रुद्रपुर: संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी पर बेदखली नोटिस का मामला गरमाया, विस्थापन से पहले कार्रवाई न करने की उठी मांग

रुद्रपुर: संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी पर बेदखली नोटिस का मामला गरमाया, विस्थापन से पहले कार्रवाई न करने की उठी मांग

May 1, 2026 - 22:00
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रुद्रपुर: संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी पर बेदखली नोटिस का मामला गरमाया, विस्थापन से पहले कार्रवाई न करने की उठी मांग

रुद्रपुर: संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी पर बेदखली नोटिस का मामला गरमाया, विस्थापन से पहले कार्रवाई न करने की उठी मांग

पंतनगर क्षेत्र की संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी में रहने वाले सैकड़ों परिवारों को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अतिक्रमण का नोटिस दिए जाने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नोटिस से आहत कॉलोनीवासियों ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय को ज्ञापन सौंपा और प्रशासन के माध्यम से सरकार से न उजाड़े जाने की मांग की।

ज्ञापन में कॉलोनीवासियों ने बताया कि वे पिछले लगभग 60-65 वर्षों से उक्त भूमि पर निवास कर रहे हैं। यहां रहने वाले अधिकांश परिवारों के पास वोटर आईडी, राशन कार्ड, जाति एवं स्थायी निवास प्रमाण पत्र सहित विद्युत बिल जैसे सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं, जो उनके लंबे समय से निवासरत होने का प्रमाण देते हैं। उनका कहना है कि इतने वर्षों में उन्हें कभी भी किसी प्रकार का बेदखली नोटिस नहीं दिया गया, लेकिन अचानक 13 अप्रैल को पंतनगर विश्वविद्यालय के परिसंपत्ति अधिकारी द्वारा घर-घर नोटिस चस्पा कर 30 अप्रैल तक मकान खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा तक मकान खाली नहीं करने पर प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी और उसका खर्च भी निवासियों से ही वसूला जाएगा। इससे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। कॉलोनीवासियों का स्पष्ट कहना है कि वे अतिक्रमणकारी नहीं हैं और दशकों से यहां शांतिपूर्वक निवास कर रहे हैं, ऐसे में बिना पुनर्वास के उन्हें हटाना अन्यायपूर्ण होगा।

आज कलेक्ट्रेट परिसर में कॉलोनीवासियों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि मेरे रहते किसी भी सूरत में संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी को उजड़ने नहीं दिया जाएगा। यदि प्रशासन को कोई कार्रवाई करनी है तो पहले यहां के निवासियों के लिए समुचित विस्थापन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार भी वर्षों से निवास कर रहे लोगों को बिना पुनर्वास के नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने हल्द्वानी के वनभूलपुरा और बिंदुखत्ता का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी सरकार द्वारा सर्वे कर पुनर्वास और मालिकाना हक देने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जबकि पंतनगर के ये निवासी न तो वन भूमि पर हैं और न ही स्पष्ट रूप से विश्वविद्यालय की भूमि पर, बल्कि वर्षों से निष्प्रयोग्य भूमि पर बसे हुए हैं।

राजेश शुक्ला ने प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल जमीन का नहीं बल्कि सैकड़ों परिवारों के भविष्य, आशियाने और आजीविका का सवाल है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को शासन स्तर तक मजबूती से उठाएंगे और जब तक उचित समाधान नहीं निकलता, तब तक कॉलोनीवासियों के साथ खड़े रहेंगे।

इस दौरान अल्केश सिंह, सुमित कुमार, राजू ठाकुर, नींबू लाल, छोटे लाल, राज देवी, मोनू गुप्ता, फिरोज, निसार, मन्ना देवी, हरीश पाल, हरेंद्र यादव, छटू गिरी, रहीम, रईस, अनिल वर्मा, कमलेश, जहीर, रिजवाउद्दीन, सुभान, शरीफ वारसी, विवेक, वीरेंद्र, विश्वकर्मा, कुमरेश, धर्मेंद्र, फातिमा, सद्दाम, समीर, राजेश यादव, सावित्री देवी समेत हजारों लोग उपस्थित थे।