E20 पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान: 100% पेट्रोल चाहिए तो ज्यादा कीमत चुकानी होगी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि E20 नहीं चाहिए तो 100% पेट्रोल खरीदिए, लेकिन ज्यादा कीमत देनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बेटों के व्यवसाय में इथेनॉल का हिस्सा बहुत कम है और वे हमेशा वैकल्पिक ईंधनों के समर्थक रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि E20 नहीं चाहिए तो 100% पेट्रोल खरीदिए, लेकिन ज्यादा कीमत देनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बेटों के व्यवसाय में इथेनॉल का हिस्सा बहुत कम है और वे हमेशा वैकल्पिक ईंधनों के समर्थक रहे हैं।
100% पेट्रोल उपलब्ध करवाने के सवाल पर गडकरी ने कहा कि इसके लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि E85 की कीमत E20 से भी कम है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशियाई देशों और अमेरिका के पास काफी तेल है। ब्राजील दशकों से इथेनोल का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन वहां कोई समस्या नहीं आई है। इंडोनेशिया और थाईलैंड भी बायोफ्यूल की ओर बढ़ रहे हैं।
एक अंग्रेजी समाचार पत्र से बातचीत में गडकरी ने इथेनोल फ्यूल का समर्थन करते हुए कहा है कि इसमें उनका कोई निजी हित नहीं है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से ही वैकल्पिक ईंधन के समर्थक रहे हैं और केवल इथेनोल ही नहीं, इथेनॉल, हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक वाहनों सहित अन्य सभी प्रकार के वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देते हैं।
गडकरी बोले-झूठ फैलाया जा रहा है
गडकरी ने कहा कि मेरे परिवार के पास चीनी मिल पहले से है। वह बिजनेस मेरे बेटे चलाते हैं, जबकि इथेनोल ब्लेडिंग का प्रोग्राम पेट्रोलियम मंत्रालय चलाता है। इसलिए मेरा इसमें कोई रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बेटों के बिजनेस में इथेनोल का हिस्सा बेहद कम है और कमाई पर इसका कोई खास असर नहीं है। इस बिजनेस पर 1600 करोड़ रुपए का कर्ज भी था।
वैकल्पिक ईंधन का किया समर्थन
उन्होंने कहा कि भारत कच्चे तेल का एक बहुत बड़ा आयातक है। मैं केवल गन्ने से बनने वाले इथेनोल की वकालत नहीं करता। इसकी शुरुआत तो मक्के से हुई थी। पराली से इथेनोल बन रहा है तो बांस और चावल से भी इसे बनाया जा रहा है।



