AIIMS में हजारों पद खाली, सांसद जावेद ने जताई चिंता:लोकसभा में केंद्र सरकार से पूछा, कब होगी भर्ती?

किशनगंज से कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने लोकसभा सत्र के दौरान देशभर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि इतने कम स्टाफ के साथ मरीजों की बेहतर सेवा संभव नहीं है। सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने सदन को बताया कि देशभर के AIIMS में कुल 6,297 फैकल्टी पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 2,366 पद अभी भी रिक्त हैं। इसी तरह, नॉन-फैकल्टी श्रेणी में लगभग 59,000 पदों में से 17,235 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने जोर दिया कि इन रिक्तियों के कारण चिकित्सा सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ओपीडी में आते है 6,000 मरीज विशेष रूप से दिल्ली AIIMS की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए डॉ. जावेद ने बताया कि यहां रोजाना 16,000 मरीज ओपीडी में आते हैं, जबकि इमरजेंसी विभाग में प्रतिदिन 600 से 800 मरीज पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों की इतनी भारी भीड़ के बावजूद बड़ी संख्या में पद खाली होने से चिकित्सा सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। डॉ. जावेद ने स्वास्थ्य मंत्री से सीधा सवाल किया कि सरकार इन खाली पदों को कब तक भरने की योजना बना रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि पद भर्ती के दौरान आरक्षण संबंधी सरकारी दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा या नहीं। सांसद ने कहा कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टाफ की कमी एक गंभीर समस्या बन गई है और इस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। AIIMS की स्थापना के पुराने मुद्दे को उठाया इसी दौरान, सांसद ने किशनगंज जिले में AIIMS की स्थापना के पुराने मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने याद दिलाया कि किशनगंज जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए 200 एकड़ जमीन पहले ही चिह्नित की जा चुकी है। बिहार सरकार ने भी इस प्रस्ताव को केंद्र के समक्ष रखा था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। डॉ. जावेद ने मांग की कि सीमांचल के इस पिछड़े इलाके में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए AIIMS किशनगंज की स्थापना शीघ्र की जाए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली या पटना जैसे शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। सांसद ने तर्क दिया कि AIIMS पटना पहले से कार्यरत है, लेकिन किशनगंज जैसे मुस्लिम बहुल और सीमावर्ती जिले में दूसरा AIIMS स्थापित होने से पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार आएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि 200 एकड़ जमीन उपलब्ध होने के बावजूद इस प्रस्ताव को लंबित न रखा जाए।

Mar 28, 2026 - 11:22
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AIIMS में हजारों पद खाली, सांसद जावेद ने जताई चिंता:लोकसभा में केंद्र सरकार से पूछा, कब होगी भर्ती?
किशनगंज से कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने लोकसभा सत्र के दौरान देशभर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि इतने कम स्टाफ के साथ मरीजों की बेहतर सेवा संभव नहीं है। सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने सदन को बताया कि देशभर के AIIMS में कुल 6,297 फैकल्टी पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 2,366 पद अभी भी रिक्त हैं। इसी तरह, नॉन-फैकल्टी श्रेणी में लगभग 59,000 पदों में से 17,235 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने जोर दिया कि इन रिक्तियों के कारण चिकित्सा सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ओपीडी में आते है 6,000 मरीज विशेष रूप से दिल्ली AIIMS की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए डॉ. जावेद ने बताया कि यहां रोजाना 16,000 मरीज ओपीडी में आते हैं, जबकि इमरजेंसी विभाग में प्रतिदिन 600 से 800 मरीज पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों की इतनी भारी भीड़ के बावजूद बड़ी संख्या में पद खाली होने से चिकित्सा सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। डॉ. जावेद ने स्वास्थ्य मंत्री से सीधा सवाल किया कि सरकार इन खाली पदों को कब तक भरने की योजना बना रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि पद भर्ती के दौरान आरक्षण संबंधी सरकारी दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा या नहीं। सांसद ने कहा कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टाफ की कमी एक गंभीर समस्या बन गई है और इस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। AIIMS की स्थापना के पुराने मुद्दे को उठाया इसी दौरान, सांसद ने किशनगंज जिले में AIIMS की स्थापना के पुराने मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने याद दिलाया कि किशनगंज जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए 200 एकड़ जमीन पहले ही चिह्नित की जा चुकी है। बिहार सरकार ने भी इस प्रस्ताव को केंद्र के समक्ष रखा था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। डॉ. जावेद ने मांग की कि सीमांचल के इस पिछड़े इलाके में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए AIIMS किशनगंज की स्थापना शीघ्र की जाए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली या पटना जैसे शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। सांसद ने तर्क दिया कि AIIMS पटना पहले से कार्यरत है, लेकिन किशनगंज जैसे मुस्लिम बहुल और सीमावर्ती जिले में दूसरा AIIMS स्थापित होने से पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार आएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि 200 एकड़ जमीन उपलब्ध होने के बावजूद इस प्रस्ताव को लंबित न रखा जाए।