राष्ट्रीय लोक अदालत में 1607 मामलों का हुआ निपटारा:बक्सर में 9.87 करोड़ रुपए की समझौता राशि पर बनी सहमति

बक्सर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने शनिवार को वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई। इसमें सुलह-समझौते के आधार पर कुल 1607 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में 9 करोड़ 87 लाख 87 हजार 572 रुपए की समझौता राशि पर सहमति बनी। लोक अदालत का उद्घाटन जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार शुक्ला, जिला पदाधिकारी साहिला, एसडीपीओ गौरव पांडेय, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा, अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार नेहा दयाल और स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष प्रवीण कुमार श्रीनेत ने दीप जलाकर किया। इस दौरान अधिवक्ता संघ के सचिव बिंदेश्वर पांडेय, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और कार्यालय कर्मचारी भी मौजूद रहे। एक ही दिन में मामलों का निपटारा इस मौके पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार शुक्ला ने कहा कि लोक अदालत आसानी से और जल्दी न्याय दिलाने का जरिया है। इसमें किसी एक पक्ष की जीत या हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से विवाद सुलझाया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मामलों का निपटारा सुलह-समझौते से लोक अदालत में कराएं। जिला पदाधिकारी साहिला ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत को एक राष्ट्रीय त्योहार की तरह आयोजित किया जाता है। लोग अपने मुकदमों को लेकर लंबे समय तक अलग-अलग अदालतों के चक्कर लगाते रहते हैं। ऐसे में लोक अदालत के जरिए सुलह के आधार पर एक ही दिन में मामलों का निपटारा हो सकता है। बैंक से जुड़े 790 मामलों का निपटारा सचिव नेहा दयाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मकसद अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करना और लोगों को आसानी से न्याय दिलाना है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत जनता की अदालत है, जहां दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निपटारा होता है। समझौता होने के बाद अवार्ड तैयार किया जाता है, जिसकी कॉपी दोनों पक्षों को दी जाती है और एक कॉपी अदालत में सुरक्षित रखी जाती है। लोक अदालत में बैंक से जुड़े 790 मामलों का निपटारा हुआ, जिसमें 9 करोड़ 12 लाख 39 हजार 204 रुपए की समझौता राशि पर सहमति बनी। इसके अलावा 319 यातायात, 271 आपराधिक, 193 विद्युत, 28 वैवाहिक और 5 एनआई एक्ट के मामलों का भी निष्पादन किया गया। इस दौरान न्यायिक पदाधिकारी सोनेलाल रजक, कमल कुमार, मानस कुमार वत्सल, भोला सिंह, महेश्वर नाथ पांडेय, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सचिव कुमार, दिवाकर राम समेत पैनल अधिवक्ता ज्योति शंकर, धर्मेंद्र कुमार, राजीव कुमार मिश्रा, विष्णु दत्त द्विवेदी, रेणु रणविजय ओझा, राजेश कुमार, नंदजी यादव सहित अन्य मौजूद रहे।

Sep 12, 2026 - 21:47
 0
राष्ट्रीय लोक अदालत में 1607 मामलों का हुआ निपटारा:बक्सर में 9.87 करोड़ रुपए की समझौता राशि पर बनी सहमति
बक्सर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने शनिवार को वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई। इसमें सुलह-समझौते के आधार पर कुल 1607 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में 9 करोड़ 87 लाख 87 हजार 572 रुपए की समझौता राशि पर सहमति बनी। लोक अदालत का उद्घाटन जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार शुक्ला, जिला पदाधिकारी साहिला, एसडीपीओ गौरव पांडेय, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा, अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार नेहा दयाल और स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष प्रवीण कुमार श्रीनेत ने दीप जलाकर किया। इस दौरान अधिवक्ता संघ के सचिव बिंदेश्वर पांडेय, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और कार्यालय कर्मचारी भी मौजूद रहे। एक ही दिन में मामलों का निपटारा इस मौके पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार शुक्ला ने कहा कि लोक अदालत आसानी से और जल्दी न्याय दिलाने का जरिया है। इसमें किसी एक पक्ष की जीत या हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से विवाद सुलझाया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मामलों का निपटारा सुलह-समझौते से लोक अदालत में कराएं। जिला पदाधिकारी साहिला ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत को एक राष्ट्रीय त्योहार की तरह आयोजित किया जाता है। लोग अपने मुकदमों को लेकर लंबे समय तक अलग-अलग अदालतों के चक्कर लगाते रहते हैं। ऐसे में लोक अदालत के जरिए सुलह के आधार पर एक ही दिन में मामलों का निपटारा हो सकता है। बैंक से जुड़े 790 मामलों का निपटारा सचिव नेहा दयाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मकसद अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करना और लोगों को आसानी से न्याय दिलाना है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत जनता की अदालत है, जहां दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निपटारा होता है। समझौता होने के बाद अवार्ड तैयार किया जाता है, जिसकी कॉपी दोनों पक्षों को दी जाती है और एक कॉपी अदालत में सुरक्षित रखी जाती है। लोक अदालत में बैंक से जुड़े 790 मामलों का निपटारा हुआ, जिसमें 9 करोड़ 12 लाख 39 हजार 204 रुपए की समझौता राशि पर सहमति बनी। इसके अलावा 319 यातायात, 271 आपराधिक, 193 विद्युत, 28 वैवाहिक और 5 एनआई एक्ट के मामलों का भी निष्पादन किया गया। इस दौरान न्यायिक पदाधिकारी सोनेलाल रजक, कमल कुमार, मानस कुमार वत्सल, भोला सिंह, महेश्वर नाथ पांडेय, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सचिव कुमार, दिवाकर राम समेत पैनल अधिवक्ता ज्योति शंकर, धर्मेंद्र कुमार, राजीव कुमार मिश्रा, विष्णु दत्त द्विवेदी, रेणु रणविजय ओझा, राजेश कुमार, नंदजी यादव सहित अन्य मौजूद रहे।