पढ़ें: Kharge का Modi सरकार पर तीखा वार, Jantar Mantar की घटना लोकतंत्र पर काला धब्बा एसबीपी के आंकड़ों के मुताबिक, जून में पाकिस्तान का चालू खाता घाटा 64.9 करोड़ डॉलर रहा, जबकि मई में देश को 50 करोड़ डॉलर का अधिशेष हुआ था। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को विदेशों से भेजी जाने वाली राशि से काफी मदद मिली। हालांकि, निर्यात में बढ़ोतरी नहीं हो सकी और आयात ऊंचे स्तर पर बने रहे।इसे भी पढ़ें: I Name Personality: अपनी क्रिएटिविटी और Hard Work से करियर में अलग मुकाम पाते हैं 'I' नाम वाले लोग इसके कारण वित्त वर्ष 2025-26 में देश का व्यापार घाटा 35.5 अरब डॉलर से अधिक हो गया, जिससे चालू खाते पर दबाव बढ़ा। वित्त वर्ष 2025-26 में पाकिस्तान का वस्तु निर्यात घटकर 30.84 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले 32.43 अरब डॉलर था। हालांकि, सेवा निर्यात 8.45 अरब डॉलर से बढ़कर 10.03 अरब डॉलर हो गया। इससे कुल निर्यात में मामूली वृद्धि दर्ज की गई।
पाकिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था के लिए एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का चालू खाता (Current Account) फिर से घाटे में आ गया है। केंद्रीय बैंक 'स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान' (SBP) द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वित्त वर्ष में पाकिस्तान का चालू खाता घाटा (CAD) 13.9 करोड़ डॉलर दर्ज किया गया है। यह स्थिति इसलिए अधिक चिंताजनक है क्योंकि इससे ठीक एक साल पहले, यानी वित्त वर्ष 2024-25 में पाकिस्तान को 1.84 अरब डॉलर का चालू खाता अधिशेष (सरप्लस) हासिल हुआ था। हालांकि चालू खाते में आया यह बदलाव फिलहाल छोटा नजर आ रहा है, लेकिन आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे आने वाले समय में पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पर दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और तनावपूर्ण हालातों के कारण पाकिस्तान की चुनौतियां और अधिक गंभीर होने की आशंका है।
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एसबीपी के आंकड़ों के मुताबिक, जून में पाकिस्तान का चालू खाता घाटा 64.9 करोड़ डॉलर रहा, जबकि मई में देश को 50 करोड़ डॉलर का अधिशेष हुआ था। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को विदेशों से भेजी जाने वाली राशि से काफी मदद मिली। हालांकि, निर्यात में बढ़ोतरी नहीं हो सकी और आयात ऊंचे स्तर पर बने रहे।
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इसके कारण वित्त वर्ष 2025-26 में देश का व्यापार घाटा 35.5 अरब डॉलर से अधिक हो गया, जिससे चालू खाते पर दबाव बढ़ा। वित्त वर्ष 2025-26 में पाकिस्तान का वस्तु निर्यात घटकर 30.84 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले 32.43 अरब डॉलर था। हालांकि, सेवा निर्यात 8.45 अरब डॉलर से बढ़कर 10.03 अरब डॉलर हो गया। इससे कुल निर्यात में मामूली वृद्धि दर्ज की गई।



