वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार नौवीं बार लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश किया जिससे भारतीय शेयर बाजारों पर सबकी नजरें टिकी हुई थी। वहीं, बजट के दिन बाज़ारों में भारी गिरावट देखी गई, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वायदा और विकल्प शेयरों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) में वृद्धि की घोषणा की, जिससे सभी क्षेत्रों में व्यापक बिकवाली शुरू हो गई। दोपहर 12:34 बजे सेंसेक्स 1649.86 अंक गिरकर 80,619.92 पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी50 481.90 अंक गिरकर 24,838.75 पर कारोबार कर रहा था।
धातु, कमोडिटी और वित्तीय शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। खुदरा व्यापारियों और बाज़ार प्रतिभागियों ने डेरिवेटिव्स में बढ़ी हुई ट्रेडिंग लागत पर प्रतिक्रिया व्यक्त की, साथ ही आगे की बजट घोषणाओं से पहले मुनाफावसूली और सतर्कता के माहौल ने भी इसमें योगदान दिया। बाज़ार की स्थिति कमज़ोर रही और अधिकांश क्षेत्र लाल निशान में रहे। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एसटीटी में वृद्धि से ट्रेडिंग गतिविधि पर असर पड़ने की संभावना है, खासकर ऐसे समय में जब खुदरा निवेशकों की भागीदारी पहले से ही कम है।
रकार सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की सहायता के लिए मझोले (श्रेणी-दो) और छोटे (श्रेणी-तीन) शहरों में कॉरपोरेट मित्रों का एक दस्ता तैयार करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए यह घोषणा की। अपने भाषण में मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाले उपायों की सिफारिश करने के लिए ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ स्थायी समिति का गठन करेगी। ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का यह दस्ता एमएसएमई को किफायती लागत पर अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। सीतारमण ने कहा कि सरकार इस दस्ते को तैयार करने के लिए आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई जैसे पेशेवर संस्थानों को अल्पकालिक मॉड्यूल पाठ्यक्रम और व्यावहारिक टूल डिजाइन करने में सहयोग प्रदान करेगी।